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बिजली सेस बढ़ाने से उद्योगों पर पड़ने लगा है असर : अर्चना त्यागी
Mon, 26 Aug 2024 11:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 26 Aug 2024 11:18 PM IST
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पहले ही विद्युत डयूटी में अत्यधिक बढ़ोतरी से पीड़ित है उद्योग जगत
मुख्यमंत्री व उद्योग मंत्री से बढ़ाए गए सेस वापस लेने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ उद्योग संघ ने प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से मांग उठाई है कि हिमाचल के उद्योग जगत को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। नालागढ़ उद्योग संघ की अध्यक्ष अर्चना त्यागी, महासचिव अनिल कुमार शर्मा व मुख्य संरक्षक राम गोपाल अग्रवाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य में उद्योग पहले से ही उच्च परिवहन लागत, एजीटी/सीजीसीआर, न्यूनतम मजदूरी की उच्च लागत के कारण अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने जनवरी से बिजली टैरिफ में 1 रुपये प्रति यूनिट की अत्यधिक वृद्धि की है। विद्युत बोर्ड के इतिहास में यह अब तक की सबसे अधिक वृद्धि है।
अर्चना त्यागी ने कहा कि सितंबर 2023 में हिमाचल सरकार ने बिजली शुल्क 11 फीसदी से बढ़ाकर 19 फीसदी कर दिया, यह शायद देश में सबसे अधिक है। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में कुछ उद्योगों ने कुछ कारणों से अपना परिचालन बंद कर दिया है और कुछ ने पलायन कर लिया। त्यागी ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री, मुख्य सचिव, उद्योग सचिव से आग्रह किया कि 1 रुपये की दर से बिजली सब्सिडी जारी रखें ताकि उद्योग जीवित रह सकें और अन्य राज्यों द्वारा उत्पन्न प्रतिस्पर्धा का सामना कर सकें।
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मुख्यमंत्री व उद्योग मंत्री से बढ़ाए गए सेस वापस लेने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ उद्योग संघ ने प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से मांग उठाई है कि हिमाचल के उद्योग जगत को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। नालागढ़ उद्योग संघ की अध्यक्ष अर्चना त्यागी, महासचिव अनिल कुमार शर्मा व मुख्य संरक्षक राम गोपाल अग्रवाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य में उद्योग पहले से ही उच्च परिवहन लागत, एजीटी/सीजीसीआर, न्यूनतम मजदूरी की उच्च लागत के कारण अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने जनवरी से बिजली टैरिफ में 1 रुपये प्रति यूनिट की अत्यधिक वृद्धि की है। विद्युत बोर्ड के इतिहास में यह अब तक की सबसे अधिक वृद्धि है।
अर्चना त्यागी ने कहा कि सितंबर 2023 में हिमाचल सरकार ने बिजली शुल्क 11 फीसदी से बढ़ाकर 19 फीसदी कर दिया, यह शायद देश में सबसे अधिक है। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में कुछ उद्योगों ने कुछ कारणों से अपना परिचालन बंद कर दिया है और कुछ ने पलायन कर लिया। त्यागी ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री, मुख्य सचिव, उद्योग सचिव से आग्रह किया कि 1 रुपये की दर से बिजली सब्सिडी जारी रखें ताकि उद्योग जीवित रह सकें और अन्य राज्यों द्वारा उत्पन्न प्रतिस्पर्धा का सामना कर सकें।
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