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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Barotiwala veterinary dispensary has been stalled for two years, leaving 4,300 livestock owners in distress.

Solan News: दो साल से बरोटीवाला पशु औषधालय का काम ठप, 4300 पशुपालक बेहाल

Wed, 11 Mar 2026 12:36 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 12:36 AM IST
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Barotiwala veterinary dispensary has been stalled for two years, leaving 4,300 livestock owners in distress.
बरोटीवाला में पशु औषधालय के भवन का कार्य अधर में लटका- संवाद।
बजट न मिलने के कारण ठेकेदार बंद किया काम, चिकित्सक पंचायत भवन में बैठने को मजबूर
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भवन का अभी तक 40 फीसदी ही हो पाया निर्माण

आदित्य चड्ढा
बरोटीवाला (सोलन)। 4300 पशुपालकों को सुविधा मुहैया कराने वाले पशु औषधालय बरोटीवाला के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले दो साल से बंद पड़ा है। बजट न मिलने के कारण ठेकेदार ने काम रोक दिया है। इस कारण यहां तैनात पशु चिकित्सक को केवल पंचायत के छोटे से कमरे में बैठाया गया है। इससे पशुओं का उचित उपचार प्रभावित हो रहा है। 60 के दशक में बरोटीवाला में पशु औषधालय खुला था। इसमें पशु चिकित्सकों के लिए आवासीय सुविधा भी थी। 60 साल बाद भवन की हालत खराब हो गई और सात साल पहले पीडब्ल्यूडी ने इसे असुरक्षित घोषित किया। इसके बाद विभाग ने नए भवन का 70 लाख 41 हजार रुपये का एस्टीमेट तैयार करके सरकार को भेजा। तीन साल पहले भवन के लिए एससी-एसटी कंपोनेंट में बजट के रूप में 12.77 लाख रुपये मिले। इसके बाद एचपीएसआईडीसी को ठेका दिया गया और वर्तमान में भवन का 40 फीसदी निर्माण पूरा हुआ, लेकिन बजट न मिलने से पिछले दो साल से काम बंद पड़ा हुआ है। पंचायत के प्रधान हंस राज कैंथ, उपप्रधान हितेंद्र सोनू, सुरेंद्र चौधरी, गुरनाम सिंह और सेवानिवृत्त अधिकारी चंद्रकांता ने कहा कि सरकार को भवन के निर्माण के लिए आवश्यक बजट मुहैया कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों को अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए ताकि वे पशुओं का उपचार कर सकें। विभाग ने पिछले दो साल से चिकित्सक को खाली वेतन दिया है। भवन निर्माण के लिए अभी 64 लाख रुपये की जरूरत है, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। संवाद

कोट
बजट के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। ठेकेदार ने 40 फीसदी काम पूरा कर लिया है, लेकिन पैसा न मिलने के कारण काम बंद हो गया। चिकित्सक को पंचायत के छोटे कमरे में बैठाया गया है, हालांकि उन्हें अस्थायी तौर पर बरोटीवाला गोशाला में व्यवस्था की गई, लेकिन वहां पशुपालक जाने को तैयार नहीं हैं।
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डॉ. बीबी लांबा,उप निदेशक,पशुपालन विभाग
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