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जिले के हजारों किसान घर के पास बेच सकेंगे उत्पाद
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Mon, 03 Oct 2016 11:06 PM IST
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कंडाघाट उपमंडल के वाकनाघाट में 25 लाख से निर्मित फल एवं सब्जी उपमंडी का लोकार्पण किया।
- फोटो : अमर उजाला
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कंडाघाट उपमंडल के वाकनाघाट में 25 लाख से निर्मित फल एवं सब्जी उपमंडी का लोकार्पण किया। इस मंडी के माध्यम से सोलन, कसौली, अर्की और शिमला ग्रामीण विधानसभा के लगभग 10 हजार किसान लाभान्वित होंगे। सब्जी मंडी से इन विधानसभा क्षेत्रों की 20 से अधिक पंचायतों को प्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगी। यह फल एवं सब्जी उपमंडी 6.25 बीघा भूमि पर किसानों एवं बागवानों को सुविधा उपलब्ध करवाएगी।
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किसानों की सुविधा के लिए यहां 10 दुकानें, नीलामी मंच, वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। सब्जी उपमंडी में शीघ्र ही चार शौचालय भी निर्मित होंगे। प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों को सभी प्रकार की सुविधाएं उनके घरद्वार के पास उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है।
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इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश में सर्व सुविधा संपन्न एवं फल एवं सब्जी मंडियां स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी को शारदीय नवरात्रों की बधाई देते हुए प्रदेश वासियों एवं जिला वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। एपीएमसी के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक डॉ. एचएस बावेजा, सायरी पंचायत के पूर्व प्रधान सुंदर सिंह जसवाल, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष राहुल ठाकुर और चंदन ने अपने विचार रखे।
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यहां खुलने चाहिए एकत्रिकरण केंद्र
मंत्री ने कहा कि सोलन विस के देलगी, चायल, जधाणा एवं दंगिल में फल एवं सब्जी एकत्रिकरण केंद्र स्थापित करने की जरूरत है। इससे बैमौसमी सब्जी उत्पादकों एवं पुष्प उत्पादकों को लाभ होगा। विकास एक सतत प्रक्रिया है और सरकार दलगल राजनीति से ऊपर उठकर सभी क्षेत्रों का एकसमान विकास सुनिश्चित बना रही है।
नई मंडियां होंगी स्थापित : मंगलेट
राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुभाष मंगलेट ने कहा कि सरकार सभी स्थापित फल एवं सब्जी मंडियों का सुदृढ़ीकरण तथा किसानों की मांग के अनुरूप नई मंडियां स्थापित करना सुनिश्चित बना रही है। परचून मूल्य के आधार पर आनलाइन सुविधा स्थानीय मंडियों में भी चरणबद्ध तरीके से आरंभ होगी। इस वित्त वर्ष में बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन पर 80 करोड़, विपणन यार्डों के विकास के लिए 10 करोड़ तथा राजीव गांधी सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 10 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इस वर्ष कृषि क्षेत्र पर 482 करोड़ रुपये खर्चे जा रहे हैं।