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सफाई कर्मियों को कूड़ा देने से इनकार कर रहे शहर के लोग
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अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। शहर में नगर परिषद का स्वच्छता अभियान फेल होता दिखाई देने लगा है। शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन शुरू तो किया गया लेकिन योजना में कूड़ा देने के लिए मना करना शुरू कर दिया है। इससे सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। एनजीटी के आदेशों पर डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना शुरू तो की गई लेकिन कई वार्डों में लोग कर्मचारियों को कचरा देने से मुकर रहे हैं।
शहर में ठोस कचरा प्रबंधन नियम के तहत डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना शुरू की गई है। अब शहर के सभी हिस्सों में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग ले रहे हैं। शहर की सुंदरता को ग्रहण लगाने वाले बड़े कूड़ेदान भी उठा दिए हैं और शहर कूड़ादान मुक्त कर दिया गया है। बावजूद इसके कुछ लोगों को यह योजना रास नहीं आ रही है और सफाई कर्मचारियों को कूड़ा देने से मुकर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों को कचरा न देने या खुले स्थान पर गंदगी फेंकने पर 5000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
जानकारी के अनुसार शहर के सन्नी साइड, वार्ड नंबर 1, 9, 10 और वार्ड 11 में कर्मचारियों को अधिक समस्या आ रही है। कई लोग सफाई कर्मचारियों को कूड़ा नहीं दे रहे हैं। नगर परिषद ने भी खुले में कूड़ा फेंकने पर अभी तक किसी का चालान नहीं किया है। इससे लोगों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं। खुले में कूड़े के ढेर लगने से सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। इससे बीमारियां फैलने का डर बढ़ चुका है।
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नगर परिषद के ईओ गुरमीत नेगी ने बताया कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए घर-द्वार से कूड़ा उठाने की शुरूआत की गई है। कर्मचारियों को कूड़ा न देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
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सोलन। शहर में नगर परिषद का स्वच्छता अभियान फेल होता दिखाई देने लगा है। शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन शुरू तो किया गया लेकिन योजना में कूड़ा देने के लिए मना करना शुरू कर दिया है। इससे सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। एनजीटी के आदेशों पर डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना शुरू तो की गई लेकिन कई वार्डों में लोग कर्मचारियों को कचरा देने से मुकर रहे हैं।
शहर में ठोस कचरा प्रबंधन नियम के तहत डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना शुरू की गई है। अब शहर के सभी हिस्सों में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग ले रहे हैं। शहर की सुंदरता को ग्रहण लगाने वाले बड़े कूड़ेदान भी उठा दिए हैं और शहर कूड़ादान मुक्त कर दिया गया है। बावजूद इसके कुछ लोगों को यह योजना रास नहीं आ रही है और सफाई कर्मचारियों को कूड़ा देने से मुकर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों को कचरा न देने या खुले स्थान पर गंदगी फेंकने पर 5000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
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जानकारी के अनुसार शहर के सन्नी साइड, वार्ड नंबर 1, 9, 10 और वार्ड 11 में कर्मचारियों को अधिक समस्या आ रही है। कई लोग सफाई कर्मचारियों को कूड़ा नहीं दे रहे हैं। नगर परिषद ने भी खुले में कूड़ा फेंकने पर अभी तक किसी का चालान नहीं किया है। इससे लोगों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं। खुले में कूड़े के ढेर लगने से सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। इससे बीमारियां फैलने का डर बढ़ चुका है।
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नगर परिषद के ईओ गुरमीत नेगी ने बताया कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए घर-द्वार से कूड़ा उठाने की शुरूआत की गई है। कर्मचारियों को कूड़ा न देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।