{"_id":"68ffb31d1330a499c705f63a","slug":"baghat-bank-loan-recovery-case-solan-news-c-176-1-ssml1040-155884-2025-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: बघाट बैंक लोन रिकवरी मामला, तीन डिफाल्टरों ने जमा करवाए 63.50 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: बघाट बैंक लोन रिकवरी मामला, तीन डिफाल्टरों ने जमा करवाए 63.50 लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्रवाई के डर से खुद बैंक में पहुंचे,अब तक बैंक कर चुका 1.18 करोड़ रुपये की रिकवरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक लोन रिकवरी मामले में अब डिफाल्टरों में गिरफ्तारी का डर बैठ गया है। इसके डर से अब डिफाल्टर खुद अपने लोन का पैसा जमा करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को भी तीन डिफाल्टरों ने करीब 63.50 लाख रुपये जमा करवाए। इसमें 17.50 लाख रुपये कैश जमा करवाए, जबकि 46 लाख रुपये के चेक भी दिए। बीते करीब 15 दिनों में बैंक को एक करोड़ 18.50 लाख रुपये की नकदी व चेक आ चुके हैं। डिफाल्टर अब खुद बैंक में पैसा जमा करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि बैंक का एनपीए करीब 138 करोड़ रुपये हैं। ऐसे में छोटे-छोटे अमाउंट आने से इस पर ज्यादा असर नहीं दिख रहा। इसमें अब बैंक डिफाल्टरों की संपत्तियों को बेचकर ही लोन की रिकवरी कर सकेगा क्योंकि ज्यादात्तर डिफाल्टरों ने बैंक के इस लोन से संपत्तियां बना रही हैं। सहायक पंजीयक सहाकारी सभाएं सोलन की अदालत ने बैंक को इसके लिए आदेश दे दिए हैं। जल्द ही बैंक डिफाल्टरों की प्रॉपटी को बेचने का प्रोसेस भी करेगा। उधर, इस बारे में सहायक पंजीयक सोलन गिरीश नड्डा ने कहा कि सोमवार को भी कई पुरानी फाइलों की जांच की गई। हालांकि सोमवार को तीन डिफाल्टरों ने करीब 63.50 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। इसमें 17.50 लाख रुपये नकद और 46 लाख रुपये के चेक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिफाल्टरों की संपत्तियों को बेचने का प्रोसेस भी बैंक जल्द शुरू करेगा ताकि लोन के पैसों की रिकवरी करवाई जा सके।
छह माह में करनी है 138 करोड़ रुपये की रिकवरी
बघाट बैंक में लोन रिकवरी न होने पर आरबीआई ने बीते दिनों कैपिंग लगा दी है। इसमें बैंक में अब उपभोक्ता छह माह तक मात्र 10 हजार रुपये की निकाल पाएंगे। साथ ही बैंक को छह माह में करीब 138 करोड़ रुपये की रिकवरी करने के लिए कहा गया है। इसमें सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन की अदालत ने अब तक दो डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ डिफाल्टरों की प्रॉपर्टी को सेल करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। बैंक के करीब 80 हजार उपभोक्ता अभी परेशान हैं। उन्होंने मात्र 499 डिफाल्टरों के कारण पैसे मिलना बंद हो गए हैं। इसमें शहर के कई नामी स्कूल, कारोबारी आदि शामिल है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक लोन रिकवरी मामले में अब डिफाल्टरों में गिरफ्तारी का डर बैठ गया है। इसके डर से अब डिफाल्टर खुद अपने लोन का पैसा जमा करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को भी तीन डिफाल्टरों ने करीब 63.50 लाख रुपये जमा करवाए। इसमें 17.50 लाख रुपये कैश जमा करवाए, जबकि 46 लाख रुपये के चेक भी दिए। बीते करीब 15 दिनों में बैंक को एक करोड़ 18.50 लाख रुपये की नकदी व चेक आ चुके हैं। डिफाल्टर अब खुद बैंक में पैसा जमा करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि बैंक का एनपीए करीब 138 करोड़ रुपये हैं। ऐसे में छोटे-छोटे अमाउंट आने से इस पर ज्यादा असर नहीं दिख रहा। इसमें अब बैंक डिफाल्टरों की संपत्तियों को बेचकर ही लोन की रिकवरी कर सकेगा क्योंकि ज्यादात्तर डिफाल्टरों ने बैंक के इस लोन से संपत्तियां बना रही हैं। सहायक पंजीयक सहाकारी सभाएं सोलन की अदालत ने बैंक को इसके लिए आदेश दे दिए हैं। जल्द ही बैंक डिफाल्टरों की प्रॉपटी को बेचने का प्रोसेस भी करेगा। उधर, इस बारे में सहायक पंजीयक सोलन गिरीश नड्डा ने कहा कि सोमवार को भी कई पुरानी फाइलों की जांच की गई। हालांकि सोमवार को तीन डिफाल्टरों ने करीब 63.50 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। इसमें 17.50 लाख रुपये नकद और 46 लाख रुपये के चेक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिफाल्टरों की संपत्तियों को बेचने का प्रोसेस भी बैंक जल्द शुरू करेगा ताकि लोन के पैसों की रिकवरी करवाई जा सके।
छह माह में करनी है 138 करोड़ रुपये की रिकवरी
बघाट बैंक में लोन रिकवरी न होने पर आरबीआई ने बीते दिनों कैपिंग लगा दी है। इसमें बैंक में अब उपभोक्ता छह माह तक मात्र 10 हजार रुपये की निकाल पाएंगे। साथ ही बैंक को छह माह में करीब 138 करोड़ रुपये की रिकवरी करने के लिए कहा गया है। इसमें सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन की अदालत ने अब तक दो डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ डिफाल्टरों की प्रॉपर्टी को सेल करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। बैंक के करीब 80 हजार उपभोक्ता अभी परेशान हैं। उन्होंने मात्र 499 डिफाल्टरों के कारण पैसे मिलना बंद हो गए हैं। इसमें शहर के कई नामी स्कूल, कारोबारी आदि शामिल है।
विज्ञापन