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Solan News: चक्कीमोड़ में फोरलेन को लेकर नहीं तैयार हुई ड्राइंग
Mon, 27 Nov 2023 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 27 Nov 2023 11:28 PM IST
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खास खबर
एक अगस्त को ढह गई थी सड़क, अस्थाई सड़क से चल रही आवाजाही
एनएचएआई ने दो माह में मरम्मत कार्य पूरा करने का किया था दावा
आगामी दिनों में बारिश के बाद फिर बढ़ सकती है एनएच पर मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्कीमोड़ में सड़क निर्माण कार्य लेकर अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ड्राइंग तैयार नहीं की है। ऐसे में सड़क के दुरुस्तीकरण का कार्य अधर में ही लटका हुआ है। सड़क का निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में चला होने से दिक्कतें आ रही है। साथ ही मिट्टी पर बनाई गई सड़क पर से हिचकोले खाते हुए वाहन निकल रहे हैं और इसे पक्का भी नहीं किया जा रहा है। वहीं आगामी दिनों में यदि बारिश होती है तो काफी परेशानी लोगों को झेलनी पड़ सकती है। इसी के साथ पहाड़ पर भी क्लाउडिंग कार्य शुरू न होने से भी मलबा और पत्थर के गिरने की संभावना बनी हुई है। वहीं अस्थायी सड़क पर वनवे ट्रैफिक के चलने से दुर्घटना होने की संभावना भी हर समय बनी रहती है।
गौर रहे कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्कीमोड़ के समीप एक अगस्त को बारिश के दौरान सड़क ढह गई थी। इसके बाद यहां से वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद हो गई। करीब एक सप्ताह के बाद यहां पर फोरलेन निर्माता कंपनी की ओर से पहाड़ से आई मिट्टी को हटाकर अस्थाई सड़क का निर्माण किया। लेकिन बीच-बीच में फिर से सड़क बंद होती रही। बरसात के निकल जाने के बाद सड़क को ठीक करने के लिए नई योजना तैयार करने के लिए एनएचआईए की ओर से कहा गया। लेकिन अभी तक सड़क के लिए कोई योजना नहीं बनी। वहीं जायका और एनएचएआई की विशेष टीम की ओर से किए गए दौरे की भी कोई रिपोर्ट नहीं आई है। इसके चलते यहां पर सड़क को किस तरह से पुन: तैयार करना है इस बारे फोरलेन कंपनी को कुछ भी नहीं पता हैं और लोगों को अभी भी डर के साये में यहां से निकलना पड़ रहा है।
इनसेट
पहाड़ पर पड़ी हैं दरारें
चक्कीमोड़ में पहाड़ पर करीब एक किलोमीटर के क्षेत्र में दरारें पड़ी हुई हैं। इससे बारिश के दिनों में यहां पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सड़क के ठीक पीछे सुरंग भी बनी है। साथ बिजली बोर्ड का एचटी लाइन टावर भी है। अगर जल्द कार्य शुरू नहीं होता है तो दिक्कत आ सकती है।
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इनसेट
दो जगहों में भी आ रही दिक्कत
चक्कीमोड़ के अलावा सनवारा टाेल से आगे और तंबूमोड़ में भी निर्माण कार्य कंपनी नहीं कर पा रही है। बताया जा रहा है कि यहां पर भी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही ड्राइंग तैयार की जानी है। इसे लेकर दिक्कतें आ रही हैं क्योंकि सभी जगह वनवे आवाजाही चल रही है। इससे दुर्घटनाओं के मामले भी सामने आ रहे हैं।
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एक अगस्त को ढह गई थी सड़क, अस्थाई सड़क से चल रही आवाजाही
एनएचएआई ने दो माह में मरम्मत कार्य पूरा करने का किया था दावा
आगामी दिनों में बारिश के बाद फिर बढ़ सकती है एनएच पर मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्कीमोड़ में सड़क निर्माण कार्य लेकर अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ड्राइंग तैयार नहीं की है। ऐसे में सड़क के दुरुस्तीकरण का कार्य अधर में ही लटका हुआ है। सड़क का निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में चला होने से दिक्कतें आ रही है। साथ ही मिट्टी पर बनाई गई सड़क पर से हिचकोले खाते हुए वाहन निकल रहे हैं और इसे पक्का भी नहीं किया जा रहा है। वहीं आगामी दिनों में यदि बारिश होती है तो काफी परेशानी लोगों को झेलनी पड़ सकती है। इसी के साथ पहाड़ पर भी क्लाउडिंग कार्य शुरू न होने से भी मलबा और पत्थर के गिरने की संभावना बनी हुई है। वहीं अस्थायी सड़क पर वनवे ट्रैफिक के चलने से दुर्घटना होने की संभावना भी हर समय बनी रहती है।
गौर रहे कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्कीमोड़ के समीप एक अगस्त को बारिश के दौरान सड़क ढह गई थी। इसके बाद यहां से वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद हो गई। करीब एक सप्ताह के बाद यहां पर फोरलेन निर्माता कंपनी की ओर से पहाड़ से आई मिट्टी को हटाकर अस्थाई सड़क का निर्माण किया। लेकिन बीच-बीच में फिर से सड़क बंद होती रही। बरसात के निकल जाने के बाद सड़क को ठीक करने के लिए नई योजना तैयार करने के लिए एनएचआईए की ओर से कहा गया। लेकिन अभी तक सड़क के लिए कोई योजना नहीं बनी। वहीं जायका और एनएचएआई की विशेष टीम की ओर से किए गए दौरे की भी कोई रिपोर्ट नहीं आई है। इसके चलते यहां पर सड़क को किस तरह से पुन: तैयार करना है इस बारे फोरलेन कंपनी को कुछ भी नहीं पता हैं और लोगों को अभी भी डर के साये में यहां से निकलना पड़ रहा है।
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पहाड़ पर पड़ी हैं दरारें
चक्कीमोड़ में पहाड़ पर करीब एक किलोमीटर के क्षेत्र में दरारें पड़ी हुई हैं। इससे बारिश के दिनों में यहां पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सड़क के ठीक पीछे सुरंग भी बनी है। साथ बिजली बोर्ड का एचटी लाइन टावर भी है। अगर जल्द कार्य शुरू नहीं होता है तो दिक्कत आ सकती है।
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दो जगहों में भी आ रही दिक्कत
चक्कीमोड़ के अलावा सनवारा टाेल से आगे और तंबूमोड़ में भी निर्माण कार्य कंपनी नहीं कर पा रही है। बताया जा रहा है कि यहां पर भी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही ड्राइंग तैयार की जानी है। इसे लेकर दिक्कतें आ रही हैं क्योंकि सभी जगह वनवे आवाजाही चल रही है। इससे दुर्घटनाओं के मामले भी सामने आ रहे हैं।