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सरकारी जमीन आवंटन के इंतकाल पर रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, साोलन
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:21 PM IST
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पंजाब के एक व्यक्ति की ओर से हिमाचल में जाली दस्तावेजों के दम पर सरकारी जमीन अलॉट करवाने के मामले में उपायुक्त सोलन ने जमीन के इंतकाल पर रोक लगा दी है। बद्दी के साथ लगते शीतलपुर गांव के ग्रामीणों की ओर से शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। आरोपी व्यक्ति ने खुद को राजस्व रिकार्ड में पुश्तैनी हिमाचली बताकर भूमिहीन होने का हवाला देते हुए शीतलपुर में तीन बिश्वा सरकारी भूमि के लिए आवेदन किया गया था।
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इसे प्रशासन की ओर से आवंटित भी कर दिया गया था। उसके बाद ग्रामीणों की ओर से जाली हस्ताक्षर का मामला उजागर करने के बाद प्रशासन ने हरकत में आते हुए इसकी जांच शुरू की। जांच का विषय यह भी है कि व्यक्ति के पंचायत रिकॉर्ड के अनुसार वह 10 सालों से हिमाचल में रह रहा है। जबकि राजस्व विभाग की ओर से आरोपी व्यक्ति की पुश्तेनी रिहाइश दिखाकर उसे हिमाचली प्रमाण-पत्र के साथ एसटी का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।
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आखिरकार आरोपी इतनी आसानी से किस प्रकार जाली दस्तावेज बनाता रहा। ग्रामीणों के विरोध के बाद ही प्रशासन की ओर से मामले में कार्रवाई की गई। मामले में बुधवार को तहसीलदार बद्दी नारायण चौहान की ओर से ग्रामीणों के बयान कलमबद्ध किए गए। इसमें भाग सिंह ने बताया कि वह पढ़ा लिखा है व स्वयं हस्ताक्षर भी कर सकता है, लेकिन आरोपी पंजाब निवासी चरणजीत ने उनके नाम पर अंगूठा लगाकर जाली हस्ताक्षर किए हैं।
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सदीक ने कहा कि वह पूरी तरह अनपढ़ है। जबकि उसके अंग्रेजी में जाली हस्ताक्षर किए गए हैं। तहसीलदार नारायण चौहान ने कहा कि हस्ताक्षरों की जांच के लिए मामला बद्दी पुलिस में दिया जाएगा। साथ ही मामले में चरणजीत सिंह को नोटिस जारी किया जाएगा। दस्तावेजों में अगर किसी तरह की खामी रही तो आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।