फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   fourlane news solan

Solan News: चक्कीमोड़ में 126 मीटर ऊपर पहाड़ को किया जाएगा सुरक्षित, इंजीनियर बना रहे प्लान

Tue, 15 Sep 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
परवाणू-शिमला फोरलेन पर ड्रोन सर्वे में हुआ था खुलासा, खिसक रहा पहाड़
विज्ञापन

तीन साल से लगातार गिर रहा मलबा, लगातार बह रहा पानी
सुरेंद्र ठाकुर
धर्मपुर (सोलन)। परवाणू-शिमला फोरलेन पर चक्कीमोड़ में पहाड़ के खिसकने की समस्या के समाधान के लिए ड्रोन सर्वे किया गया था। अब इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पहाड़ की सुरक्षा के लिए डिजाइन तैयार किया जाएगा। इंजीनियर इसमें जुट गए हैं और अब ड्राइंग तैयार करेंगे कि जिससे 126 मीटर ऊपर ही पहाड़ को सुरक्षित किया जाए। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही यह ड्राइंग तैयार कर ली जाएगी और उसी के आधार पर फिर पहाड़ को बचाने का कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं ड्रोन सर्वे में पता चला है कि फोरलेन से 126 मीटर ऊपर से पहाड़ खिसक रहा है।
एसआरएम कंपनी ने चक्कीमोड़ में पहाड़ की जांच ड्रोन सर्वे से करवाई है। कंपनी पहाड़ को सुरक्षित करने के लिए जांच में जुटी हुई है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन सर्वे से पहाड़ के ऊपर से आने वाले मलबे का पता चला है। 126 मीटर ऊपर पहाड़ से बहुत अधिक मात्रा में पानी बह रहा है, जिसे भूस्खलन का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। यह पानी पहाड़ को सुरक्षित करने में बाधा बन रहा है। फोरलेन पर आए मलबे को हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। एसआरएम कंपनी पहले भी पहाड़ पर हाइड्रोजन ग्रीन शीट और मैकमेश शीट लगाकर सुरक्षा दे चुकी थी। यह पहाड़ वर्ष 2023 में हुई भारी बरसात के बाद लगातार खिसक रहा है। अक्सर यहां पर सड़क बंद हो जाती है और पत्थर व मलबा गिरता रहता है।
विज्ञापन


इनसेट
सुरक्षा डिजाइन और निगरानी
ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर अब सुरक्षा डिजाइन तैयार किया जाएगा। इंजीनियर पहाड़ को कैसे सुरक्षित करना है, इस पर काम करेंगे। इस डिजाइन को आने में लगभग एक महीना लग सकता है। चक्कीमोड़ में यातायात सुचारु रूप से चल रहा है। एसआरएम कंपनी की ओर से 24 घंटे शिफ्टों में चक्कीमोड़ की निगरानी की जा रही है। लगभग पचास मीटर के क्षेत्र में पहाड़ से पानी आने के कारण मलबा सड़क पर आ रहा है। बरसात के बाद ड्रोन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर टीम पहाड़ को सुरक्षित करने का काम करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



इनसेट
ड्राइंग की जा रही तैयार
उधर, एसआरएम कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि ड्रोन सर्वे शुरू हो गया है। ड्रोन ने चक्कीमोड़ के दोनों पहाड़ों का सर्वे किया है। इसमें पता चला है कि यह पहाड़ करीब 126 मीटर पीछे से खिसक रहा है। ड्राइंग तैयार की जा रही है ताकि पहाड़ को सुरक्षित किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed