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Solan News: नालागढ़ में धूमधाम से मनाई भगवान परशुराम जयंती
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नालागढ़ में परशुराम जयंती पर हवन में भाग लेते श्रद्धालु वजारोहणस्रोत: संवाद
नौ दिवसीय श्रीराम कथा की पूर्णाहुति के बाद भंडारे का भी हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ में भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। सुबह 10 बजे परशुराम मंदिर में हवन का आयोजन किया गया, जिसमें ब्राह्मण सभा के सदस्यों के साथ-साथ नगर के अन्य लोगों ने भी आहुति देकर भाग लिया। इसके बाद मंदिर पर पारंपरिक ध्वजारोहण किया गया। कार्यक्रम के दौरान चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिन आचार्य शिव महेश्वर चंदन ने श्रीराम के अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम ने हनुमान जी को पहले अयोध्या भेजकर भरत को सूचना देने का संदेश दिया था। इसके बाद श्रीराम सीता, लक्ष्मण और अन्य साथियों के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे और राज्याभिषेक हुआ। कथा के विश्राम के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ में भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। सुबह 10 बजे परशुराम मंदिर में हवन का आयोजन किया गया, जिसमें ब्राह्मण सभा के सदस्यों के साथ-साथ नगर के अन्य लोगों ने भी आहुति देकर भाग लिया। इसके बाद मंदिर पर पारंपरिक ध्वजारोहण किया गया। कार्यक्रम के दौरान चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिन आचार्य शिव महेश्वर चंदन ने श्रीराम के अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम ने हनुमान जी को पहले अयोध्या भेजकर भरत को सूचना देने का संदेश दिया था। इसके बाद श्रीराम सीता, लक्ष्मण और अन्य साथियों के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे और राज्याभिषेक हुआ। कथा के विश्राम के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।