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Solan News: डिग्री कॉलेज सोलन में भारतीय ज्ञान परंपरा पर की चर्चा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। डिग्री कॉलेज में आयोजित शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ) अनुसंधान पद्धति और नवचारी शिक्षण उपकरणों का उपयोग के पर चर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली ने की। शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान पद्धति और नवचारी शिक्षण उपकरणों का उपयोग के उभरते रुझान पर चल रहे संकाय विकास कार्यक्रम का चौथा दिन भारतीय ज्ञान परंपरा के नाम रहा। इसमें संसाधन व्यक्ति के रूप में कॉलेज प्राचार्या ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रतिभागियों से साझा किए। जनजातीय समूहों का ज्ञान, देव संस्कृति, पारंपरिक वास्तुकला, लोक नृत्य, खेल, हस्तशिल्प, हथकरघा, विभिन्न व्यंजन और जीआई टैगिंग चर्चा में मुख्य विषय रहे। उन्होंने नई पीढ़ी की भारतीय ज्ञान परंपरा में घटती रुचि पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने प्रतिभागियों से संतुलित विकास प्राप्त करने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और पोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान प्रतिभागियों से किया। दिन के दूसरे सत्र में संसाधन व्यक्ति के रूप में भारती शर्मा ने भारतीय ज्ञान परंपरा की इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के विषय क्षेत्र और उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान प्रणाली को एकीकृत करना और इसके क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख चुनौतियों से प्रतिभागियों को अवगत करवाया।
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सोलन। डिग्री कॉलेज में आयोजित शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ) अनुसंधान पद्धति और नवचारी शिक्षण उपकरणों का उपयोग के पर चर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली ने की। शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान पद्धति और नवचारी शिक्षण उपकरणों का उपयोग के उभरते रुझान पर चल रहे संकाय विकास कार्यक्रम का चौथा दिन भारतीय ज्ञान परंपरा के नाम रहा। इसमें संसाधन व्यक्ति के रूप में कॉलेज प्राचार्या ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रतिभागियों से साझा किए। जनजातीय समूहों का ज्ञान, देव संस्कृति, पारंपरिक वास्तुकला, लोक नृत्य, खेल, हस्तशिल्प, हथकरघा, विभिन्न व्यंजन और जीआई टैगिंग चर्चा में मुख्य विषय रहे। उन्होंने नई पीढ़ी की भारतीय ज्ञान परंपरा में घटती रुचि पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने प्रतिभागियों से संतुलित विकास प्राप्त करने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और पोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान प्रतिभागियों से किया। दिन के दूसरे सत्र में संसाधन व्यक्ति के रूप में भारती शर्मा ने भारतीय ज्ञान परंपरा की इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के विषय क्षेत्र और उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान प्रणाली को एकीकृत करना और इसके क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख चुनौतियों से प्रतिभागियों को अवगत करवाया।