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तालाब में ऑक्सीजन की कमी से मछलियों की मौत

Sat, 05 Jun 2021 11:49 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jun 2021 11:49 PM IST
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Fish died in a pond in Parvanoo due to lack of oxygen in water
Fish died in a pond in Parvanoo due to lack of oxygen in water
परवाणू(सोलन)। परवाणू क्षेत्र के तालाब में हजारों की संख्या में मछलियों मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तालाब में ऑक्सीजन मात्रा कम हो गई थी। जानकारी मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वेटरनरी विभाग ने तालाब से पानी और मृत मछलियों के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों ने मौके पर तालाब के पानी की जांच की तो उसमें ऑक्सीजन की कमी पाई गई।
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जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह लोगों ने तालाब में बड़ी संख्या में मृत मछलियां देखीं। इसकी सूचना मिलते ही नगर परिषद परवाणू की अध्यक्ष निशा शर्मा और एनिमल एंड बर्ड्स सोसायटी परवाणू के अध्यक्ष सतीश बेरी ने मामले की जानकारी पुलिस, पशु पालन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और फायर ब्रिगेड विभाग को दी गई। जानकार लोगों की राय लेने के बाद तालाब में पानी के टैंकरों से लगभग 25 हजार लीटर पानी डाला गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ी की सहायता से पानी डालने के साथ-साथ तालाब के पानी को बदला ताकि पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ सके।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ प्रदीप मोदगिल ने बताया मौके पर लिए सैंपल की जांच में पानी में ऑक्सीजन की कमी पाई गई। उन्होंने बताया कि कुछ और टेस्ट भी किए जाने हैं जिसके लिए सैंपल लिए गए हैं। नगर परिषद परवाणू की अध्यक्ष निशा शर्मा ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। इसकी सूचना मिलते ही नगर परिषद ने राहत का काम शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि तालाब के आसपास जल्द ही सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल किए जाएंगे।
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पशुपालन विभाग से डॉ. दीपक कुमार ने भी मौके पर जाकर पानी और मछलियों के सैंपल लिए हैं जिसकी जांच के बाद ही मछलियों की मौत के कारणों से पर्दा हट पाएगा। इस मामले का एक पहलू यह भी है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर औद्योगिक इकाइयां तालाब में अपना प्रदूषित पानी गिरा जाती हैं। ये भी मछलियों की मौत का एक कारण हो सकता है।
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