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सात दिन में खाली करने होंगे मालिकों को भवन
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। चंबाघाट-कैैथलीघाट फोरलेन पर मुआवजा लेने के बावजूद भवन पर कब्जा जमाए बैठे मालिकों के खिलाफ एनएचएआई प्रबंधन सख्त हो गया है। प्रबंधन ने एसडीएम के माध्यम से भवन मालिकों को अपना सामान समेटने का नोटिस देने की बात कही है। कब्जाधारकों को अगले सात दिन में भवन खाली करना होगा। साथ ही बहुमंजिला भवन में कार्यालय चला रही फोरलेन निर्माता कंपनी ऐरिफ को भी नया ठिकाना ढूंढने के आदेश जारी किए हैं। ऐरिफ कंपनी ने एनएचएआई प्रबंधन से दो सप्ताह का वक्त मांगा है। इसके साथ जिन भवन मालिकों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है, उनकी पैमाइश करवाकर जल्द से जल्द मुआवजा अदा करने की भी बात कही गई है।
चंबाघाट-कैथलीघाट के बीच करीब 25 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन में बदला जाना है। इस मार्ग का टेंडर ऐरिफ कंपनी ने हासिल किया है। कंपनी ने चंबाघाट में ऐसी इमारत में अपना कार्यालय चला रखा है जिसका मुआवजा उसके मालिक को प्रशासन अदा कर चुका है। हालांकि, कंपनी का कार्यालय होने की वजह से इस इमारत का न तो बिजली कनेक्शन काटा गया है और न ही इमारत को खाली करवाया गया है। बहुमंजिला भवन में ऐरिफ कंपनी के अलावा व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी चल रहे हैं। इसी भवन के साथ एक अन्य बहुमंजिला भवन है जिसके मालिक को अभी तक मुआवजे की अदायगी नहीं हो पाई है। चंबाघाट में मोटर मार्केट को तोड़ने में उत्सुक प्रशासन की भवनों पर खास दरियादिली ने फोरलेन निर्माण को लेकर जमीन खाली करवाने की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया है। इसके बाद हरकत में आए एनएचएआई प्रबंधन ने वीरवार को सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग की एक टीम वीरवार को मौके पर पहुंची थी। टीम ने भवनों की पैमाइश की है।
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मुआवजा ले चुके सभी कब्जाधारक हटाए जाएंगे : एसडीएम
एसडीएम रोहित राठौर का कहना है कि फोरलेन की जद में आ रहे कब्जों को खाली करवाया जाएगा। जो भवन छूट गए हैं, उनके पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। जिनको मुआवजा मिल चुका है, वे हर हाल में हटाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
सात दिन में छोड़ना होगा कब्जा : गुप्ता
एनएचएआई प्रबंधन साइट प्रबंधक अमन गुप्ता का कहना है कि भवन मालिक को सात दिन में कब्जा छोड़ना होगा। ऐरिफ कंपनी को दूसरी जगह कार्यालय ढूंढने के सख्त निर्देश दिए हैं। ऐरिफ कंपनी की आड़ में भवन में किसी भी तरह की व्यवसायिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन भवन मालिकों को मुआवजा नहीं मिला है, उसके बारे में एसडीएम से बातचीत चल रही है। जल्द ही पूरे मार्ग से कब्जे हटाकर उसे खाली करवाया जाएगा।
25 किलोमीटर लंबा मार्ग, 910 दिन में होगा पूरा
चंबाघाट से कैथलीघाट तक करीब 25 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन में बदला जाना है। इस मार्ग का टेंडर ऐरिफ कंपनी को मिला है। टेंडर के अनुसार कंपनी को 910 दिन में काम पूरा करना होगा। कंपनी तभी काम शुरू करेगी, जब मार्ग से सभी कब्जे और पेड़ हटा दिए जाएंगे। मार्ग पूरा खाली होने के बाद एनएचएआई प्रबंधन इसे कंपनी के हवाले कर देगा और उस दिन से समय सीमा भी शुरू हो जाएगी।