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चायल में जीएसटी ने रोके पर्यटकों के कदम : होटल एसोसिएशन
Updated Sat, 16 Dec 2017 10:11 PM IST
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- फोटो : AmarUjala
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अमर उजाला ब्यूरो
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चायल, कंडाघाट (सोलन)।
होटल एसोसिएशन ने चायल में पर्यटकों की कम होती संख्या के लिए जीएसटी और नोटबंदी को जिम्मेदार बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि चायल में पर्यटकों की चहलकदमी अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। यहां ठंड में पर्यटकों की आमद न के बराबर है।
होटल एसोसिएशन चायल के प्रधान देविंद्र ठाकुर ने बताया कि बर्फबारी न होने के साथ ही जीएसटी और नोटबंदी का भी असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ रहा है। पिछले साल दिसंबर के मध्य तक पर्यटकों से चायल पैक हो गया था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने पर्यटक यहां पुहंचते हैं। साधुपुल भी पर्यटकों की रुचि का केंद्र रहता है। सलोगड़ा से शिमला की और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के किनारे डेढ़घराट, कंडाघाट, वाकनाघाट, कैथलीघाट पर्यटकों की रुचि के केंद्र रहते हैं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर उपस्थित होने के कारण उन्हें घूमने-फिरने प्राकृतिक सौंदर्य को नजदीक से निहारने का मौका मिलता है। पर्यटकों के आने से यहां के व्यापारिक, वाणिज्य केंद्र भी चमक उठते हैं। मगर इस बार होटलों में पर्यटक न के बराबर हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार जीएसटी और नोटबन्दी के चलते पर्यटन व्यवसाय 90 प्रतिशत कम है, टैक्स भी 28 प्रतिशत है। इसके चलते पर्यटन व्यवसाय पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन कारोबार को बढ़ाने के लिए होटलों को जीएसटी से छूट मिलनी चाहिए। पर्यटकों के न आने की वजह से ज्यादातर होटल बंद होने की कगार पर हैं।
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