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हत्या से पहले अारोपियों ने पी थी शराब
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:15 PM IST
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सोलन। शहर में पुलिस कर्मचारी की हत्या को लेकर सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस लाइन से सटे शिमला-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे पर पुलिस कर्मचारी और ऑटो चालकों ने पहले जमकर शराब पी थी। इसके बाद उनके बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई जो फिर मारपीट में बदल गई। गुस्से में ऑटो चालकों ने पुलिस कर्मी को धक्का दे दिया जिससे वह सिर के बल जमीन पर गिर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या को लेकर पूर्व नियोजित किसी तरह की कोई साजिश सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार दोनों ऑटो चालक अरुण और वीरेंद्र कुमार को शराब पीने की लत थी। इसके चलते वे अक्सर ऑटो चलाना बंद करके कहीं भी शराब पीना शुरू कर देते थे। सोमवार को दोनों छुट्टी का मूड बनाकर बाईपास पर शराब पीने में लगे थे। इस बीच पुलिस लाइन में तैनात एचएचसी बाबू राम भी पहुंच गया। बाबू राम दोनों का पहले से परिचित था। करीब छह बजे हाइवे से गुजर रहे ऑटो चालक ने तीनों को एक साथ बैठकर शराब पीते देखा था। तीनों करीब साढ़े आठ बजे तक वहीं शराब पीते रहे। इस बीच पुलिस कर्मचारी दोनों ऑटो चालकों से उलझ गया। तीनों के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई और ऑटो चालक अरुण और वीरेंद्र ने पुलिस कर्मचारी की पिटाई शुरू कर दी। दोनों ने पुलिस कर्मचारी को थप्पड़ मारे और उसे डंगे से नीचे फेंक दिया। पुलिस ने इस घटना की बारीकी से जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी सोलन बुला लिया है। मंगलवार को टीम ने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य एकत्र किए। इसके अलावा पुलिस हाईवे पर तरबूज बेचने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ कर रही है।
सिर के बल गिरने से हुई मौत : एएसपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार शर्मा ने बताया कि वारदात के समय तीनों नशे में थे। पहले दोनों ने पुलिस कर्मचारी की पिटाई की और उसके बाद उसे डंगे से नीचे फेंक दिया। सिर के बल गिरने की वजह से बाबू राम का सिर फट गया और गर्दन टूट गई। एक बार गिरने के बाद वो वहां से उठ नहीं पाया। पुलिस को सूचना मिलते ही बाबू राम को अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को अस्पताल में करने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
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पुलिस विभाग ने परिजनों को सौंपे 25 हजार
एचएचसी बाबू राम के परिजनों को पुलिस विभाग की तरफ से 25 हजार रुपये की फौरी मदद दी गई। इसके अलावा पुलिस ने चंडी में बाबू राम के शव का अंतिम संस्कार विभाग की रस्मों के मुताबिक किया। बाबू राम को पुलिस विभाग की ओर से सम्मान दिया गया। बाबू राम को हथियारों की सलामी भी दी गई। पोस्टमार्टम के बाद बाबू राम के शव को छोड़ने के लिए सोलन से पुलिस की टीम चंडी गई थी।
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हत्या को लेकर पूर्व नियोजित किसी तरह की कोई साजिश सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार दोनों ऑटो चालक अरुण और वीरेंद्र कुमार को शराब पीने की लत थी। इसके चलते वे अक्सर ऑटो चलाना बंद करके कहीं भी शराब पीना शुरू कर देते थे। सोमवार को दोनों छुट्टी का मूड बनाकर बाईपास पर शराब पीने में लगे थे। इस बीच पुलिस लाइन में तैनात एचएचसी बाबू राम भी पहुंच गया। बाबू राम दोनों का पहले से परिचित था। करीब छह बजे हाइवे से गुजर रहे ऑटो चालक ने तीनों को एक साथ बैठकर शराब पीते देखा था। तीनों करीब साढ़े आठ बजे तक वहीं शराब पीते रहे। इस बीच पुलिस कर्मचारी दोनों ऑटो चालकों से उलझ गया। तीनों के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई और ऑटो चालक अरुण और वीरेंद्र ने पुलिस कर्मचारी की पिटाई शुरू कर दी। दोनों ने पुलिस कर्मचारी को थप्पड़ मारे और उसे डंगे से नीचे फेंक दिया। पुलिस ने इस घटना की बारीकी से जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी सोलन बुला लिया है। मंगलवार को टीम ने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य एकत्र किए। इसके अलावा पुलिस हाईवे पर तरबूज बेचने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ कर रही है।
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सिर के बल गिरने से हुई मौत : एएसपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार शर्मा ने बताया कि वारदात के समय तीनों नशे में थे। पहले दोनों ने पुलिस कर्मचारी की पिटाई की और उसके बाद उसे डंगे से नीचे फेंक दिया। सिर के बल गिरने की वजह से बाबू राम का सिर फट गया और गर्दन टूट गई। एक बार गिरने के बाद वो वहां से उठ नहीं पाया। पुलिस को सूचना मिलते ही बाबू राम को अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को अस्पताल में करने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
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पुलिस विभाग ने परिजनों को सौंपे 25 हजार
एचएचसी बाबू राम के परिजनों को पुलिस विभाग की तरफ से 25 हजार रुपये की फौरी मदद दी गई। इसके अलावा पुलिस ने चंडी में बाबू राम के शव का अंतिम संस्कार विभाग की रस्मों के मुताबिक किया। बाबू राम को पुलिस विभाग की ओर से सम्मान दिया गया। बाबू राम को हथियारों की सलामी भी दी गई। पोस्टमार्टम के बाद बाबू राम के शव को छोड़ने के लिए सोलन से पुलिस की टीम चंडी गई थी।