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मुख्यमंत्री के नहीं आने से खाली रही झोली; न शिलान्यास न ही उद्घाटन
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अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। मां शूलिनी मेले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नहीं पहुंचने से शहरवासी मायूस हैं। मेले में सोलन की झोली खाली रह गई। शहर में किसी भी विकास योजना का इस बार शिलान्यास या उद्घाटन नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री के आने से शहर की कई विकास योजनाओं को गति मिल सकती थी। जो योजनाएं पाइपलाइन में थी, उन्हें धरातल पर उतारा जा सकता था। लेकिन अब यह सब मुख्यमंत्री के आगामी दौरे तक टल गई हैं। साथ ही कांग्रेस के हाथ भी बड़ा मुद्दे लग गया है।
कांग्रेस विधानसभा चुनाव के बाद से ही सोलन की अनदेखी पर भाजपा को घेरती आई है। कांग्रेस का यह भी आरोप रहा है कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने सोलन शहर में न तो कोई उद्घाटन किया और न ही कोई शिलान्यास सरकार कर पाई है। इससे सोलन शहर लगातार पिछड़ रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अधिकारिक रूप से 15 अप्रैल 2018 को डॉ. भीम राव अंबेडकर जयंती पर सोलन आए थे। उस दौरान उन्होंने यहां करीब 22 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया था। इसमें कथेड़ में ट्रांसपोर्ट नगर की आधारशिला रखी थी।
कथेड़ में 171 वर्कशॉप बनाई जानी है। यहां उन लोगों को बसाए जाने की योजना है जो चंबाघाट में फोरलेन निर्माण की वजह से विस्थापित हुए हैं। उस समय जयराम ठाकुर ने सरकार के सौ दिन के एजेंडे की बात कही थी लेकिन अभी तक यह मामला लटका हुआ है। उन्होंने सब्जी मंडी में कर्मचारी आवास, कैंटीन व पार्किंग की आधारशिला रखी थी जिसका काम शुरू नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री ने उसी दौरे में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में चिकित्सकों के 10 पदों को भरने का भरोसा शहरवासियों को दिया था लेकिन अस्पताल में अभी भी चिकित्सकों की कमी चल रही है।
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उधर, उपायुक्त विनोद कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री का शेड्यूल व्यस्त होने की वजह से वे मेले में नहीं आ पाए हैं। इसकी पूर्व में ही सूचना दे दी गई है।
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सोलन। मां शूलिनी मेले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नहीं पहुंचने से शहरवासी मायूस हैं। मेले में सोलन की झोली खाली रह गई। शहर में किसी भी विकास योजना का इस बार शिलान्यास या उद्घाटन नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री के आने से शहर की कई विकास योजनाओं को गति मिल सकती थी। जो योजनाएं पाइपलाइन में थी, उन्हें धरातल पर उतारा जा सकता था। लेकिन अब यह सब मुख्यमंत्री के आगामी दौरे तक टल गई हैं। साथ ही कांग्रेस के हाथ भी बड़ा मुद्दे लग गया है।
कांग्रेस विधानसभा चुनाव के बाद से ही सोलन की अनदेखी पर भाजपा को घेरती आई है। कांग्रेस का यह भी आरोप रहा है कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने सोलन शहर में न तो कोई उद्घाटन किया और न ही कोई शिलान्यास सरकार कर पाई है। इससे सोलन शहर लगातार पिछड़ रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अधिकारिक रूप से 15 अप्रैल 2018 को डॉ. भीम राव अंबेडकर जयंती पर सोलन आए थे। उस दौरान उन्होंने यहां करीब 22 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया था। इसमें कथेड़ में ट्रांसपोर्ट नगर की आधारशिला रखी थी।
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कथेड़ में 171 वर्कशॉप बनाई जानी है। यहां उन लोगों को बसाए जाने की योजना है जो चंबाघाट में फोरलेन निर्माण की वजह से विस्थापित हुए हैं। उस समय जयराम ठाकुर ने सरकार के सौ दिन के एजेंडे की बात कही थी लेकिन अभी तक यह मामला लटका हुआ है। उन्होंने सब्जी मंडी में कर्मचारी आवास, कैंटीन व पार्किंग की आधारशिला रखी थी जिसका काम शुरू नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री ने उसी दौरे में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में चिकित्सकों के 10 पदों को भरने का भरोसा शहरवासियों को दिया था लेकिन अस्पताल में अभी भी चिकित्सकों की कमी चल रही है।
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उधर, उपायुक्त विनोद कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री का शेड्यूल व्यस्त होने की वजह से वे मेले में नहीं आ पाए हैं। इसकी पूर्व में ही सूचना दे दी गई है।