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Solan News: डायरिया मामलों में नहीं आई गिरावट, 12 आए नए मामले
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अस्पताल में चल रहा तीन लोगों का उपचार
टकसाल क्षेत्र के हैं सबसे अधिक डायरिया के मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक शहर में डायरिया के मामलों में कमी नहीं आ रही है। शनिवार को भी ईएसआई अस्पताल में 12 लोग डायरिया से पीड़ित निकले हैं। इनमें तीन मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। अब परवाणू में डायरिया का आंकड़ा 718 पहुंच गया है।
अभी तक परवाणू क्षेत्र सेक्टर एक से लगभग 114, सेक्टर दो से 76, सेक्टर तीन से 33, सेक्टर चार से 87, सेक्टर पांच से 25 और सेक्टर छह से 39 मामले आए हैं। जबकि टकसाल से 157, मसूलखाना से 12, कोटी से आठ मामले आए हैं। वहीं हरियाणा के कालका से भी ईएसआई अस्पताल में डायरिया का उपचार करवाने लोग पहुंचे हैं। ऐसे करीब 57 मामले हैं जिन्होंने परवाणू में उपचार करवाया है। बताया जा रहा है कि कालका के लोग परवाणू में कार्य करने के लिए रोजाना आवाजाही करते हैं।
गौर रहे कि परवाणू प्रदेश का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पर प्रदेश के लोग तो कामकाज के लिए आते ही है। बल्कि साथ लगते हरियाणा के कालका, पिंजौर, कोटी, मसूलखाना और अन्य जगहों से भी रोजाना हजारों कामगार आते हैं। शहर के उद्योगों में भी हिमुडा और टैंकरों के माध्यम से सप्लाई की जाती है। लेकिन आज तक किसी भी उद्योग से पानी का सैंपल नहीं भरा गया है। परवाणू में डायरिया के प्रकोप को फैले हुए लगभग एक महीना बीत चुका हैं परंतु प्रशासन के हाथ कोई ऐसा प्वाइंट नहीं लगा है जहां से पानी में कुछ मिल रहा हो। उधर, ईएसआई अस्पताल की कार्यकारी अधिकारी डॉ. ज्योति कपिल ने बताया कि शनिवार को डायरिया सेे 12 लोग पीडि़त हुए हैं। तीन का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
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टकसाल क्षेत्र के हैं सबसे अधिक डायरिया के मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक शहर में डायरिया के मामलों में कमी नहीं आ रही है। शनिवार को भी ईएसआई अस्पताल में 12 लोग डायरिया से पीड़ित निकले हैं। इनमें तीन मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। अब परवाणू में डायरिया का आंकड़ा 718 पहुंच गया है।
अभी तक परवाणू क्षेत्र सेक्टर एक से लगभग 114, सेक्टर दो से 76, सेक्टर तीन से 33, सेक्टर चार से 87, सेक्टर पांच से 25 और सेक्टर छह से 39 मामले आए हैं। जबकि टकसाल से 157, मसूलखाना से 12, कोटी से आठ मामले आए हैं। वहीं हरियाणा के कालका से भी ईएसआई अस्पताल में डायरिया का उपचार करवाने लोग पहुंचे हैं। ऐसे करीब 57 मामले हैं जिन्होंने परवाणू में उपचार करवाया है। बताया जा रहा है कि कालका के लोग परवाणू में कार्य करने के लिए रोजाना आवाजाही करते हैं।
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गौर रहे कि परवाणू प्रदेश का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पर प्रदेश के लोग तो कामकाज के लिए आते ही है। बल्कि साथ लगते हरियाणा के कालका, पिंजौर, कोटी, मसूलखाना और अन्य जगहों से भी रोजाना हजारों कामगार आते हैं। शहर के उद्योगों में भी हिमुडा और टैंकरों के माध्यम से सप्लाई की जाती है। लेकिन आज तक किसी भी उद्योग से पानी का सैंपल नहीं भरा गया है। परवाणू में डायरिया के प्रकोप को फैले हुए लगभग एक महीना बीत चुका हैं परंतु प्रशासन के हाथ कोई ऐसा प्वाइंट नहीं लगा है जहां से पानी में कुछ मिल रहा हो। उधर, ईएसआई अस्पताल की कार्यकारी अधिकारी डॉ. ज्योति कपिल ने बताया कि शनिवार को डायरिया सेे 12 लोग पीडि़त हुए हैं। तीन का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
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