{"_id":"1dde171a3e80713a77f06e839febdb4b","slug":"fire-in-industry-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना फायर एनओसी के गत्ता उद्योग में लगी आग ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बिना फायर एनओसी के गत्ता उद्योग में लगी आग
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी/भुड्ड (सोलन)
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बद्दी के हरायपुर गांव में स्थित एक गत्ता उद्योग में लगी आग से लाखों का नुकसान हुआ है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बद्दी व नालागढ़ की फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर 9 घंटे में आग पर काबू पाया और करोड़ों की मशीनरी को सुरक्षित बचाया। हादसे के समय प्रोडक्शन नहीं हो रहा था। लिहाजा कोई भी वर्कर उद्योग में मौजूद नहीं था। अगर दिन में हादसा होता तो स्थिति भयावह हो सकती थी। मिली जानकारी के मुताबिक आग बुधवार मध्य रात्रि साढ़े 11 बजे लगी। उस समय फैक्टरी बंद थी। फैक्टरी के परिसर में आवासीय कमरों में रहने वाले कामगारों ने आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन, जब आग पर काबू पाना कठिन हो गया तो उन्होंने फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सूचना मिलते ही बद्दी से तीन व नालागढ़ से दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। फायर ऑफिसर किशोर कुमार ने बताया कि सुबह 8 बजे आग पर काबू पाया गया। आग से 15 लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ है। किशोर कुमार के अनुसार कंपनी में न तो फायर एनओसी थी और न ही फायर सेफ्टी के उपकरण। इससे उन्हें आग बुझाने में काफी परेशानी हुई। पानी न होने से उन्हें बाहर से पानी मंगवाना पड़ा। इससे आग बुझाने में अधिक समय लगा। प्लांट की मशीनरी व अन्य सामान को सुरक्षित बचा लिया गया। फायर एनओसी दमकल विभाग द्वारा उद्योग प्रबंधन को दी जाती है। इसमें फायर हाइड्रेंट, उपकरण और फैक्ट्री तक आने के लिए गाड़ी का रास्ता एवं उद्योगों में आग की घटना से निपटने के लिए फायर वाटर टैंक का होना लाजमी होता है। बिना फायर एनओसी के उद्योगों का संचालन नहीं किया जा सकता। लेकिन, बद्दी में इसके बावजूद कई ऐसे उद्योग हैं, जो एनओसी नहीं लेते हैं।
विज्ञापन