{"_id":"5f3c19478ebc3e3d1c118baf","slug":"civic-amenities-solan-news-sml3421094142","type":"story","status":"publish","title_hn":"हैलीपैड के पास बसाल-चंबाघाट मार्ग पर लगा एक किमी लंबा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हैलीपैड के पास बसाल-चंबाघाट मार्ग पर लगा एक किमी लंबा जाम
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सोलन। बसाल हेलीपैड पर परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस के ट्रायल मंगलवार को निर्धारित किए थे। लेकिन सोमवार देर शाम शिमला में मौसम खराब होने के बाद सीएम के हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग बसाल हेलीपैड पर करनी पड़ी। इसके बाद सीएम गाड़ी से शिमला के लिए रवाना हुए। जबकि उनका चौपर सोमवार से बसाल हेलीपैड पर ही खड़ा था।
मंगलवार सुबह 9 बजे ड्राइविंग लाइसेंस के ट्रायल के लिए भारी संख्या में दोपहिया सहित अन्य वाहन चालक चंबाघाट-बसाल मार्ग पर पहुंचने शुरू हो गए। लेकिन हेलीपैड पर चौपर खड़ा होने के चलते वहां तैनात जवानों ने गाड़ियों को अंदर नहीं आने दिया। बसाल के कठार से लेकर हेलीपैड तक एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हेलीकॉप्टर का पायलट भी जाम में फंस गया। इसकी सूचना यातायात पुलिस को दी गई। पुलिस जवानों ने मौके पर पहुंचकर जाम में फंसे पायलट को हेलीपैड तक पहुंचाया, यहां पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग गया। पायलट के पहुंचने के बाद चौपर शिमला के लिए रवाना हो सका। इसके बाद मार्ग पर खड़े वाहनों को हेलीपैड पर खड़ा करवाकर जाम की स्थिति पर काबू पाया गया। परिवहन विभाग की ओर से बसाल हेलीपैड पर ड्राइविंग लाइसेंस के ट्रायल करवाए जाते हैं। पिछले काफी समय से ट्रायल पर रोक लगी थी। करीब चार घंटे बाद जाम को खुलवाया जा सका।
हेलीपैड के लिए नहीं वैकल्पिक मार्ग
जिला से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित बसाल हेलीपैड के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। यहां पर नेताओं सहित वीआईपी के चौपर लैंड करते हैं। इसके बावजूद भी हेलीपैड के लिए अभी तक कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किया गया है। हालांकि वैकल्पिक मार्ग बनाने की योजना थी, जिसमें बसाल सहित डांगरी पंचायत के लोगों को भी सड़क सुविधा मिलनी थी। लेकिन यह योजना भी अधर में ही लटकी हुई है।
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स्थानीय लोगों ने जताया विरोध
बसाल के स्थानीय लोगों ने बसाल हेलीपैड पर ड्राइविंग लाइसेंस ट्रायल लेने का विरोध किया है। उपप्रधान किरण किशोर, रितेश, यशपाल, रजनीश, विनित, सुरेश, नीरज, चंद्रकांत, देवेंद्र सहित अन्य लोगों ने विरोध जताया है। चेतावनी दी है कि यहां पर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ट्रायल नहीं होने देंगे, कहा पहले की तरह बाईपास मार्ग पर ट्रायल लिए जाएं। बसाल हेलीपैड पर मंदिर भी है। जहां पर लोग गंदगी फैलाकर चले जाते हैं। इस स्थान पर शौचालय सहित अन्य कोई व्यवस्था नहीं है, इससे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। उन्होंने मांग की है कि यहां पर ट्रायल न करवाए जाएं।
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मंगलवार सुबह 9 बजे ड्राइविंग लाइसेंस के ट्रायल के लिए भारी संख्या में दोपहिया सहित अन्य वाहन चालक चंबाघाट-बसाल मार्ग पर पहुंचने शुरू हो गए। लेकिन हेलीपैड पर चौपर खड़ा होने के चलते वहां तैनात जवानों ने गाड़ियों को अंदर नहीं आने दिया। बसाल के कठार से लेकर हेलीपैड तक एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हेलीकॉप्टर का पायलट भी जाम में फंस गया। इसकी सूचना यातायात पुलिस को दी गई। पुलिस जवानों ने मौके पर पहुंचकर जाम में फंसे पायलट को हेलीपैड तक पहुंचाया, यहां पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग गया। पायलट के पहुंचने के बाद चौपर शिमला के लिए रवाना हो सका। इसके बाद मार्ग पर खड़े वाहनों को हेलीपैड पर खड़ा करवाकर जाम की स्थिति पर काबू पाया गया। परिवहन विभाग की ओर से बसाल हेलीपैड पर ड्राइविंग लाइसेंस के ट्रायल करवाए जाते हैं। पिछले काफी समय से ट्रायल पर रोक लगी थी। करीब चार घंटे बाद जाम को खुलवाया जा सका।
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हेलीपैड के लिए नहीं वैकल्पिक मार्ग
जिला से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित बसाल हेलीपैड के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। यहां पर नेताओं सहित वीआईपी के चौपर लैंड करते हैं। इसके बावजूद भी हेलीपैड के लिए अभी तक कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किया गया है। हालांकि वैकल्पिक मार्ग बनाने की योजना थी, जिसमें बसाल सहित डांगरी पंचायत के लोगों को भी सड़क सुविधा मिलनी थी। लेकिन यह योजना भी अधर में ही लटकी हुई है।
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स्थानीय लोगों ने जताया विरोध
बसाल के स्थानीय लोगों ने बसाल हेलीपैड पर ड्राइविंग लाइसेंस ट्रायल लेने का विरोध किया है। उपप्रधान किरण किशोर, रितेश, यशपाल, रजनीश, विनित, सुरेश, नीरज, चंद्रकांत, देवेंद्र सहित अन्य लोगों ने विरोध जताया है। चेतावनी दी है कि यहां पर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ट्रायल नहीं होने देंगे, कहा पहले की तरह बाईपास मार्ग पर ट्रायल लिए जाएं। बसाल हेलीपैड पर मंदिर भी है। जहां पर लोग गंदगी फैलाकर चले जाते हैं। इस स्थान पर शौचालय सहित अन्य कोई व्यवस्था नहीं है, इससे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। उन्होंने मांग की है कि यहां पर ट्रायल न करवाए जाएं।