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स्वयंसेवियों ने पढ़ा समाज सेवा का पाठ
Solan
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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स्वयंसेवियों ने पढ़ा समाज सेवा का पाठ
दाड़लाघाट (सोलन)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंडी में चल रहे एनएसएस शिविर का समापन हो गया। समारोह में स्कूल के प्रधानाचार्य बहादुर सिंह ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस सात दिवसीय विशेष शिविर में लगभग 50 बच्चों ने भाग लिया।
कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र पाल कौंडल और हेमलता ने बताया कि इस शिविर में स्वयं सेवकों ने चयनित गांव नेऊड़ी के शिव मंदिर के परिसर, तीन बाबड़ियों तथा रास्ते की मरम्मत की। इसके साथ-साथ स्वयं सेवकों ने चंडी मंदिर तथा स्कूल परिसर को भी पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाया। मुख्य अतिथि ने स्वयंसेवकों को समानित किया व उनके किए कार्यों को सराहा। शिविर के दौरान सुबह छह बजे प्रभात फेरी के लिए स्कूल से नेऊडी गांव तक भजन कीर्तन के अलावा सायं के समय स्वयं सेवक प्रार्थना तथा व्यायाम करते थे। शिविर में प्रतिदिन अलग-अलग विषयों के स्रोत व्यक्ति बुलाए गए जिनमें डाक्टर, बीओ फोरेस्ट, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रिटायर्ड शिक्षाविद् तथा स्कूल के शास्त्री प्रेम कृष्ण ने विभिन्न प्रकार की जानकारियां दीं। बच्चों प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करते थे। स्वयंसेवकों में भारती, दिवांशी, हेमलता, शिवानी, तेजराम, अनिल कुमार, विक्रम, दीपा, गीता, जयप्रकाश, तरूणा, चेतना, बिमला, ममता, भावना, कीर्ति, वनीता, मोनिका और विजय आदि ने कैंप में भाग लिया।
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दाड़लाघाट (सोलन)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंडी में चल रहे एनएसएस शिविर का समापन हो गया। समारोह में स्कूल के प्रधानाचार्य बहादुर सिंह ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस सात दिवसीय विशेष शिविर में लगभग 50 बच्चों ने भाग लिया।
कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र पाल कौंडल और हेमलता ने बताया कि इस शिविर में स्वयं सेवकों ने चयनित गांव नेऊड़ी के शिव मंदिर के परिसर, तीन बाबड़ियों तथा रास्ते की मरम्मत की। इसके साथ-साथ स्वयं सेवकों ने चंडी मंदिर तथा स्कूल परिसर को भी पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाया। मुख्य अतिथि ने स्वयंसेवकों को समानित किया व उनके किए कार्यों को सराहा। शिविर के दौरान सुबह छह बजे प्रभात फेरी के लिए स्कूल से नेऊडी गांव तक भजन कीर्तन के अलावा सायं के समय स्वयं सेवक प्रार्थना तथा व्यायाम करते थे। शिविर में प्रतिदिन अलग-अलग विषयों के स्रोत व्यक्ति बुलाए गए जिनमें डाक्टर, बीओ फोरेस्ट, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रिटायर्ड शिक्षाविद् तथा स्कूल के शास्त्री प्रेम कृष्ण ने विभिन्न प्रकार की जानकारियां दीं। बच्चों प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करते थे। स्वयंसेवकों में भारती, दिवांशी, हेमलता, शिवानी, तेजराम, अनिल कुमार, विक्रम, दीपा, गीता, जयप्रकाश, तरूणा, चेतना, बिमला, ममता, भावना, कीर्ति, वनीता, मोनिका और विजय आदि ने कैंप में भाग लिया।
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