{"_id":"5c681fe3bdec22271f342b7b","slug":"171550327779-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामलोक मंदिर से सुरक्षाकर्मी हटाने का आदेश, पुलिस अधीक्षक ने जारी किए आदेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रामलोक मंदिर से सुरक्षाकर्मी हटाने का आदेश, पुलिस अधीक्षक ने जारी किए आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौने दो साल बाद रामलोक मंदिर से हटाई गई सुरक्षा
पुलिस अधीक्षक ने जारी किए आदेश, 26 अप्रैल 2017 को हुए विवाद के बाद हुई थी तैनाती
मंदिर और मुख्य पुजारी की सुरक्षा में पिछले पौने दो साल से तैनात हैं सुरक्षाकर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। रूड़ा का रामलोक मंदिर एक बार फिर चर्चा में है। यहां पिछले करीब पौने दो साल से तैनात सुरक्षा कर्मियों को वापस बुलाने के आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सोलन ने सुरक्षा की समीक्षा के बाद ये आदेश दिया गया है। रूड़ा के रामलोक मंदिर में पांच मई 2017 से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। आधा दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मी मंदिर में तैनात किए थे। अब नए आदेश में सिर्फ एक ही सुरक्षाकर्मी को मंदिर में रखने का फैसला किया गया है। 26 अप्रैल 2017 को रूड़ा के रामलोक मंदिर में विवाद हो गया था। इससे पहले मंदिर के मुख्य पुजारी व एक महिला के बीच झड़प भी हुई थी। इसके बाद 22 पंचायतों के ग्रामीण भारी संख्या में मंदिर पहुंच गए थे। इसे देखते हुए मई माह में मंदिर को सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर दिया गया था। भारी संख्या में पुलिस कर्मचारी मंदिर में लगाए गए। इसके बाद से सुरक्षाकर्मियों की संख्या में कटौती होती रही। मंदिर में करोड़ों रुपये की अष्टधातु से बनी मूर्तियां स्थापित हैं। मुख्य पुजारी अमरदास पहले ही कोर्ट से सुरक्षा की मांग कर चुके हैं। पिछले दिनों तहसीलदार कंडाघाट के मंदिर के अधिग्रहण को लेकर सुनाए फैसले के बाद ग्रामीणों ने एक बैठक कर मंदिर को जल्द से जल्द प्रशासन के हवाले करने की बात कही थी। हालांकि यह मामला बाद में एसडीएम कंडाघाट के पास चला गया।
सुरक्षा रिव्यू करने के बाद लिया निर्णय : एसपी
पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा का कहना है कि रूड़ा में रामलोक मंदिर और पुजारी अमरदास की सुरक्षा को रिव्यू करने के बाद निर्णय लिया गया है। सभी सुरक्षाकर्मी नहीं हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षाकर्मी मंदिर में तैनात रहेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को समय-समय पर रिव्यू किया जाता है। उसके आधार पर ही निर्णय लिए जाते हैं।
मंदिर से सुरक्षाकर्मी हटाना दुर्भाग्यपूर्ण : बावा अमरदास
रामलोक मंदिर के मुख्य पुजारी अमरदास का कहना है कि मंदिर से सुरक्षा कर्मियों को हटाने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। मंदिर में हर समय हमले का खतरा बना रहता है। पहले भी कई बार हमले का प्रयास हो चुका है। उन्होंने कहा कि मंदिर में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है वरना कोई भी घटना हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक ने जारी किए आदेश, 26 अप्रैल 2017 को हुए विवाद के बाद हुई थी तैनाती
मंदिर और मुख्य पुजारी की सुरक्षा में पिछले पौने दो साल से तैनात हैं सुरक्षाकर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। रूड़ा का रामलोक मंदिर एक बार फिर चर्चा में है। यहां पिछले करीब पौने दो साल से तैनात सुरक्षा कर्मियों को वापस बुलाने के आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सोलन ने सुरक्षा की समीक्षा के बाद ये आदेश दिया गया है। रूड़ा के रामलोक मंदिर में पांच मई 2017 से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। आधा दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मी मंदिर में तैनात किए थे। अब नए आदेश में सिर्फ एक ही सुरक्षाकर्मी को मंदिर में रखने का फैसला किया गया है। 26 अप्रैल 2017 को रूड़ा के रामलोक मंदिर में विवाद हो गया था। इससे पहले मंदिर के मुख्य पुजारी व एक महिला के बीच झड़प भी हुई थी। इसके बाद 22 पंचायतों के ग्रामीण भारी संख्या में मंदिर पहुंच गए थे। इसे देखते हुए मई माह में मंदिर को सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर दिया गया था। भारी संख्या में पुलिस कर्मचारी मंदिर में लगाए गए। इसके बाद से सुरक्षाकर्मियों की संख्या में कटौती होती रही। मंदिर में करोड़ों रुपये की अष्टधातु से बनी मूर्तियां स्थापित हैं। मुख्य पुजारी अमरदास पहले ही कोर्ट से सुरक्षा की मांग कर चुके हैं। पिछले दिनों तहसीलदार कंडाघाट के मंदिर के अधिग्रहण को लेकर सुनाए फैसले के बाद ग्रामीणों ने एक बैठक कर मंदिर को जल्द से जल्द प्रशासन के हवाले करने की बात कही थी। हालांकि यह मामला बाद में एसडीएम कंडाघाट के पास चला गया।
सुरक्षा रिव्यू करने के बाद लिया निर्णय : एसपी
पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा का कहना है कि रूड़ा में रामलोक मंदिर और पुजारी अमरदास की सुरक्षा को रिव्यू करने के बाद निर्णय लिया गया है। सभी सुरक्षाकर्मी नहीं हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षाकर्मी मंदिर में तैनात रहेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को समय-समय पर रिव्यू किया जाता है। उसके आधार पर ही निर्णय लिए जाते हैं।
विज्ञापन
मंदिर से सुरक्षाकर्मी हटाना दुर्भाग्यपूर्ण : बावा अमरदास
रामलोक मंदिर के मुख्य पुजारी अमरदास का कहना है कि मंदिर से सुरक्षा कर्मियों को हटाने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। मंदिर में हर समय हमले का खतरा बना रहता है। पहले भी कई बार हमले का प्रयास हो चुका है। उन्होंने कहा कि मंदिर में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है वरना कोई भी घटना हो सकती है।
विज्ञापन