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Solan News: 117 दिन बाद गर्भगृह में विराजीं मां शूलिनी
Fri, 05 Apr 2024 11:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 05 Apr 2024 11:40 PM IST
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गर्भगृह में विराजमान मां शूलिनी। संवाद
अनुष्ठान पूर्ण होने पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन
सांगवान की लकड़ी पर कारीगरी कर बनाया गया गर्भगृह
हिमाचली शैली पर आधारित है दरबार, देखने में आर्कषक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी, मंदिर में 117 दिन बाद गर्भगृह में विराजमान हो गई हैं। इसे लेकर मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद 31 मार्च से मां शूलिनी मंदिर में अनुष्ठान शुरू हुए। गर्भगृह में रोजाना विधिवत रूप से पूजा की गई। इसके बाद शुक्रवार को अनुष्ठान पूरा होने के बाद माता गर्भगृह में विराजमान हईं। इस दौरान भक्तों की ओर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इससे माहौल पूरे दिन भक्तिमय बना रहा। मंदिर परिसर मां के जयकारों से भी गूंजता रहा।
गौर रहे कि मां शूलिनी मंदिर के गर्भगृह में जीर्णोद्धार कार्य करवाया गया है। जिला प्रशासन की ओर से माता का दरबार काफी आकर्षक बनाया गया है। हिमाचली शैली में गर्भ गृह का जीर्णोद्धार कराया गया है। मंदिर में सागवान की लकड़ी पर कारीगरी कर गर्भगृह को भव्य स्वरूप दिया गया है। इस कार्य को करने के लिए करीब चार माह से अधिक का समय लगा। कार्य होने के चलते मां गर्भगृह से बाहर मंदिर परिसर में ही रही। जहां पर भक्त मां के दर्शन के लिए भी आए। वहीं अब कार्य पूरा होने के बाद मां को गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है। मां के गर्भगृह में विराजमान होने के बाद श्रद्धालुओं ने माथा टेका और आशीर्वाद लेकर परिवार के सुख और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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सांगवान की लकड़ी पर कारीगरी कर बनाया गया गर्भगृह
हिमाचली शैली पर आधारित है दरबार, देखने में आर्कषक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी, मंदिर में 117 दिन बाद गर्भगृह में विराजमान हो गई हैं। इसे लेकर मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद 31 मार्च से मां शूलिनी मंदिर में अनुष्ठान शुरू हुए। गर्भगृह में रोजाना विधिवत रूप से पूजा की गई। इसके बाद शुक्रवार को अनुष्ठान पूरा होने के बाद माता गर्भगृह में विराजमान हईं। इस दौरान भक्तों की ओर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इससे माहौल पूरे दिन भक्तिमय बना रहा। मंदिर परिसर मां के जयकारों से भी गूंजता रहा।
गौर रहे कि मां शूलिनी मंदिर के गर्भगृह में जीर्णोद्धार कार्य करवाया गया है। जिला प्रशासन की ओर से माता का दरबार काफी आकर्षक बनाया गया है। हिमाचली शैली में गर्भ गृह का जीर्णोद्धार कराया गया है। मंदिर में सागवान की लकड़ी पर कारीगरी कर गर्भगृह को भव्य स्वरूप दिया गया है। इस कार्य को करने के लिए करीब चार माह से अधिक का समय लगा। कार्य होने के चलते मां गर्भगृह से बाहर मंदिर परिसर में ही रही। जहां पर भक्त मां के दर्शन के लिए भी आए। वहीं अब कार्य पूरा होने के बाद मां को गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है। मां के गर्भगृह में विराजमान होने के बाद श्रद्धालुओं ने माथा टेका और आशीर्वाद लेकर परिवार के सुख और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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