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हिमाचल: मशरूम खाद के अपशिष्ट से घर बनाने के लिए तैयार होंगे ब्लॉक, खुंब निदेशालय ने तकनीक पर शुरू किया काम

Sun, 19 Apr 2026 11:56 AM IST
Ankesh Dogra ललित कश्यप, सोलन।
ललित कश्यप, सोलन। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 19 Apr 2026 11:56 AM IST
सार

मशरूम खाद के अवशेषों से बिल्डिंग ब्लॉक तैयार किए जाएंगे। डीएमआर सोलन ने इस पर का शुरू कर दिया है। इन ब्लॉक्स की सबसे बड़ी खासियत इनका थर्मल इंसुलेशन है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Blocks for Building Houses to be Produced from Mushroom Compost Waste
मशरूम - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मशरूम उत्पादन के बाद बचने वाली खाद के अपशिष्ट का इस्तेमाल अब घर बनाने के लिए किया जाएगा। वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक पर काम शुरू किया है, जिससे मशरूम खाद के अवशेषों से बिल्डिंग ब्लॉक तैयार किए जाएंगे। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि गृह निर्माण के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। 

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डीएमआर सोलन ने इस पर का शुरू कर दिया है। इन ब्लॉक्स की सबसे बड़ी खासियत इनका थर्मल इंसुलेशन है। वैज्ञानिकों के अनुसार इन अवशेषों से बने ब्लॉक से तैयार घर प्राकृतिक रूप से तापमान को नियंत्रित रखेंगे। ये ब्लॉक सर्दियों के मौसम में घर के अंदर की गर्मी को बाहर नहीं जाने देंगे और गर्मियों में तपिश से राहत दिलाएंगे। इन्हें मुख्य रूप से घरों के अंदर पार्टिशन के काम में लाया जा सकेगा। वर्तमान में मशरूम खाद के अपशिष्ट को ठिकाने लगाना उत्पादकों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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भारी मात्रा में निकलने वाले इस कचरे के कारण प्रदूषण की समस्या भी पैदा हो रही थी। अब इस नई तकनीक से कचरे का सदुपयोग होगा और किसानों व उद्यमियों को इसका आर्थिक लाभ भी मिल सकेगा। वैज्ञानिकों ने इस पर काम शुरू कर दिया है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही ये ब्लॉक बाजार में उपलब्ध होंगे।  यह पहल न केवल निर्माण लागत को कम करने में सहायक होगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल घरों के निर्माण को भी बढ़ावा देगी।
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निर्माण क्षेत्र को मिलेगा नया और बेहतर विकल्प 
खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रिज लाल अत्री ने कहा कि मशरूम खाद के अपशिष्ट को ठिकाने लगाना फिलहाल एक बड़ी समस्या है। इन अपशिष्टों से ब्लॉक तैयार करने की तकनीक पर काम चल रहा है, जिससे निर्माण क्षेत्र को एक नया और बेहतर विकल्प मिलेगा।

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