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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   At Chakkimor, the hill is once again dependent on McMesh; this technique had failed last time.

Solan News: चक्कीमोड़ में फिर मैकमेश के भरोसे पहाड़ी, पिछली बार फेल हो गई थी यह तकनीक

Sun, 11 Jan 2026 12:24 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:24 AM IST
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At Chakkimor, the hill is once again dependent on McMesh; this technique had failed last time.
चक्कीमोड़ के पहाड़ पर मैकमेश तकनीक से कार्य करते हुए। संवाद
आईआईटी रुड़की के डिजाइन पर एसआरएम कंपनी कर रही काम, बारिश में होगी अग्निपरीक्षा
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मुख्य पहाड़ी पर ड्रीलिंग का काम चल रहा अंतिम दौर में
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन) । परवाणू-सोलन फोरलेन पर सबसे संवेदनशील बन चुके चक्कीमोड़ के पहाड़ी को दरकने से बचाने के लिए कवायद तेज हो गई है। एसआरएम कंपनी यहां मैकमेश (लोहे की जाली और घास) विधि से पहाड़ी को स्थिर करने में जुटी है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि पिछले मानसून के दौरान इसी फोरलेन पर कई स्थानों पर यह विधि और हाइड्रोजन ग्रीन ग्रास तकनीक फेल साबित हुई थी, जिससे भारी मलबा सड़क पर आ गया था। चक्कीमोड़ में वर्षा शालिका से आगे करीब 100 मीटर के हिस्से में मैकमेश तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि इस विधि से पहाड़ी स्थिर रहेगी और बरसात के दौरान पत्थर व मलबा सड़क पर नहीं गिरेगा। फिलहाल इस मुख्य पहाड़ी को रोकने का काम अपने अंतिम चरण में है। बता दें कि पिछली भारी बारिश के दौरान फोरलेन पर जहां-जहां मैकमेश और ग्रीन ग्रास तकनीक का उपयोग किया गया था, वहां पानी के तेज बहाव ने मलबे और पत्थरों को सड़क पर ला फेंका था। ऐसे में चक्कीमोड़ जैसे सिंकिंग जोन पर यह तकनीक कितनी कारगर होगी, यह आने वाली बरसात में ही साफ हो पाएगा।

आईआईटी रुड़की के डिजाइन पर टिकी उम्मीदें
एसआरएम कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि चक्कीमोड़ के इस खतरनाक हिस्से के लिए विशेष डिजाइन आईआईटी रुड़की से पास करवाया गया है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार इस डिजाइन के आधार पर ही सुरक्षा कार्य किया जा रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि कार्य पूरा होने के बाद यहां मलबे गिरने की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।

चक्कीमोड़ के पहाड़ पर मैकमेश तकनीक से कार्य करते हुए। संवाद

चक्कीमोड़ के पहाड़ पर मैकमेश तकनीक से कार्य करते हुए। संवाद

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