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Solan News: लहसुन की अधिक पैदावार से 25 रुपये प्रति किलो गिरे दाम
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सोलन सब्जी मंडी से अभी तक 5,500 क्विटंल लहसुन तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में भेजा
औषधीय गुणों से भरपूर लहसुन की दक्षिण भारत में अधिक मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। लहसुन की अधिक पैदावार से इसके दाम गिरने भी शुरू हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह में लहसुन के दाम 25 रुपये तक गिर गए हैं। इसमें अब बेहतर किस्म का लहसुन 100, मीडियम 60 और गोली आकार का लहसुन 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। हालांकि अभी सिर्फ जिला सोलन का लहसुन ही मंडी में पहुंच रहा है। आने वाले दिनों में जिला सिरमौर और कुल्लू से भी लहसुन की खेप मंडी पहुंचेगी। जानकारी के अनुसार औषधीय गुणों से भरपूर हिमाचल के लहसुन की मांग तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में अधिक रहती हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि हिमाचल में लहसुन जैविक खेती कर तैयार किया जाता है। जबकि अन्य राज्यों में लहसुन में कीटनाशक दवाओं का अधिक छिड़काव किया जाता है। दक्षिण भारत में लोग लहसुन का अधिक सेवन करते हैं। इसके साथ यहां पर लहसुन से संबंधित प्रोसेसिंग यूनिट भी हैं, जिनमें आचार, गार्लिक पेस्ट, समेत कई जगहों पर उपयोग किया जाता है। इस कारण यहां पर हिमाचल के लहसुन की अधिक मांग रहती है। सोलन मंडी से अभी तक 5,500 क्विटंल लहसुन तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों को भेजा जा चुका हैं। इससे करीब 65 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। उधर, सब्जी मंडी सोलन के सचिव अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि सब्जी मंडी में अभी स्थानीय लहसुन ही पहुंच रहा है। इस बार पैदावार अधिक बताई जा रही है। इससे दामों में कमी आ रही है। आने वाले दिनों में सिरमौर और कुल्लू से भी लहसुन पहुंचना शुरू हो जाएगा। हालांकि अब कुछ समय तक दामों स्थिर रहने की उम्मीद है।
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औषधीय गुणों से भरपूर लहसुन की दक्षिण भारत में अधिक मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। लहसुन की अधिक पैदावार से इसके दाम गिरने भी शुरू हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह में लहसुन के दाम 25 रुपये तक गिर गए हैं। इसमें अब बेहतर किस्म का लहसुन 100, मीडियम 60 और गोली आकार का लहसुन 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। हालांकि अभी सिर्फ जिला सोलन का लहसुन ही मंडी में पहुंच रहा है। आने वाले दिनों में जिला सिरमौर और कुल्लू से भी लहसुन की खेप मंडी पहुंचेगी। जानकारी के अनुसार औषधीय गुणों से भरपूर हिमाचल के लहसुन की मांग तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में अधिक रहती हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि हिमाचल में लहसुन जैविक खेती कर तैयार किया जाता है। जबकि अन्य राज्यों में लहसुन में कीटनाशक दवाओं का अधिक छिड़काव किया जाता है। दक्षिण भारत में लोग लहसुन का अधिक सेवन करते हैं। इसके साथ यहां पर लहसुन से संबंधित प्रोसेसिंग यूनिट भी हैं, जिनमें आचार, गार्लिक पेस्ट, समेत कई जगहों पर उपयोग किया जाता है। इस कारण यहां पर हिमाचल के लहसुन की अधिक मांग रहती है। सोलन मंडी से अभी तक 5,500 क्विटंल लहसुन तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों को भेजा जा चुका हैं। इससे करीब 65 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। उधर, सब्जी मंडी सोलन के सचिव अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि सब्जी मंडी में अभी स्थानीय लहसुन ही पहुंच रहा है। इस बार पैदावार अधिक बताई जा रही है। इससे दामों में कमी आ रही है। आने वाले दिनों में सिरमौर और कुल्लू से भी लहसुन पहुंचना शुरू हो जाएगा। हालांकि अब कुछ समय तक दामों स्थिर रहने की उम्मीद है।