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उद्योग के कामगार हड़ताल पर
Solan
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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उद्योग के कामगार हड़ताल पर
बद्दी (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी स्थित उद्योग के दो दर्जन महिला कर्मचारियों ने प्रबंधकों पर जबरदस्ती गेट से बाहर करने का आरोप लगाया है। गुस्साए कामगारों ने श्रम कार्यालय तक रोष रैली निकाली और उद्योग प्रबंधकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कामगार वनिता सिंह, सरला, सुनीता, मंजु, सविता, प्रोमिला, बेबी पंाडेय, कला देवी और पद्मा देवी के नेतृत्व में तीन दर्जन कामगार दोपहर 12 बजे श्रम कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। इस दौरान महिला कामगारों ने फैक्टरी संचालकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके अनुसार उद्योग प्रबंधक सभी नियमों को ताक पर रखकर अब बदसलूकी पर उतर आए हैं। प्रबंधकों द्वारा शोषण के चलते उन्हाेंने उक्त उद्योग में यूनियन का गठन किया था। उसी रंजिश के चलते प्रबंधक वर्ग अब बदले की भावना से काम करते हुए उनके साथ गलत व्यवहार कर रहा है।
भारतीय मजदूर संघ के जिला कार्यालय सचिव राजू भारद्वाज के अनुसार उक्त उद्योग का मामला श्रम कार्यालय झाड़माजरी में विचाराधीन है, इसके लिए समझौता वार्ता 15 मई रखी गई है। वहीं प्रबंधकों ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए पहले ही कर्मचारियों को गेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जब तक निकाले हुए कामगारों को वापस काम पर नहीं लिया जाता तब तक भामसं के नेतृत्व में उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वहीं श्रम अधिकारी बद्दी मनीश करोल ने बताया कि आपसी वार्ता के लिए दोनों पक्षों को बुलाया गया है और उम्मीद है कि यह मामला सुलझ जाएगा।
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बद्दी (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी स्थित उद्योग के दो दर्जन महिला कर्मचारियों ने प्रबंधकों पर जबरदस्ती गेट से बाहर करने का आरोप लगाया है। गुस्साए कामगारों ने श्रम कार्यालय तक रोष रैली निकाली और उद्योग प्रबंधकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कामगार वनिता सिंह, सरला, सुनीता, मंजु, सविता, प्रोमिला, बेबी पंाडेय, कला देवी और पद्मा देवी के नेतृत्व में तीन दर्जन कामगार दोपहर 12 बजे श्रम कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। इस दौरान महिला कामगारों ने फैक्टरी संचालकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके अनुसार उद्योग प्रबंधक सभी नियमों को ताक पर रखकर अब बदसलूकी पर उतर आए हैं। प्रबंधकों द्वारा शोषण के चलते उन्हाेंने उक्त उद्योग में यूनियन का गठन किया था। उसी रंजिश के चलते प्रबंधक वर्ग अब बदले की भावना से काम करते हुए उनके साथ गलत व्यवहार कर रहा है।
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भारतीय मजदूर संघ के जिला कार्यालय सचिव राजू भारद्वाज के अनुसार उक्त उद्योग का मामला श्रम कार्यालय झाड़माजरी में विचाराधीन है, इसके लिए समझौता वार्ता 15 मई रखी गई है। वहीं प्रबंधकों ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए पहले ही कर्मचारियों को गेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जब तक निकाले हुए कामगारों को वापस काम पर नहीं लिया जाता तब तक भामसं के नेतृत्व में उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वहीं श्रम अधिकारी बद्दी मनीश करोल ने बताया कि आपसी वार्ता के लिए दोनों पक्षों को बुलाया गया है और उम्मीद है कि यह मामला सुलझ जाएगा।
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