{"_id":"5aff043d4f1c1b1b5e8b57f8","slug":"141526662205-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलन में टीसीपी एक्ट लागू होने से पहले निर्माण कर चुके मालिकों को दो दिन की मोहलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलन में टीसीपी एक्ट लागू होने से पहले निर्माण कर चुके मालिकों को दो दिन की मोहलत
Updated Fri, 18 May 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीसीपी एक्ट लागू होने से पहले निर्माण कर चुके मालिकों को दो दिन के भीतर नप के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे दस्तावेज
हाईकोर्ट में रिपोर्ट सौंपने से पहले नप का बड़ा फैसला
142 कब्जाधारकों पर मंडरा रही है कार्रवाई की तलवार
राकेश शर्मा
सोलन।
शहर में अनधिकृत निर्माण की सूची हाईकोर्ट को सौंपने से ठीक पहले नगर परिषद सोलन ने एक बड़ा फैसला लिया है। नगर परिषद उन निर्माणकर्ताओं को राहत दिलवाने के मूड में है जिन्होंने टीसीपी एक्ट लागू होने से पहले घरों का निर्माण किया था। यह निर्माणकर्ताओं को नप की आखिरी मोहलत होगी। इसके लिए सिर्फ दो दिन निर्धारित किए हैं। इन सभी लोगों को 20 मई तक निर्माण से जुड़े दस्तावेज नगर परिषद के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। बीस मई के बाद अनधिकृत निर्माण की जांच, नोटिस और छानबीन से जुड़ी फाइल हाईकोर्ट में सौंपने के लिए तैयार कर दी जाएगी। इसमें फिर कोई बदलाव नहीं होगा।
नगर परिषद ने हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की छानबीन शहर में कुल 163 कब्जाधारकों से शुरू की थी। अब यह घटकर 142 रह गए हैं। इन कब्जाधारकों में टीसीपी एक्ट लागू होने से पूर्व और उसके बाद निर्माण करने वाले सभी शामिल हैं। लेकिन नप के पास अभी तक किसी ने ऐसे सुबूत पेश नहीं किए हैं जिसमें निर्माण टीसीपी एक्ट से पहले किया साबित होता हो। इसके अलावा जिन लोगों ने टीसीपी एक्ट लागू होने से पूर्व निर्माण करवाए थे उन्हें गृह निर्माण की तारीख पुष्ट करनी होगी। भले ही मोहलत 20 मई तक की हो लेकिन रविवार की छुट्टी के चलते सिर्फ शनिवार का एक दिन ही कामकाजी होगा। इस एक दिन में टीसीपी एक्ट से पूर्व घर बनाने वालों को अपनी स्थिति नप के सामने साफ करनी पड़ेगी।
गृहकर की रसीद बचा सकती है पूरा घर
नक्शे पर लिखी तारीख या गृहकर की छोटी सी रसीद अनधिकृत निर्माण की जद में आ रहे लोगों के घर को बचा सकती है। टीसीपी अधिनियम लागू होने से पूर्व बने भवनों के नक्शे, अनुमति की प्रतिलिपि, गृहकर की रसीद या अन्य कोई दस्तावेज जो नप की तरफ से जारी किया है उसे नप के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्माणकर्ता इन प्रमाण पत्रों को लेकर 20 मई तक नप के कार्यालय आकर उन्हें संबंधित वार्ड के कनिष्ठ अभियंता या फिर कार्यकारी अधिकारी से सत्यापित करवा सकते हैं।
विज्ञापन
आखिरी मौके पर नप का मास्टर स्ट्रोक
नप के इस निर्णय को खुद का जोखिम कम करने की तरकीब के तौर पर भी देखा जा रहा है। नप ने ऐन मौके पर इस बात का उल्लेख कर महज दो दिन में रिपोर्ट को बांध दिया है। इसमें से भी एक दिन रविवार की छुट्टी होगी जबकि शनिवार को एक ही दिन लोगों को घर बचाने की मोहलत के रूप में मिलेगा। नप के इस कदम से भविष्य में टीसीपी एक्ट लागू होने से पहले निर्माण कर चुके लोगों को हाईकोर्ट में राहत की उम्मीद भी कम हो जाएगी। दोनों पक्ष हाईकोर्ट में अपना रुख साफ करेंगे तो नप इस मोहलत को खुद के बचाव के रूप में पेश कर सकती है।
30 मई को सौंपी जाएगी रिपोर्ट : ईओ
