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Solan News: जिले में पायरेक्सिया के मरीज बढ़े, अस्पताल में एक हफ्ते में 50 उपचाराधीन

Sat, 03 Oct 2026 11:44 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:44 PM IST
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मरीजों को 100 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो रहा बुखार
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- तेज दर्द, उल्टी और कमजोरी के दिख रहे लक्षण
- मौसम बदलने से फैला बुखार, दवाओं का स्टॉक रखने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मौसम में हो रहे बदलाव से जिले में अचानक से पायरेक्सिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। पिछले एक सप्ताह में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की मेडिसिन ओपीडी में पायरेक्सिया से पीड़ित 50 मरीजों को भर्ती किया गया है। बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों में तेज बुखार की समस्या सामने आ रही है। बुखार कई दिनों तक 100 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर रह रहा है। शरीर में तेज दर्द, उल्टी का मन, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। अस्पताल में बुखार, जुकाम और शरीर में दर्द से पीड़ित मामले बढ़ते जा रहे हैं। अस्पताल में रोजाना 150 से अधिक मरीज तेज बुखार के पहुंच रहे हैं।
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गंभीर मरीजों को वार्ड में ही उपचार के लिए दाखिल करना पड़ रहा है। पिछले एक माह में सोलन अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में पायरेक्सिया से पीड़ित 182 मरीजों को दाखिल किया गया है। कई मरीजों को ठीक होने में एक सप्ताह से भी अधिक का समय लग रहा है। यह बीमारी वायरल के माध्यम से भी तेजी से फैल रही है। इसका कारण मौसम में बदलाव के कारण सुबह और शाम के समय अधिक ठंड होना और दोपहर को तेज गर्मी लगना भी है।
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इनसेट
क्या है पायरेक्सिया की बीमारी पायरेक्सिया बुखार का वह रूप है, जिसमें मरीज के शरीर का तापमान सामान्य से काफी अधिक बढ़ जाता है। इसमें बुखार को उतरने में भी काफी अधिक समय लग सकता है। शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी भी होती है।

इनसेट
पायरेक्सिया के लक्षण व बचाव
पायरेक्सिया होने पर शरीर का तापमान 100 डिग्री सेल्सियस या इससे काफी अधिक तक बढ़ जाता है। शरीर में ठंड के साथ कंपकंपी होती है। सिर दर्द के साथ शरीर के कई हिस्सों में तेज दर्द होता है। पसीना अधिक आता है और अत्यधिक थकान, कमजोरी होती और भूख लगनी बंद हो जाती है।

इससे बचाव के लिए पानी और खाने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गंदे पानी से बचना चाहिए और ताजा भोजन ही खाना चाहिए। इसके अलावा संक्रमित मरीजों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। लक्षण दिखने पर डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए।


कोट
प्रशासन की ओर से मरीजों के लिए पूरी तैयारी की गई है। मौसम में बदलाव के कारण बीमारी तेजी से फैल रही है। सुबह और शाम के समय लोगों को ठंड से बचने की सलाह दी जा रही है। बच्चों का इस मौसम में खास ख्याल रखने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से दवाओं का भी एक्सट्रा स्टॉक मंगवाया जा रहा है।
- डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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