{"_id":"6a255cd77931819970075689","slug":"government-should-not-test-the-patience-of-pensioners-krishan-lal-solan-news-c-176-1-ssml1041-171030-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार पेंशनरों के धैर्य की परीक्षा न ले : कृष्ण लाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार पेंशनरों के धैर्य की परीक्षा न ले : कृष्ण लाल
विज्ञापन
मांगें पूरी नहीं हुईं तो जल्द होगा आंदोलन
महंगाई भत्ता, मेडिकल बिल और वित्तीय लाभ देने की मांग
कुनिहार में पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार की मासिक बैठक में प्रदेश सरकार के खिलाफ सेवानिवृत्त कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण लाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पेंशनरों की लंबित मांगों और देनदारियों के निस्तारण में हो रही देरी पर रोष जताया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण लाल ने कहा कि लगातार आश्वासनों के बावजूद पेंशनरों को जायज अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। दससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा, यह पहली सरकार है जिसने बुजुर्गों को भी सड़कों पर उतरकर अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर कर दिया है। जिस उम्र में बुजुर्गों को घर पर आराम करना चाहिए, उस उम्र में उन्हें धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करनी पड़ रही है। बढ़ती महंगाई के इस दौर में पेंशनरों को भारी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महंगाई भत्ते की सभी लंबित किस्तों का भुगतान बिना किसी देरी के तुरंत किया जाए।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की कॉम्युटेशन राशि की कटौती अवधि को 15 वर्ष से 10 वर्ष 8 माह किया जाए। कई अन्य राज्यों में यह आदेश लागू हो चुका है। हिमाचल सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। निर्धारित अवधि पूरी होने पर यह राशि मूल पेंशन में तुरंत जोड़ी जानी चाहिए। 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बुजुर्ग पेंशनरों को क्रमश: 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मूल पेंशन में जोड़ा जाए। पेंशनर्स की संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र बुलाई जाए और लंबे समय से लटके चिकित्सा प्रतिपूर्ति और मेडिकल बिलों का तुरंत भुगतान किया जाए।
विज्ञापन
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एसोसिएशन ने सरकार को दोटूक कहा कि सरकार पेंशनरों के धैर्य की परीक्षा न ले। यदि समय रहते इन लंबित मांगों और भुगतानों का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। बैठक में चेतराम भार्गव, ज्ञान जोशी, सूर्यकांत जोशी, श्यामलाल परिहार, वीरेंद्र सिंह वर्मा और राजेंद्र शर्मा सहित भारी संख्या में स्थानीय पेंशनर्स उपस्थित रहे।
विज्ञापन
महंगाई भत्ता, मेडिकल बिल और वित्तीय लाभ देने की मांग
कुनिहार में पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार की मासिक बैठक में प्रदेश सरकार के खिलाफ सेवानिवृत्त कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण लाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पेंशनरों की लंबित मांगों और देनदारियों के निस्तारण में हो रही देरी पर रोष जताया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण लाल ने कहा कि लगातार आश्वासनों के बावजूद पेंशनरों को जायज अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। दससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा, यह पहली सरकार है जिसने बुजुर्गों को भी सड़कों पर उतरकर अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर कर दिया है। जिस उम्र में बुजुर्गों को घर पर आराम करना चाहिए, उस उम्र में उन्हें धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करनी पड़ रही है। बढ़ती महंगाई के इस दौर में पेंशनरों को भारी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महंगाई भत्ते की सभी लंबित किस्तों का भुगतान बिना किसी देरी के तुरंत किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की कॉम्युटेशन राशि की कटौती अवधि को 15 वर्ष से 10 वर्ष 8 माह किया जाए। कई अन्य राज्यों में यह आदेश लागू हो चुका है। हिमाचल सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। निर्धारित अवधि पूरी होने पर यह राशि मूल पेंशन में तुरंत जोड़ी जानी चाहिए। 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बुजुर्ग पेंशनरों को क्रमश: 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मूल पेंशन में जोड़ा जाए। पेंशनर्स की संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र बुलाई जाए और लंबे समय से लटके चिकित्सा प्रतिपूर्ति और मेडिकल बिलों का तुरंत भुगतान किया जाए।
विज्ञापन
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एसोसिएशन ने सरकार को दोटूक कहा कि सरकार पेंशनरों के धैर्य की परीक्षा न ले। यदि समय रहते इन लंबित मांगों और भुगतानों का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। बैठक में चेतराम भार्गव, ज्ञान जोशी, सूर्यकांत जोशी, श्यामलाल परिहार, वीरेंद्र सिंह वर्मा और राजेंद्र शर्मा सहित भारी संख्या में स्थानीय पेंशनर्स उपस्थित रहे।