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Solan News: औद्योगिक पैकेज आने के 25 साल बाद भी नहीं बना बद्दी में बस अड्डा
Thu, 20 Aug 2026 11:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:33 PM IST
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रमन कुमार
-ग्राउंड रिपोर्ट--
प्रतिकूल मौसम में यात्रियों को होती हैं परेशानियां, धूप-बारिश में रहते हैं खड़े
बस अड्डा पक्का न होने से यात्रियों को पानी से होकर पकड़नी पड़ती है बस
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी को अभी तक बस अड्डा नसीब नहीं हो पाया है। वर्तमान में बस अड्डे के नाम पर एक टीन का शेड है जिसमें बारिश व प्रतिकूल मौसम में लोग खड़े हो सकते हैं। यहां पर बसों की पार्किंग के स्थान कच्चा होने से बारिश में यहां पर पानी जमा हो जाता है है जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां पर शौचालय की भी सुविधा नहीं है।
एचआरटीसी की बद्दी में 32 बीघा जमीन है लेकिन जमीन होने के बावजूद भी यहां पर अपना बस अड्डा नहीं है। 2009 के दशक में रेड लाइट चौक पर सड़क पर बसें खड़ी होती थीं। सवारियां लेकर यहां पर बसें रवाना हो जाती थीं। उसके बाद 2003 में औद्योगिक पैकेज आने के बाद यहां पर बीबीएनडीए ने बस अड्डे के नाम पर स्लिप रोड बना दिया था। जहां पर आधा दर्जन बसें खड़े होने की जगह थी। यह स्लिप रोड ऊपर से खुला था। प्रतिकूल मौसम में लोगों को बारिश में भीगना पड़ता था। पांच साल पहले फोरलेन का कार्य लगने से इसे भी तोड़ दिया गया। उसके बाद बालद खड्ड के किनारे ट्रक यूनियन की पार्किंग में एक साल तक यह बस अड्डा चला लेकिन यहां पर लाइट व शौचालय की व्यवस्था न होने से यात्री परेशान हैं। बद्दी से एक किमी की दूरी पर होने से लोगों को ऑटो करके यहां पर पहुंचना पड़ता था। एक साल के बाद पिछले दो साल से बस अड्डा ट्रक यूनियन के पीछे एचआरटीसी की जमीन पर चल रहा है। यहां पर एक छोटा से शेड है। और बारिश में यह अड्डा पानी से भर जाता है। जिससे लोगों को बस पकड़ने में परेशानी होती है।
इनसेट
बद्दी निवासी रमन कुमार ने बताया कि प्रदेश में सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व बद्दी से जाता है लेकिन यहां पर बस अड्डा न होना एक हैरानी वाली बात है। यहां पर देश भर के लोग रहते हैं और अधिकांश लोग बसों से सफर करते हैं और प्रतिकूल मौसम में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
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इनसेट
बद्दी निवासी पंकज ठाकुर ने बताया कि बस अड्डे के नाम पर एक शेड है। जिसमें लोग धूप व बारिश में खड़े हो सकते हैं। बस को खड़ा करने के लिए जगह कच्ची है। बारिश आने पर यहां कीचड़ हो जाता है जिससे यात्रियों को बस पकड़ने में दिक्कत होती है।
इनसेट
हरबंस राणा ने कहा कि केंद्र सरकार ने बद्दी के लिए एक मॉडल बस स्टैंड खोलने की घोषणा की थी, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने पर यह योजना बंद हो गई है। जिससे लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अभी तक उसके बाद यहां पर अड्डा नहीं बन पाया।
इनसेट
पहले एचआरटीसी की ओर से अड्डा बन रहा था लेकिन अब यहां पर हिमुडा अड्डा बना रहा है। वहीं हिमुडा के सहायक अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि हिमुडा के नाम जमीन हो गई है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - अखिल अग्निहोत्री, क्षेत्रीय प्रबंधक, सचआरटीसी
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प्रतिकूल मौसम में यात्रियों को होती हैं परेशानियां, धूप-बारिश में रहते हैं खड़े
बस अड्डा पक्का न होने से यात्रियों को पानी से होकर पकड़नी पड़ती है बस
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी को अभी तक बस अड्डा नसीब नहीं हो पाया है। वर्तमान में बस अड्डे के नाम पर एक टीन का शेड है जिसमें बारिश व प्रतिकूल मौसम में लोग खड़े हो सकते हैं। यहां पर बसों की पार्किंग के स्थान कच्चा होने से बारिश में यहां पर पानी जमा हो जाता है है जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां पर शौचालय की भी सुविधा नहीं है।
एचआरटीसी की बद्दी में 32 बीघा जमीन है लेकिन जमीन होने के बावजूद भी यहां पर अपना बस अड्डा नहीं है। 2009 के दशक में रेड लाइट चौक पर सड़क पर बसें खड़ी होती थीं। सवारियां लेकर यहां पर बसें रवाना हो जाती थीं। उसके बाद 2003 में औद्योगिक पैकेज आने के बाद यहां पर बीबीएनडीए ने बस अड्डे के नाम पर स्लिप रोड बना दिया था। जहां पर आधा दर्जन बसें खड़े होने की जगह थी। यह स्लिप रोड ऊपर से खुला था। प्रतिकूल मौसम में लोगों को बारिश में भीगना पड़ता था। पांच साल पहले फोरलेन का कार्य लगने से इसे भी तोड़ दिया गया। उसके बाद बालद खड्ड के किनारे ट्रक यूनियन की पार्किंग में एक साल तक यह बस अड्डा चला लेकिन यहां पर लाइट व शौचालय की व्यवस्था न होने से यात्री परेशान हैं। बद्दी से एक किमी की दूरी पर होने से लोगों को ऑटो करके यहां पर पहुंचना पड़ता था। एक साल के बाद पिछले दो साल से बस अड्डा ट्रक यूनियन के पीछे एचआरटीसी की जमीन पर चल रहा है। यहां पर एक छोटा से शेड है। और बारिश में यह अड्डा पानी से भर जाता है। जिससे लोगों को बस पकड़ने में परेशानी होती है।
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बद्दी निवासी रमन कुमार ने बताया कि प्रदेश में सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व बद्दी से जाता है लेकिन यहां पर बस अड्डा न होना एक हैरानी वाली बात है। यहां पर देश भर के लोग रहते हैं और अधिकांश लोग बसों से सफर करते हैं और प्रतिकूल मौसम में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
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बद्दी निवासी पंकज ठाकुर ने बताया कि बस अड्डे के नाम पर एक शेड है। जिसमें लोग धूप व बारिश में खड़े हो सकते हैं। बस को खड़ा करने के लिए जगह कच्ची है। बारिश आने पर यहां कीचड़ हो जाता है जिससे यात्रियों को बस पकड़ने में दिक्कत होती है।
इनसेट
हरबंस राणा ने कहा कि केंद्र सरकार ने बद्दी के लिए एक मॉडल बस स्टैंड खोलने की घोषणा की थी, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने पर यह योजना बंद हो गई है। जिससे लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अभी तक उसके बाद यहां पर अड्डा नहीं बन पाया।
इनसेट
पहले एचआरटीसी की ओर से अड्डा बन रहा था लेकिन अब यहां पर हिमुडा अड्डा बना रहा है। वहीं हिमुडा के सहायक अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि हिमुडा के नाम जमीन हो गई है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - अखिल अग्निहोत्री, क्षेत्रीय प्रबंधक, सचआरटीसी

रमन कुमार

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