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र चौहान ने कहा कि 30 मई को अनधिकृत निर्माण की रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी। इसके बाद कार्रवाई हाईकोर्ट ही करेगा। नप रिपोर्ट सौंपने से पूर्व सभी तथ्यों की जांच कर लेना चाहता है। इसके लिए शहरवासियों को 20 मई तक की मोहलत दी है। कहा कि जिन लोगों को लगता है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है और निर्माण टीसीपी एक्ट से पूर्व हुआ था वे इस दौरान पंजीकरण करवा सकते हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में रिपोर्ट सौंपने से पहले नप का बड़ा फैसला
142 कब्जाधारकों पर मंडरा रही है कार्रवाई की तलवार
राकेश शर्मा
सोलन।
शहर में अनधिकृत निर्माण की सूची हाईकोर्ट को सौंपने से ठीक पहले नगर परिषद सोलन ने एक बड़ा फैसला लिया है। नगर परिषद उन निर्माणकर्ताओं को राहत दिलवाने के मूड में है जिन्होंने टीसीपी एक्ट लागू होने से पहले घरों का निर्माण किया था। यह निर्माणकर्ताओं को नप की आखिरी मोहलत होगी। इसके लिए सिर्फ दो दिन निर्धारित किए हैं। इन सभी लोगों को 20 मई तक निर्माण से जुड़े दस्तावेज नगर परिषद के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। बीस मई के बाद अनधिकृत निर्माण की जांच, नोटिस और छानबीन से जुड़ी फाइल हाईकोर्ट में सौंपने के लिए तैयार कर दी जाएगी। इसमें फिर कोई बदलाव नहीं होगा।
नगर परिषद ने हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की छानबीन शहर में कुल 163 कब्जाधारकों से शुरू की थी। अब यह घटकर 142 रह गए हैं। इन कब्जाधारकों में टीसीपी एक्ट लागू होने से पूर्व और उसके बाद निर्माण करने वाले सभी शामिल हैं। लेकिन नप के पास अभी तक किसी ने ऐसे सुबूत पेश नहीं किए हैं जिसमें निर्माण टीसीपी एक्ट से पहले किया साबित होता हो। इसके अलावा जिन लोगों ने टीसीपी एक्ट लागू होने से पूर्व निर्माण करवाए थे उन्हें गृह निर्माण की तारीख पुष्ट करनी होगी। भले ही मोहलत 20 मई तक की हो लेकिन रविवार की छुट्टी के चलते सिर्फ शनिवार का एक दिन ही कामकाजी होगा। इस एक दिन में टीसीपी एक्ट से पूर्व घर बनाने वालों को अपनी स्थिति नप के सामने साफ करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
गृहकर की रसीद बचा सकती है पूरा घर
नक्शे पर लिखी तारीख या गृहकर की छोटी सी रसीद अनधिकृत निर्माण की जद में आ रहे लोगों के घर को बचा सकती है। टीसीपी अधिनियम लागू होने से पूर्व बने भवनों के नक्शे, अनुमति की प्रतिलिपि, गृहकर की रसीद या अन्य कोई दस्तावेज जो नप की तरफ से जारी किया है उसे नप के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्माणकर्ता इन प्रमाण पत्रों को लेकर 20 मई तक नप के कार्यालय आकर उन्हें संबंधित वार्ड के कनिष्ठ अभियंता या फिर कार्यकारी अधिकारी से सत्यापित करवा सकते हैं।
विज्ञापन
आखिरी मौके पर नप का मास्टर स्ट्रोक
नप के इस निर्णय को खुद का जोखिम कम करने की तरकीब के तौर पर भी देखा जा रहा है। नप ने ऐन मौके पर इस बात का उल्लेख कर महज दो दिन में रिपोर्ट को बांध दिया है। इसमें से भी एक दिन रविवार की छुट्टी होगी जबकि शनिवार को एक ही दिन लोगों को घर बचाने की मोहलत के रूप में मिलेगा। नप के इस कदम से भविष्य में टीसीपी एक्ट लागू होने से पहले निर्माण कर चुके लोगों को हाईकोर्ट में राहत की उम्मीद भी कम हो जाएगी। दोनों पक्ष हाईकोर्ट में अपना रुख साफ करेंगे तो नप इस मोहलत को खुद के बचाव के रूप में पेश कर सकती है।
30 मई को सौंपी जाएगी रिपोर्ट : ईओ
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र चौहान ने कहा कि 30 मई को अनधिकृत निर्माण की रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी। इसके बाद कार्रवाई हाईकोर्ट ही करेगा। नप रिपोर्ट सौंपने से पूर्व सभी तथ्यों की जांच कर लेना चाहता है। इसके लिए शहरवासियों को 20 मई तक की मोहलत दी है। कहा कि जिन लोगों को लगता है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है और निर्माण टीसीपी एक्ट से पूर्व हुआ था वे इस दौरान पंजीकरण करवा सकते हैं।