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टेक्सटाइल कंपनी को टैक्स चोरी पर 1.36 करोड़ का जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी सोलन
Updated Fri, 03 Jun 2016 11:03 PM IST
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आबकारी एवं कराधान विभाग की फ्लाइंग स्क्वायड साउथ जोन परवाणू ने बद्दी की एक टेक्सटाइल कंपनी को एंट्री टैक्स चोरी पर 1.36 करोड़ का टैक्स और जुर्माना लगाया है।
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आबकारी एवं कराधान विभाग की फ्लाइंग स्क्वायड साउथ जोन परवाणू ने बद्दी की एक टेक्सटाइल कंपनी को एंट्री टैक्स चोरी पर 1.36 करोड़ का टैक्स और जुर्माना लगाया है। मामला पकड़ में आने के बाद कंपनी ने विभाग के खाते में 73 लाख रुपये की रकम जमा भी करवा दी। शेष 63 लाख की धनराशि को जमा करने के लिए कंपनी को पांच जून तक का वक्त दिया है।
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कंपनी ने एंट्री टैक्स की यह चोरी वर्ष 2013-14 में की थी। इसका खुलासा करने के बाद आबकारी विभाग परवाणू कार्यालय के उड़न दस्ते ने इस नामी कंपनी की सालाना रिटर्न और एंट्री टैक्स के रिकॉर्ड का आंकलन किया। टीम को कंपनी के एंट्री टैक्स चोरी करने की भनक इसके रिटर्न एवं एंट्री टैक्स के रिकॉर्ड में भारी भरकम अंतर से लगी।
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इसके बाद विभाग की टीम ने सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारी डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में कई माह तक कंपनी के रिकॉर्ड की पड़ताल की। इसमें 35 करोड़ रुपये का चाइना से मंगवाए कपड़े में प्रयोग होने वाले यार्न की एंट्री टैक्स को रिकॉर्ड से गायब पाया गया। कंपनी की ओर से इसे लिपिकीय गलती बताया गया है।
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बैरियर पर भी उठ रहे हैं सवाल
एक कंपनी चार माह में चाइना से अपने अन्य मैटीरियल के साथ 35 करोड़ के यार्न को बिना एंट्री टैक्स चुकाए बददी लेकर आती रही। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में लगे आबकारी विभाग के बैरियरों से यह माल कैसे आगे निकल गया।
इसमें तर्क दिया जा रहा है कि कंपनी इसकी जगह अपने अन्य रॉ मैटीरियल को बैरियर पर शो करती रही। इसके साथ ही इस यार्न को हिमाचल में प्रवेश करवाया गया। सवाल उठ रहा है कि क्या बैरियर पर एंट्री के दौरान सामान की जांच नहीं की जाती है या फिर जानबूझकर इस प्रकार की कोताही बरती गई।
एंट्री टैक्स और रिटर्न में अंतर से मिली लीड
टैक्स चौरी के इस मामले में पहला सुराग कंपनी के एंट्री टैक्स और रिटर्न के रिकॉर्ड में भारी अंतर से मिला। इसके बाद जांच करने पर टेक्सटाइल कंपनी के 35 करोड़ के यार्न पर एक फीसदी एंट्री टैक्स न देने का मामला सामने आया है। कंपनी पर 1.36 करोड़ रुपये का टैक्स जुर्माना ब्याज सहित लगाया है। इसमें कंपनी ने 73 लाख की राशि जमा करवा दी है।