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Solan News: गलघोंटू रोग को लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट, टीकाकरण शुरू
Fri, 03 Jul 2026 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 03 Jul 2026 11:14 PM IST
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सभी विकास खंडों को भेजी 1.15 लाख वैक्सीन की खेप
विभाग जिले में जुलाई के अंत तक चलेगा अभियान
बरसात के मौसम में पशुओं को अकसर लग जाता है यह रोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं में फैलने वाले गलघोंटू रोग की रोकथाम को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। रोग की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है। विभाग ने जिले के सभी पशु अस्पतालों में गलघोंटू रोग से बचाव के लिए 1.15 लाख वैक्सीन उपलब्ध करवा दी हैं। इस माह तक इस टीकाकरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जानकारी के अनुसार गलघोंटू बीमारी पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु से होती है, जो बरसात के मौसम में अधिक फैलती है। यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। इसमें पशु को तेज बुखार, गले और छाती में सूजन, नाक से स्राव और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके चलते दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
पशुपालन विभाग सोलन के उप निदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि जिले में वैक्सीन का कार्य शुरू कर दिया है। सभी अस्पतालों तक वैक्सीन भेज दी है। उन्होंने बताया कि इससे पहले पशुओं में आने वाली मुंह-खुर की बिमारी को लेकर विभाग की ओर से पशुपालकों के पशुओं को घर-घर जाकर टीके लगाए थे। इसके साथ-साथ पशुओं के कान में टैग भी लगाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी इस अभियान का निरंतर निरीक्षण भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पशु पालकों को जागरूक किया जा रहा है कि टीकाकरण से पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सकता है। ऐसे में पशुपालक विभाग द्वारा समय-समय पर चलाए जाने वाले अभियान के तहत पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं।
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विभाग जिले में जुलाई के अंत तक चलेगा अभियान
बरसात के मौसम में पशुओं को अकसर लग जाता है यह रोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं में फैलने वाले गलघोंटू रोग की रोकथाम को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। रोग की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है। विभाग ने जिले के सभी पशु अस्पतालों में गलघोंटू रोग से बचाव के लिए 1.15 लाख वैक्सीन उपलब्ध करवा दी हैं। इस माह तक इस टीकाकरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जानकारी के अनुसार गलघोंटू बीमारी पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु से होती है, जो बरसात के मौसम में अधिक फैलती है। यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। इसमें पशु को तेज बुखार, गले और छाती में सूजन, नाक से स्राव और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके चलते दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
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पशुपालन विभाग सोलन के उप निदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि जिले में वैक्सीन का कार्य शुरू कर दिया है। सभी अस्पतालों तक वैक्सीन भेज दी है। उन्होंने बताया कि इससे पहले पशुओं में आने वाली मुंह-खुर की बिमारी को लेकर विभाग की ओर से पशुपालकों के पशुओं को घर-घर जाकर टीके लगाए थे। इसके साथ-साथ पशुओं के कान में टैग भी लगाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी इस अभियान का निरंतर निरीक्षण भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पशु पालकों को जागरूक किया जा रहा है कि टीकाकरण से पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सकता है। ऐसे में पशुपालक विभाग द्वारा समय-समय पर चलाए जाने वाले अभियान के तहत पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं।
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