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Solan News: बद्दी में ऑटोमैटिक पासिंग सेंटर के निर्माण में देरी पर ठेकेदार को नोटिस
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परिवहन निदेशक ने धीमी गति से काम करने पर ठेकेदार से मांगा जवाब
वर्ष 2022 में बनकर तैयार होना था पासिंग सेंटर तैयार, अभी भी बचा है 20 फीसदी कार्य
एक साथ पांच बड़े वाहन होंगे पास, प्रदेश का एकमात्र सेंटर बन रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) में बन रहा बहुप्रतीक्षित ऑटोमैटिक वाहन पासिंग सेंटर अपनी निर्धारित समय-सीमा से चार साल पीछे चल रहा है। 2020 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट, जो दो साल में पूरा होना था, अब तक 80 प्रतिशत ही कार्य पूर्ण कर पाया है। परिवहन निदेशालय ने ठेकेदार को इस विलंब के लिए नोटिस जारी किया है। बद्दी में बन रहा यह ऑटोमैटिक सेंटर हिमाचल प्रदेश का अपनी तरह का पहला सरकारी पासिंग सेंटर है। इस पर केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कुल 16.35 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसके लिए 63 बीघा जमीन विभाग के नाम की गई है। परियोजना का कार्य 2020 में शुरू हुआ था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण शुरुआती दो साल काम शुरू ही नहीं हो सका। इसके बाद, विभिन्न कारणों से काम की गति धीमी रही, जिसके परिणामस्वरूप परियोजना में चार साल की अतिरिक्त देरी हुई। उम्मीद है कि दिसंबर तक यह सेंटर चालू हो जाएगा
इनसेट
ऑटोमैटिक पासिंग सेंटर में ये होंगी सुविधाएं
यह सेंटर शुरू होने के बाद वाहन चालकों को पासिंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वाहनों की पासिंग पूरी तरह से स्वचालित मशीनों के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रक्रिया तेज और अधिक कुशल होगी। सेंटर में चार लेन होंगी, जिनमें से दो भारी वाहनों और दो हल्के वाहनों के लिए आरक्षित होंगी। बड़े वाहनों की जांच लगभग 8 मिनट में और छोटे वाहनों की 5 मिनट में पूरी हो जाएगी। यदि किसी वाहन में कोई कमी पाई जाती है, तो उसकी पुनः जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। सेंटर के चालू होते ही मैनुअल पासिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
आरटीओ नालागढ़, विपिन गुप्ता ने बताया कि बद्दी के काठा में ऑटोमैटिक पासिंग सेंटर के कार्य के धीमी गति पर निदेशालय ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। उन्होंने दिसंबर तक इसके पूरा होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि इस सरकारी सेंटर के शुरू होने के बाद मैनुअल पासिंग पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
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वर्ष 2022 में बनकर तैयार होना था पासिंग सेंटर तैयार, अभी भी बचा है 20 फीसदी कार्य
एक साथ पांच बड़े वाहन होंगे पास, प्रदेश का एकमात्र सेंटर बन रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) में बन रहा बहुप्रतीक्षित ऑटोमैटिक वाहन पासिंग सेंटर अपनी निर्धारित समय-सीमा से चार साल पीछे चल रहा है। 2020 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट, जो दो साल में पूरा होना था, अब तक 80 प्रतिशत ही कार्य पूर्ण कर पाया है। परिवहन निदेशालय ने ठेकेदार को इस विलंब के लिए नोटिस जारी किया है। बद्दी में बन रहा यह ऑटोमैटिक सेंटर हिमाचल प्रदेश का अपनी तरह का पहला सरकारी पासिंग सेंटर है। इस पर केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कुल 16.35 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसके लिए 63 बीघा जमीन विभाग के नाम की गई है। परियोजना का कार्य 2020 में शुरू हुआ था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण शुरुआती दो साल काम शुरू ही नहीं हो सका। इसके बाद, विभिन्न कारणों से काम की गति धीमी रही, जिसके परिणामस्वरूप परियोजना में चार साल की अतिरिक्त देरी हुई। उम्मीद है कि दिसंबर तक यह सेंटर चालू हो जाएगा
इनसेट
ऑटोमैटिक पासिंग सेंटर में ये होंगी सुविधाएं
यह सेंटर शुरू होने के बाद वाहन चालकों को पासिंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वाहनों की पासिंग पूरी तरह से स्वचालित मशीनों के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रक्रिया तेज और अधिक कुशल होगी। सेंटर में चार लेन होंगी, जिनमें से दो भारी वाहनों और दो हल्के वाहनों के लिए आरक्षित होंगी। बड़े वाहनों की जांच लगभग 8 मिनट में और छोटे वाहनों की 5 मिनट में पूरी हो जाएगी। यदि किसी वाहन में कोई कमी पाई जाती है, तो उसकी पुनः जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। सेंटर के चालू होते ही मैनुअल पासिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
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आरटीओ नालागढ़, विपिन गुप्ता ने बताया कि बद्दी के काठा में ऑटोमैटिक पासिंग सेंटर के कार्य के धीमी गति पर निदेशालय ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। उन्होंने दिसंबर तक इसके पूरा होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि इस सरकारी सेंटर के शुरू होने के बाद मैनुअल पासिंग पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
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