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चंबाघाट में ठंड से ठिठुर रहे कुष्ठरोगी, बीमारों की जगह बदली सुविधाएं नहीं

Tue, 28 Nov 2017 07:07 PM IST
Updated Tue, 28 Nov 2017 07:07 PM IST
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चंबाघाट में ठंड से ठिठुर रहे कुष्ठरोगी, बीमारों की जगह बदली सुविधाएं नहीं
सामान रखने के लिए ना ट्रॉली, न मरहमपट्टी के लिए कमरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे

अमर उजाला ब्यूरो

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सोलन।
धर्मपुर से चंबाघाट शिफ्ट किए कुष्ठ रोगी ठंड से जूझने को मजबूर हैं। यहां उनके लिए हीटर समेत अन्य उपकरण की व्यवस्था नहीं है। रोगियों को धर्मपुर अस्पताल से चंबाघाट तो शिफ्ट कर दिया लेकिन संबंधित विभाग रोगियों के लिए सिर्फ सोने के लिए बेड ही लगा सका है। इसके अलावा कोई अन्य सुविधा नहीं दी गई है।

इसके चलते रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोगियों को खाने-पीने वाले बर्तनों सहित अन्य सामान बेड के नीचे रखने को मजबूर होना पड़ रहा है। कमरे की जगह इतनी कम है कि रोगी उसमें टहल तक नहीं सकते। जो कुछ जगह बची है वहां पर गैस सिलेंडर सहित अन्य सामान को रखा गया है। इस समय चंबाघाट में करीब 20 रोगियों सहित आधा दर्जन स्टाफ है। अस्पताल का कमरा पूरी तो बेड से भरा है। इन बेडों में कुछ ही रोगी हैं।
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भर्ती रोगियों को सामान रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते उन्हें सारा सारा सामान बेड के नीचे रखना पड़ रहा है। सामान रखने के लिए ट्रॉली की व्यवस्था नहीं की गई है। मरीजों की मरहमपट्टी के सामान को रखने के लिए भी जगह नहीं है। इनको भी बेड के नीचे रखा गया है। कमरे के साथ एक और छोटा कमरा है। इसमें तीन बेड हैं। इसमें महिला कुष्ठ रोगी हैं। यहां पर भी यही हाल है। सामान रखने के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। महिला रोगी के कक्ष के साथ एक गली है। इसमें से गुजरने के बाद रसोईघर है। रसोई घर भी बहुत छोटा है। इसमें रोगियों को खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। रसोई घर छोटा होने के कारण जब तड़का लगाते हैं तो धुआं मरीजों के कमरे में आ जाता है। इससे भी रोगियों को परेशानी हो रही है।
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महरम पट्टी के लिए व्यवस्था नहीं
रोगियों ने कहा कि बार-बार जगह बदलने के चक्कर उनका इलाज भी सही से नहीं हो पा रहा है। मरहमपट्टी के लिए अलग से कक्ष भी नहीं है। मरीजों ने कहा कि कमरे से बाहर सड़क किनारे या फिर अपने बेड पर ही उन्हें पट्टी करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जब से वे यहां आए हैं तब से उनकी पट्टी भी नहीं बदली गई है। मंगलवार को ही उनकी पट्टी बदलने का कार्य किया गया। पट्टी न बदलने के कारण उनके जख्म खराब हो रहे हैं।


बेहतर सुविधाएं देंगे: डॉ. उदित
डॉक्टर उदित ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला है। रोगियों के लिए जगह का अभाव है। उन्होंने कहा कि रोगियों को शिफ्ट करने के लिए कई जगह तलाश की लेकिन कहीं भी रोगियों के लिए उचित स्थान नहीं मिला। अंतिम चरण में चंबाघाट में जगह मिल पाई है। यहां पर रोगियों को बेहतर सुविधा दी जाएगी।

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