22 वर्षीय युवती की मौत का जिम्मेवार कौन?
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सोलन-शिल्ली वाया शूलिनी मंदिर मार्ग पर उपायुक्त निवास के समीप एक दो मंजिला मकान में वीरवार को आगजनी की घटना ने सरकारी तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। आखिरकार 22 वर्षीय युवती मोना की मौत का जिम्मेवार कौन है? शहर से करीब दो किमी दूर खुंडीधार व अन्य जगहों से फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल की तरफ रवाना तो हुई, लेकिन शहर का जाम मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ा। हैरत है कि जब किसी तरह दमकल विभाग मौके पर पहुंचा तो फायर हाईड्रेंट में पानी न होने के चलते आगजनी पर काबू पाना कठिन हो गया और युवती ने आग में अपने कमरे के दरवाजे पर तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। उधर, स्थानीय लोगों में हिलोपा महासचिव डॉ. डीएस गुलेरिया ने कहा कि आगजनी के निपटने के इंतजाम बेहतर होने चाहिए। उन्होंने मामले में उच्च स्तर की जांच मांगी है। साथ ही प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है। व्यापार मंडल के प्रवक्ता मुकेश गुप्ता ने कहा कि जाम के कारण दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सके। इससे एक मासूम की जान चली गई। हाईड्रेंट में पानी न होना और आपातकाल के वक्त ट्रैफिक व्यवस्थित न करने पर जांच की मांग उठाई। साथ ही व्यवस्था सुधारने की गुहार लगाई है।
1- जाम : फायर ऑफिसर हेमराज ने बताया कि पंचपरमेश्वर के पास आगजनी की सूचना पर दो दमकल वाहन भेजे गए थे। जब उपायुक्त निवास के समीप आगजनी की सूचना मिली तो वाहनों को वापस लौटाया गया। लेकिन, रास्ते में जाम के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां फंस गईं। काफी मशक्कत के बाद वाहन घटनास्थल पर पहुंचे।
2 हाईड्रेंट में नहीं था पानी : दमकल विभाग के मुताबिक आग बुझाने के लिए चार फायर हाईड्रेंट लगा गए थे। पानी खत्म होने के बाद जब सिटी चौकी के पास वाले हाईड्रेंट से पानी निकालना चाहा तो वह सूखा पड़ा था। पता चला कि लाइन की मरम्मत के चलते पाइप कटी है। फायर ब्रिगेड के मुताबिक जब पानी के लिए हाथ पांव मारे तो सूचना मिली की पानी कॉलेज रोड के पास स्थित हाईड्रेंट में है। हालांकि बाद में टैंक रोड पर भी पानी होने की सूचना मिली। लेकिन, इस अव्यवस्था में आग अपना विकराल रूप ले चुकी थी।
शहर के ऐतिहासिक ठोडो ग्राउंड के पास बन रहा दमकल विभाग का भवन तय समय से लेट है। मई, 2015 में इसे अग्निशमन विभाग के सुपुर्द किया जाना है। लेकिन, लोनिवि की अफसरशाही की कोताही देखिए यह निर्माण अभी तक अधूरा है। चिंताजनक यह है निर्माण पूरा न होने के चलते दमकल विभाग की सभी गाड़ियां शहर से दो किमी दूर खड़ी हैं। ऐसे में यदि शहर में आगजनी जैसी आपदा होता है, तो लापरवाही के चलते भारी तबाही मच सकती है। मुख्य स्थान माल रोड, अपर बाजार या गंज बाजार में आग लगती है तो फायर ब्रिगेड को दो किमी दूर का सफर करके दो गुणा या इससे अधिक समय लगाकर स्पॉट तक पहुंचना पड़ेगा। अमर उजाला ने इस संबंध में 8 दिसंबर को इससे अवगत करवाया था।
दमकल विभाग के सूत्रों की मानें तो मार्च में भवन को हैंडओवर करने की तैयार चल रही है। तब तक सोलन से दो किमी दूर खुंडीधार में ही वाहन खड़ा करना मजबूरी है। इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन, दमकल भवन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। यहां स्टाफ के अलावा सभी प्रकार कीर बड़ी गाडिय़ां खड़ी करने की व्यवस्था भी होनी हैं।
4500-4500 लीटर वाले दो फायर टैंडर शहर से दूर खुंडीधार के पास खड़े हैं। जबकि 1 तीन हजार लीटर की क्षमता वाला मिनी वाटर टैंडर है। हैरत है कि क्यूआरवी (क्विक रिस्पांस व्हीकल) भी खुंडीधार में खड़ा है। लिहाजा अगर शहर के मुख्य स्थानों में आग लगती है तो सभी वाहन खुंडीधार से मंगवाए जाएंगे। यदि हादसा दोपहर को होता है तो जाम के कारण स्थिति अधिक पेचीदा हो सकती है।
तहसीलदार जेसी चौहान ने बताया कि आगजनी से प्रभावितों को फौरी राहत के तौर पर 15 हजार की नकद राशि और 25 हजार रुपये घर के सामान के लिए दिए हैं। आग में मारी गई युवती मोना के परिवार को प्रशासन की ओर से राहत के तौर पर 4 लाख रुपये राशि देने की घोषणा की गई है। हादसे में बेघर हुए लोगों और उनके परिवार को प्रशासन द्वारा धर्मशाला में ठहराने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन द्वारा पीड़ितों को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया गया है।