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सूबे के उद्योगों को जोड़ने के लिए 11 करोड़ का बालद पुल तैयार
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बद्दी के बालद नदी पर बने पुल निर्माण का अंतिम लैंटर डालते हुए कर्मी। संवाद
- फोटो : SOLAN
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बद्दी (सोलन)। प्रदेश के सबसे बड़े तीन औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाले बालद पुल झाड़माजरी का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। पुल के ऊपर टारिंग का कार्य अभी होना बाकी है। अक्तूबर माह तक पुल को जनता को समर्पित करने की विभाग की योजना है।
दून भाजपा के उपाध्यक्ष केके कौशल ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य अंतिम चरणों में होने पर खुशी जाहिर की। इस पुल का शिलान्यास प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था। इस पुल को मात्र 18 माह में पूरा करने के निर्देश भी दिए थे लेकिन 18 माह के बजाय पुल के निर्माण में तीन वर्ष का समय लग गया।
अभी भी टारिंग का कार्य बाकी बचा हुआ है। इस नदी पर चार दशक पहले पुल बनाया गया था जो यातायात की दृष्टि से कमजोर साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने करीब 132 मीटर स्पैन तथा 11 करोड़ रुपये से नए बालद पुल के निर्माण की नींव एक मई 2018 को रखी थी। इसके निर्माण की अवधि डेढ वर्ष रखी थी जिसके अनुसार इसका निर्माण नंवबर 2019 तक पूरा हो जाना चाहिए था।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अजय शर्मा ने कहा कि पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। अब केवल टारिंग का कार्य बचा हुआ है। पहले इसकी लागत 8.35 करोड़ थी लेकिन इसमें 11 मीटर का कल्वर्ट तथा दोनों ओर सपोर्ट रॉड निकाले गए। इसकी लागत 11 करोड़ हो गई है। अक्तूबर में इस पुल को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
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दून भाजपा के उपाध्यक्ष केके कौशल ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य अंतिम चरणों में होने पर खुशी जाहिर की। इस पुल का शिलान्यास प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था। इस पुल को मात्र 18 माह में पूरा करने के निर्देश भी दिए थे लेकिन 18 माह के बजाय पुल के निर्माण में तीन वर्ष का समय लग गया।
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अभी भी टारिंग का कार्य बाकी बचा हुआ है। इस नदी पर चार दशक पहले पुल बनाया गया था जो यातायात की दृष्टि से कमजोर साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने करीब 132 मीटर स्पैन तथा 11 करोड़ रुपये से नए बालद पुल के निर्माण की नींव एक मई 2018 को रखी थी। इसके निर्माण की अवधि डेढ वर्ष रखी थी जिसके अनुसार इसका निर्माण नंवबर 2019 तक पूरा हो जाना चाहिए था।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अजय शर्मा ने कहा कि पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। अब केवल टारिंग का कार्य बचा हुआ है। पहले इसकी लागत 8.35 करोड़ थी लेकिन इसमें 11 मीटर का कल्वर्ट तथा दोनों ओर सपोर्ट रॉड निकाले गए। इसकी लागत 11 करोड़ हो गई है। अक्तूबर में इस पुल को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।