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लेबर हॉस्टल में अब चलेंगे स्किल बेसेड कोर्स
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लेबर हॉस्टल में अब चलेंगे स्किल बेस्ड कोर्स
बीबीएनडीए ने भवन इस्तेमाल को लेकर सरकार को भेजा प्रस्ताव, उद्योगों की जरूरत के अनुसार होगा प्रशिक्षण
मजदूरों और कामगारों के आश्रितों को स्वरोजगार का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-रामशहर मार्ग पर करीब पां चकरोड़ की लागत से लेबर हॉस्टल में अब स्किल बेस्ड कोर्सेज चलाकर कामगारों व मजदूरों के आश्रितों को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलंबी बनाया जाएगा। यहां से प्रशिक्षण लेकर वह या तो उद्योगों में काम कर सकेंगे या स्वरोजगार से अपनी आर्थिकी को मजबूत बनाएंगे। बीबीएनडीए ने प्रदेश सरकार को लेबर हॉस्टल प्रयोग में लाने का प्रस्ताव भेजा है। स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के तहत कोर्स चलाए जाएंगे। इस लेबर हॉस्टल का निर्माण भवन एवं सनिर्माण कामगार वेलफेयर बोर्ड के तहत किया गया है। इसका भवन दो वर्ष पहले बन गया है लेकिन इसे शुरू ही नहीं किया जा सका है। क्षेत्र के मजदूरों व कामगारों को तलाशा भी गया लेकिन इनकी उपलब्धता न होने से हॉस्टल शुरू ही नहीं हो सका है।
वर्ष 2003 में प्रदेश को मिले औद्योगिक क्षेत्र के बाद बीबीएन में औद्योगिकीकरण के साथ कामगारों की भी बहुतायत हुई लेकिन भवन एवं सन्निर्माण कामगार वेलफेयर बोर्ड ने क्षेत्र के कामगारों के रहने के लिए हॉस्टल बनाया है। इसमें रहने के लिए यहां कामगार नहीं मिल पा रहे है। उद्योगों से जुड़े कामगार उनके परिसरों में बनाए आवासों या फिर नजदीक के स्थानों में किराये के मकान लेकर रह रहे है, जबकि कंस्ट्रक्शन वर्क से जुड़े कामगार उसी संबंधित क्षेत्र में ही गुजर बसर कर लेते है, जहां उन्हें काम करना है।
ऐसे में इस लेबर हॉस्टल के लिए श्रमिक नहीं मिल पाए है, जबकि कई कामगारों का इसकी नालागढ़ शहर से करीब दो किलोमीटर की दूरी होने का हवाला देकर यहां रहने से इंकार कर देते है। ऐसे में इस हॉस्टल में रहने वालों की उपलब्धता न होने के कारण इस भवन को अन्य प्रयोग में लाने संबंधी कई संभावनाओं को तलाशा गया है, लेकिन अंतिम रूप इसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर में विकसित करने का लिया गया है। इसके तहत कामगारों व मजदूरों के आश्रितों को यहां पर विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रशिक्षित किया जा सके।
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बीबीएनडीए के सीईओ केसी चमन ने कहा कि बोर्ड ऑफ अदर कंस्ट्रक्शन वर्क के बनाए इस लेबर हॉस्टल में कोशिशों के बावजूद कामगारों की उपलब्धता नहीं हो पाई है। इससे इसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर में तब्दील करके यहां कामगारों के आश्रितों को प्रशिक्षण दिया जाए। यह स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के तत्वावधान में चलेगा। इसके लिए बीबीएनडीए ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही आगामी कार्य शुरू होगा।
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बीबीएनडीए ने भवन इस्तेमाल को लेकर सरकार को भेजा प्रस्ताव, उद्योगों की जरूरत के अनुसार होगा प्रशिक्षण
मजदूरों और कामगारों के आश्रितों को स्वरोजगार का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-रामशहर मार्ग पर करीब पां चकरोड़ की लागत से लेबर हॉस्टल में अब स्किल बेस्ड कोर्सेज चलाकर कामगारों व मजदूरों के आश्रितों को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलंबी बनाया जाएगा। यहां से प्रशिक्षण लेकर वह या तो उद्योगों में काम कर सकेंगे या स्वरोजगार से अपनी आर्थिकी को मजबूत बनाएंगे। बीबीएनडीए ने प्रदेश सरकार को लेबर हॉस्टल प्रयोग में लाने का प्रस्ताव भेजा है। स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के तहत कोर्स चलाए जाएंगे। इस लेबर हॉस्टल का निर्माण भवन एवं सनिर्माण कामगार वेलफेयर बोर्ड के तहत किया गया है। इसका भवन दो वर्ष पहले बन गया है लेकिन इसे शुरू ही नहीं किया जा सका है। क्षेत्र के मजदूरों व कामगारों को तलाशा भी गया लेकिन इनकी उपलब्धता न होने से हॉस्टल शुरू ही नहीं हो सका है।
वर्ष 2003 में प्रदेश को मिले औद्योगिक क्षेत्र के बाद बीबीएन में औद्योगिकीकरण के साथ कामगारों की भी बहुतायत हुई लेकिन भवन एवं सन्निर्माण कामगार वेलफेयर बोर्ड ने क्षेत्र के कामगारों के रहने के लिए हॉस्टल बनाया है। इसमें रहने के लिए यहां कामगार नहीं मिल पा रहे है। उद्योगों से जुड़े कामगार उनके परिसरों में बनाए आवासों या फिर नजदीक के स्थानों में किराये के मकान लेकर रह रहे है, जबकि कंस्ट्रक्शन वर्क से जुड़े कामगार उसी संबंधित क्षेत्र में ही गुजर बसर कर लेते है, जहां उन्हें काम करना है।
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ऐसे में इस लेबर हॉस्टल के लिए श्रमिक नहीं मिल पाए है, जबकि कई कामगारों का इसकी नालागढ़ शहर से करीब दो किलोमीटर की दूरी होने का हवाला देकर यहां रहने से इंकार कर देते है। ऐसे में इस हॉस्टल में रहने वालों की उपलब्धता न होने के कारण इस भवन को अन्य प्रयोग में लाने संबंधी कई संभावनाओं को तलाशा गया है, लेकिन अंतिम रूप इसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर में विकसित करने का लिया गया है। इसके तहत कामगारों व मजदूरों के आश्रितों को यहां पर विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रशिक्षित किया जा सके।
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बीबीएनडीए के सीईओ केसी चमन ने कहा कि बोर्ड ऑफ अदर कंस्ट्रक्शन वर्क के बनाए इस लेबर हॉस्टल में कोशिशों के बावजूद कामगारों की उपलब्धता नहीं हो पाई है। इससे इसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर में तब्दील करके यहां कामगारों के आश्रितों को प्रशिक्षण दिया जाए। यह स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के तत्वावधान में चलेगा। इसके लिए बीबीएनडीए ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही आगामी कार्य शुरू होगा।