{"_id":"5ac4ff894f1c1bcb618b5581","slug":"201522859913-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलन शहर में दिल्ली की तर्ज पर होगा पानी का शुद्धिकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलन शहर में दिल्ली की तर्ज पर होगा पानी का शुद्धिकरण
Updated Wed, 04 Apr 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अश्वनी खड्ड के पानी को शुद्ध करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करेगा विभाग
सीवरेज प्लांट की वजह से दूषित हो रहा है पानी
राकेश शर्मा
सोलन।
शहर के करीब एक लाख लोगों को मुहैया करवाए जा रहे अश्वनी खड्ड के पानी को शुद्ध बनाने के लिए सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ट्रीटमेंट प्लांट लगाएगा। इसके संकेत सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बैठक में दिए हैं। यह ट्रीटमेंट प्लांट न सिर्फ सोलन शहर तक पहुंच रहे पानी को शुद्ध करेगा बल्कि शहर से निकलने वाले पानी को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाने में भी मददगार साबित होगा। विभाग ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण बड़े शहरों की तर्ज पर करने की योजना बना रहा है।
महेंद्र ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों को दिल्ली समेत बड़े महानगरों में पेयजल ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने और उसकी तर्ज पर एक बड़ा प्रोजेक्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। शहर को पेयजल की सप्लाई अश्वनी और गिरि खड्ड से होती है। इसमें शहर का बहुत बड़ा हिस्सा अश्वनी खड्ड पर निर्भर है। अश्वनी खड्ड शिमला शहर के ठीक नीचे से बहकर सोलन पहुंचती है और शिमला के सीवरेज प्रणाली का मुंह अश्वनी खड्ड में खुलता है। इसके चलते ट्रीटमेंट के बाद सीवरेज का पानी अश्वनी खड्ड में छोड़ दिया जाता है। पूर्व में इस प्रक्रिया की वजह से सोलन शहर में लोगों को पीलिया और दूसरी तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि आईपीएच विभाग ने पेयजल ट्रीटमेंट प्रणाली लगा रखी है। लेकिन यह आधुनिक नहीं है। इसके चलते डॉक्टर भी सोलन शहर में पानी को कम से कम 15 मिनट तक उबालने के बाद पीने की सलाह देते हैं। बहरहाल, आईपीएच मंत्री महेंद्र ठाकुर के इस फैसले से शहर को एक बड़ी राहत मिल सकती है और शुद्ध पानी के साथ ही शहर में चल रही पेयजल किल्लत भी दूर होगी।
पानी का शुद्धिकरण भी जरूरी : ठाकुर
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र ठाकुर ने कहा कि सोलन शहर को अश्वनी खड्ड से पानी मिल रहा है। पानी का सही ढंग से शुद्धिकरण होना जरूरी है। इसके लिए विभाग यहां भविष्य में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर विचार कर रहा है। विभागीय अधिकारियों को इसकी संभावनाएं देखने और किसी बड़े नगर की तर्ज पर प्लान बनाकर शिमला भेजने के निर्देश दिए हैं। शहर में व्यर्थ बहने वाले पानी को भी इस्तेमाल लायक बनाया जाए। इस प्रोजेक्ट में इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीवरेज प्लांट की वजह से दूषित हो रहा है पानी
राकेश शर्मा
सोलन।
शहर के करीब एक लाख लोगों को मुहैया करवाए जा रहे अश्वनी खड्ड के पानी को शुद्ध बनाने के लिए सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ट्रीटमेंट प्लांट लगाएगा। इसके संकेत सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बैठक में दिए हैं। यह ट्रीटमेंट प्लांट न सिर्फ सोलन शहर तक पहुंच रहे पानी को शुद्ध करेगा बल्कि शहर से निकलने वाले पानी को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाने में भी मददगार साबित होगा। विभाग ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण बड़े शहरों की तर्ज पर करने की योजना बना रहा है।
महेंद्र ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों को दिल्ली समेत बड़े महानगरों में पेयजल ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने और उसकी तर्ज पर एक बड़ा प्रोजेक्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। शहर को पेयजल की सप्लाई अश्वनी और गिरि खड्ड से होती है। इसमें शहर का बहुत बड़ा हिस्सा अश्वनी खड्ड पर निर्भर है। अश्वनी खड्ड शिमला शहर के ठीक नीचे से बहकर सोलन पहुंचती है और शिमला के सीवरेज प्रणाली का मुंह अश्वनी खड्ड में खुलता है। इसके चलते ट्रीटमेंट के बाद सीवरेज का पानी अश्वनी खड्ड में छोड़ दिया जाता है। पूर्व में इस प्रक्रिया की वजह से सोलन शहर में लोगों को पीलिया और दूसरी तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि आईपीएच विभाग ने पेयजल ट्रीटमेंट प्रणाली लगा रखी है। लेकिन यह आधुनिक नहीं है। इसके चलते डॉक्टर भी सोलन शहर में पानी को कम से कम 15 मिनट तक उबालने के बाद पीने की सलाह देते हैं। बहरहाल, आईपीएच मंत्री महेंद्र ठाकुर के इस फैसले से शहर को एक बड़ी राहत मिल सकती है और शुद्ध पानी के साथ ही शहर में चल रही पेयजल किल्लत भी दूर होगी।
विज्ञापन
पानी का शुद्धिकरण भी जरूरी : ठाकुर
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र ठाकुर ने कहा कि सोलन शहर को अश्वनी खड्ड से पानी मिल रहा है। पानी का सही ढंग से शुद्धिकरण होना जरूरी है। इसके लिए विभाग यहां भविष्य में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर विचार कर रहा है। विभागीय अधिकारियों को इसकी संभावनाएं देखने और किसी बड़े नगर की तर्ज पर प्लान बनाकर शिमला भेजने के निर्देश दिए हैं। शहर में व्यर्थ बहने वाले पानी को भी इस्तेमाल लायक बनाया जाए। इस प्रोजेक्ट में इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन