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Solan News: प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर, तीन प्रमुख लक्ष्यों पर फोकस
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प्रारंभिक शिक्षा खंड अर्की में आयोजित संयुक्त बैठक के दौरान मौजदू पदाधिकारी व अन्य। स्रोत : खं
निपुण भारत मिशन, मिशन व्हाइट अंब्रेला और ग्रीन स्कूल अभियान को लेकर शिक्षा अधिकारियों ने बनाई रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। प्रारंभिक शिक्षा खंड अर्की और शिक्षा खंड धुंदन के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और शिक्षण संस्थानों को हर स्तर पर सुदृढ़ करना है। जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सोलन राजकुमार पराशर ने बताया कि शिक्षा विभाग इस शैक्षणिक सत्र में तीन मुख्य लक्ष्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसमें राष्ट्रीय निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को दक्ष बनाना शिक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू किए गए राष्ट्रीय निपुण भारत मिशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर बच्चा कक्षा तीसरी तक बुनियादी रूप से पढ़ना, लिखना और गणित के सरल सवालों को हल करना सीख जाए। इस वर्ष विभाग का लक्ष्य 9 वर्ष तक की आयु वाले पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को पढ़ाई में विशेष रूप से निपुण बनाना है।
मिशन अंब्रेला का चरणबद्ध क्रियान्वयन
बैठक में बताया गया कि मिशन व्हाइट अंब्रेला के तहत जिले के हर स्कूल में चरणबद्ध तरीके से पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इस प्रक्रिया को 30 से 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। सोलन जिले के 72 प्राइमरी स्कूलों में यह प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है, जिसकी साप्ताहिक रिपोर्ट केंद्र मुख्य अध्यापक के माध्यम से एकत्रित की जाएगी।
प्राइमरी स्कूलों को ग्रीन स्कूल बनाना
शिक्षा विभाग का तीसरा बड़ा लक्ष्य प्राथमिक स्कूलों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना और ग्रीन स्कूल संकल्पना को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में प्राइमरी स्कूलों की इसमें भागीदारी काफी कम है, जिसे इस वर्ष बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। पराशर ने बताया कि सोलन जिले के प्राइमरी स्कूल जलाणा को पहले ही ग्रीन स्कूल का दर्जा मिल चुका है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए इस साल ज्यादा से ज्यादा स्कूलों को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। प्रारंभिक शिक्षा खंड अर्की और शिक्षा खंड धुंदन के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और शिक्षण संस्थानों को हर स्तर पर सुदृढ़ करना है। जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सोलन राजकुमार पराशर ने बताया कि शिक्षा विभाग इस शैक्षणिक सत्र में तीन मुख्य लक्ष्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसमें राष्ट्रीय निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को दक्ष बनाना शिक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू किए गए राष्ट्रीय निपुण भारत मिशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर बच्चा कक्षा तीसरी तक बुनियादी रूप से पढ़ना, लिखना और गणित के सरल सवालों को हल करना सीख जाए। इस वर्ष विभाग का लक्ष्य 9 वर्ष तक की आयु वाले पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को पढ़ाई में विशेष रूप से निपुण बनाना है।
मिशन अंब्रेला का चरणबद्ध क्रियान्वयन
बैठक में बताया गया कि मिशन व्हाइट अंब्रेला के तहत जिले के हर स्कूल में चरणबद्ध तरीके से पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इस प्रक्रिया को 30 से 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। सोलन जिले के 72 प्राइमरी स्कूलों में यह प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है, जिसकी साप्ताहिक रिपोर्ट केंद्र मुख्य अध्यापक के माध्यम से एकत्रित की जाएगी।
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प्राइमरी स्कूलों को ग्रीन स्कूल बनाना
शिक्षा विभाग का तीसरा बड़ा लक्ष्य प्राथमिक स्कूलों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना और ग्रीन स्कूल संकल्पना को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में प्राइमरी स्कूलों की इसमें भागीदारी काफी कम है, जिसे इस वर्ष बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। पराशर ने बताया कि सोलन जिले के प्राइमरी स्कूल जलाणा को पहले ही ग्रीन स्कूल का दर्जा मिल चुका है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए इस साल ज्यादा से ज्यादा स्कूलों को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य है।
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