{"_id":"6a6c88c177a079fcdb057423","slug":"memorandum-to-chief-minister-solan-news-c-176-1-ssml1044-175341-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: फीस वृद्धि के विरोध में एबीवीपी ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: फीस वृद्धि के विरोध में एबीवीपी ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
विज्ञापन
फीस वृद्धि तुरंत वापस लेने और छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नालागढ़ इकाई ने शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय नालागढ़ के प्राचार्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में की गई भारी फीस वृद्धि को छात्र हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने और छात्र संघ चुनाव को शीघ्र बहाल करने की मांग की।
इकाई की अध्यक्ष सौम्या भंडारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से 25 से 30 प्रतिशत और नौणी विश्वविद्यालय की ओर से 50 से 60 प्रतिशत तक की गई फीस वृद्धि से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। परिषद ने सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की ताकि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। छात्र संघ चुनाव को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग भी उठाई। कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने व नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। परिषद सदैव छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है और भविष्य में भी विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी। परिषद ने प्रदेश सरकार से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नालागढ़ इकाई ने शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय नालागढ़ के प्राचार्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में की गई भारी फीस वृद्धि को छात्र हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने और छात्र संघ चुनाव को शीघ्र बहाल करने की मांग की।
इकाई की अध्यक्ष सौम्या भंडारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से 25 से 30 प्रतिशत और नौणी विश्वविद्यालय की ओर से 50 से 60 प्रतिशत तक की गई फीस वृद्धि से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। परिषद ने सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की ताकि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। छात्र संघ चुनाव को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग भी उठाई। कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने व नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। परिषद सदैव छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है और भविष्य में भी विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी। परिषद ने प्रदेश सरकार से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन