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चंबाघाट से कंडाघाट तक उखड़ेंगे 300 भवन
Updated Thu, 15 Mar 2018 10:27 PM IST
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सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाइवे को फोरलेन में बदलने के दूसरे चरण के कार्य की जद में चंबाघाट से कंडाघाट तक करीब 300 भवन और दुकानें आएंगी। इन भवनों को खाली करने और गिराने के आदेश जारी हो गए हैं। प्रभावितों को प्रशासन ने एक सप्ताह की मोहलत दी है। सभी भवन मालिकों को एक सप्ताह में अपना सामान समेटना होगा।
अमल न किया तो भवन मालिकों से जबरन कब्जा लिया जाएगा। भवन और जमीन नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) प्रबंधन के हवाले कर दी जाएगी। यह हालात वैसे ही होंगे जैसे पिछले दिनों धर्मपुर में हुए थे। परवाणू से सोलन तक फोरलेन के पहले चरण में धर्मपुर बाजार को खाली करवाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन कुछ लोगों और दुकानदारों ने आखिरी समय तक दुकानें खाली नहीं कीं। बाद में प्रशासन और एनएचएआई प्रबंधन ने जेसीबी की मदद से जबरन दुकानों को खाली करवाया था। अब दूसरे चरण में चंबाघाट से कंडाघाट तक 300 भवनों और दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। सोलन उपमंडल में भूमि एवं भवनों के कब्जा हस्तांतरण के लिए निर्धारित 60 दिन की अवधि समाप्त हो गई है। इसके बाद अब प्रशासन ने 24 मार्च तक भवन मालिकों को कब्जा हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यदि 24 मार्च तक भूमि मालिकों ने अपने मकान खाली नहीं किए तो राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-2 उपधारा 3(ई) के तहत पुलिस की सहायता से जबरन कब्जा लिया जाएगा। इस दौरान जिन लोगों ने सामान नहीं उठाया उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही कब्जे हटाने की कार्रवाई में सामान दबने की परवाह किए बगैर कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
पूरी हो चुकी है नोटिस की अवधि : एसडीएम
एसडीएम आशुतोष गर्ग ने कहा कि पहली जनवरी 2018 को उनके कार्यालय से नोटिस जारी किए थे। इसमें संबंधित भूमि मालिकों को 60 दिन की समयावधि में मुआवजा राशि प्राप्त करनी थी। भू-मालिकों को अर्जित की गई भूमि के हस्तांतरण के संबंध में भी उचित जानकारी प्रदान की थी। इसके एवज में अधिकतर भूमि मालिकों को मुआवजा राशि स्वीकृत हो चुकी है। इसके बावजूद अभी तक 300 में से किसी भी भवन मालिक ने जमीन को प्रशासन या एनएचएआई के हवाले नहीं किया है। उन्होंने सभी भूमि मालिकों एवं संबंधित व्यक्तियों को निर्देश दिए हैं कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए अर्जित भूमि, भवन अथवा मकान का कब्जा शीघ्र भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपे।
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एसडीएम कार्यालय से प्राप्त करें मुआवजा
किसी भूमि मालिक ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा राशि प्राप्त नहीं की है तो वह एसडीएम कार्यालय सोलन में किसी भी कार्यदिवस पर अपनी राशि प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उसे जमीन से संबंधित दस्तावेज एसडीएम कार्यालय सोलन में प्रस्तुत करने होंगे। प्रशासन ने सभी तीन सौ भवन मालिकों के लिए मुआवजा राशि का निर्धारण कर दिया है।
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अमल न किया तो भवन मालिकों से जबरन कब्जा लिया जाएगा। भवन और जमीन नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) प्रबंधन के हवाले कर दी जाएगी। यह हालात वैसे ही होंगे जैसे पिछले दिनों धर्मपुर में हुए थे। परवाणू से सोलन तक फोरलेन के पहले चरण में धर्मपुर बाजार को खाली करवाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन कुछ लोगों और दुकानदारों ने आखिरी समय तक दुकानें खाली नहीं कीं। बाद में प्रशासन और एनएचएआई प्रबंधन ने जेसीबी की मदद से जबरन दुकानों को खाली करवाया था। अब दूसरे चरण में चंबाघाट से कंडाघाट तक 300 भवनों और दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। सोलन उपमंडल में भूमि एवं भवनों के कब्जा हस्तांतरण के लिए निर्धारित 60 दिन की अवधि समाप्त हो गई है। इसके बाद अब प्रशासन ने 24 मार्च तक भवन मालिकों को कब्जा हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यदि 24 मार्च तक भूमि मालिकों ने अपने मकान खाली नहीं किए तो राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-2 उपधारा 3(ई) के तहत पुलिस की सहायता से जबरन कब्जा लिया जाएगा। इस दौरान जिन लोगों ने सामान नहीं उठाया उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही कब्जे हटाने की कार्रवाई में सामान दबने की परवाह किए बगैर कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
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पूरी हो चुकी है नोटिस की अवधि : एसडीएम
एसडीएम आशुतोष गर्ग ने कहा कि पहली जनवरी 2018 को उनके कार्यालय से नोटिस जारी किए थे। इसमें संबंधित भूमि मालिकों को 60 दिन की समयावधि में मुआवजा राशि प्राप्त करनी थी। भू-मालिकों को अर्जित की गई भूमि के हस्तांतरण के संबंध में भी उचित जानकारी प्रदान की थी। इसके एवज में अधिकतर भूमि मालिकों को मुआवजा राशि स्वीकृत हो चुकी है। इसके बावजूद अभी तक 300 में से किसी भी भवन मालिक ने जमीन को प्रशासन या एनएचएआई के हवाले नहीं किया है। उन्होंने सभी भूमि मालिकों एवं संबंधित व्यक्तियों को निर्देश दिए हैं कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए अर्जित भूमि, भवन अथवा मकान का कब्जा शीघ्र भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपे।
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एसडीएम कार्यालय से प्राप्त करें मुआवजा
किसी भूमि मालिक ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा राशि प्राप्त नहीं की है तो वह एसडीएम कार्यालय सोलन में किसी भी कार्यदिवस पर अपनी राशि प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उसे जमीन से संबंधित दस्तावेज एसडीएम कार्यालय सोलन में प्रस्तुत करने होंगे। प्रशासन ने सभी तीन सौ भवन मालिकों के लिए मुआवजा राशि का निर्धारण कर दिया है।