फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Apply for new play school recognition by 31st March

Solan News: देश की 1.5 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर पारंपरिक खेती की तैयारी

Mon, 06 Jan 2025 11:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2025 11:27 PM IST
विज्ञापन
Apply for new play school recognition by 31st March
नौणी विवि एचआईएल ने भारत में प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने के लिए साझेदारी करते हुए। संवाद
नौणी विवि ने एचआईएल के बीच किया एमओयू
विज्ञापन

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का करेंगे काम
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के सात केंद्रों में से नौणी को भी किया शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि और हिंदुस्तान इंसेक्टिसाइड्स लिमिटेड (एचआईएल) ने देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू वैश्विक पर्यावरण सुविधा (जीईएफ) और संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के क्षेत्रीय चाइल्ड परियोजना जो भारत में फोस्टरिंग एग्रो केमिकल रिडक्शन एंड मैनेजमेंट पहल के माध्यम से कृषि रसायन के उपयोग को कम करने और प्रतिबंधित करने पर केंद्रित है।
इस एमओयू पर नौणी के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल और एचआईएल के प्रबंध निदेशक कुलदीप सिंह ने हस्ताक्षर किए। फार्म परियोजना का प्राथमिक लक्ष्य रासायनिक कीटनाशकों के लिए सुरक्षित विकल्प देना और भारत के कृषक समुदायों के बीच प्राकृतिक खेती सहित एकीकृत कीट प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देना है। इस पहल का लक्ष्य 1.5 मिलियन हेक्टेयर कृषि भूमि को पारंपरिक रासायनिक खेती से जैविक, प्राकृतिक खेती के तरीकों में परिवर्तित करना। 1.5 मिलियन लोगों को हानिकारक कीटनाशकों के संपर्क से बचाना है।
विज्ञापन

नौणी विवि की कुलपति ने कहा कि यह सहयोग कृषि में रासायनिक उपयोग को कम करने और राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन के लिए पायलट मॉडल विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। विवि प्राकृतिक खेती जैसी कृषि पारिस्थितिकी प्रथाओं में अग्रणी कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय पहले से ही यूरोपीय संघ द्वारा वित्त पोषित एक्रोपिक्स कंसोर्टियम का हिस्सा है। इस संघ का लक्ष्य कृषि पारिस्थितिकीय फसल संरक्षण में सह-नवाचार को बढ़ावा देना है, जिसमें 13 देशों के 15 सदस्य हैं, जिनमें 12 शैक्षणिक संगठन और तीन कंपनियां शामिल हैं। इसका लक्ष्य कृषि पारिस्थितिकी फसल संरक्षण में प्रणालीगत नवाचारों के माध्यम से रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग में कमी को बढ़ावा देना है। हाल ही में केंद्र सरकार की ओरसे लॉन्च की गए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के सात केंद्रों में से एक के रूप में विश्वविद्यालय को चुना गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed