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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Health facilities in Dharampur Zila Parishad ward are in a bad state, with people having to travel to Solan and Shimla for treatment.

Solan News: धर्मपुर जिला परिषद वार्ड में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहाल, इलाज के लिए सोलन, शिमला के काटने पड़ रहे चक्कर

Sun, 24 May 2026 12:50 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 12:50 AM IST
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Health facilities in Dharampur Zila Parishad ward are in a bad state, with people having to travel to Solan and Shimla for treatment.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर। फोटो फोटो। मुद्दा - फोटो : 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व डिस्पेंसरियों में डॉक्टरों की कमी मरीजों पर पड़ रही भारी
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13 पंचायतों के 20 हजार लोग झेल रहे दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। जिल परिषद के धर्मपुर वार्ड में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी प्रत्याशियों ने अपना चुनाव अभियान तेज कर दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। हालांकि इस बार के चुनाव में मतदाता राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से रू-ब-रू करवा रहे हैं, जिससे चुनावी मैदान में उतरे नेताओं को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। प्रत्याशी समस्याओं का समाधान करने के वादे तो कर रहे हैं, लेकिन इस तरह के वादे हर मतदान के दौरान होते हैं और बाद में समस्याएं ज्यों के त्यों पड़ी रहती है। हालांकि अब देखना यह है कि इनमें से कौन सा प्रत्याशी कितनी समस्याओं का हल करवाता है।

धर्मपुर जिला परिषद वार्ड के तहत सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य सुविधाओं में खामियों की है। यहां पर 13 पंचायतों की करीब 20 हजार जनता के स्वास्थ्य की जांच के लिए एकमात्र बड़ा अस्पताल यहां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर है। वर्तमान में यहां डॉक्टरों का भारी अभाव है, जिसके कारण मरीजों को इलाज के लिए सोलन, शिमला या चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता है। साथ ही इसके तहत आने वाली ज्यादात्तर डिस्पेंसरियों में डॉक्टरों के पद भी रिक्त चल रहे हैं। कई जरूरी टेस्ट भी नहीं हो पाते। विधानसभा व लोकसभा चुनाव के वादे भी यहां पर अधूरे ही पड़े हैं।
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पूर्व भाजपा सरकार ने इसे 50 बिस्तरों वाला नागरिक अस्पताल बनाने की घोषणा की थी, वहीं वर्तमान सरकार ने इसे आदर्श अस्पताल का दर्जा दिया था। नियमों के अनुसार आदर्श अस्पताल में 6 से 7 डॉक्टरों की टीम तैनात होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार पिछले कई वर्षों में यहां स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने में नाकाम रही है। अब सरकार का करीब डेढ़ साल का कार्यकाल ही शेष बचा है, ऐसे में स्थानीय जनता को यहां सुविधाएं सुधरने की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही है।
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सप्ताह में एक या दो बार ही मिल रहा पानी
इसके अलावा वार्ड की सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की बनी हुई है। इसके तहत आने वाली सबसे बड़ी पंचायत धर्मपुर में लोगों को सप्ताह में महज एक या दो बार ही पानी मिल रहा है। यहां चार-चार दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में लोग इसके स्थायी समाधान की मांग भी कर रहे हैं।
स्वच्छता के नियमों की उड़ रही धज्जियां
नेशनल हाईवे पर स्थित धर्मपुर, सनवारा और जाबली पंचायतों में स्वच्छता के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अकेले धर्मपुर में ही करीब पांच स्थानों पर लोग खुले में कूड़ा-कचरा फेंक रहे हैं। हाईवे पर सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण राहगीर और स्थानीय लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। तमाम दावों के बीच, धरातल पर पानी, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव चुनावी माहौल में मुख्य मुद्दा बन चुका है, जिससे वोट मांगने निकल रहे प्रत्याशियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।


जर्जर सड़कें और बिजली कट से जनता बेहाल
धर्मपुर वार्ड के तहत आने वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का भी बुरा हाल है। हल्की सी बारिश या तूफान आते ही बिजली गुल होना यहां आम बात हो चुकी है। वहीं, वार्ड की संपर्क सड़कें कच्ची होने के कारण बरसात के मौसम में पूरी तरह बंद हो जाती हैं। सड़कों की बदहाली के कारण स्थानीय किसानों को अपनी नकदी फसलें (सब्जियां और फल) मुख्य मंडियों तक पहुंचाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
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