{"_id":"580764584f1c1b103070318e","slug":"11-case-positive-of-skrab-tyfes","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगु के बाद परवाणू में स्क्रब टायफस का कहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगु के बाद परवाणू में स्क्रब टायफस का कहर
ब्यूरो, सोलन
Updated Thu, 20 Oct 2016 04:20 PM IST
विज्ञापन
डेंगू और चिकन गुनिया के बाद अब स्क्रब टायफस ने औद्योगिक नगर परवाणू में पांव पसार लिए हैं।
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेंगू और चिकन गुनिया के बाद अब स्क्रब टायफस ने औद्योगिक नगर परवाणू में पांव पसार लिए हैं। स्क्रब टायफस के अचानक 11 नए मामले आने के बाद परवाणू में हड़कंप मचा हुआ है। 10 मामले परवाणू शहर से ही हैं। एक मामला कांगड़ा से है यह युवक यहां नौकरी करता है। ईएसआई अस्पताल में 190 रोगियों में स्क्रब टायफस के लक्षण देखते हुए टेस्ट करवाए थे।
विज्ञापन
रिपोर्ट में ग्यारह मामलों में टायफस की पुष्टि की गई है। इनमें 5 मरीज महिलाएं हैं और 6 पुरुष शामिल हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक अस्पताल में पॉजिटिव आए 11 मामलों में से 2 मरीज परवाणू के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्र टकसाल, 2 कामली, 1 संडोग, 1 उच्चा परवाणू, 1-1 मरीज सेक्टर 1, 5 और 1 मरीज सेक्टर दो के आयशर गेट का शामिल है। स्क्रब टायफस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से परवाणू अस्पताल में निशुल्क टेस्ट की व्यवस्था की है। इसमें मरीजों के सैंपल लेकर शिमला भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
यह है स्क्रब टायफस
स्क्रब टायफस बुखार खतरनाक जीवाणु रिकेटशिया यानि संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है। यह झाड़ियों, खेतों, घास और घर में रहने वाले चूहों और पिस्सू में होता है। यह जीवाणु चमड़ी के जरिये शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार को पैदा करता है। इसमें मरीज की मौत भी हो सकती है।
विज्ञापन
ऐसे फैलता है स्क्रब टायफस
यह बीमारी बरसात के मौसम में अधिक तेजी से फैलती है। डॉक्टरों का कहना है कि जब लोग बरसात में काम करने के लिए घर से बाहर जाते हैं तब रास्ते में, जंगलों में या खेतों में काम करते समय पिस्सू नाम के जीवाणु के काटने से स्क्रब टायफस वायरस शरीर में चला जाता है। 48 से 72 घंटों के अंदर अपना असर दिखाना शुरू कर देता है। स्क्रब टायफस वायरस शरीर में बुखार आने के संकेत देता है।
स्क्रब टायफस के लक्षण
- इस रोग में मरीज को 104 से 105 तक बुखार आता है।
-दूसरा लक्षण है कंपकंपी और जोड़ों में दर्द होना।
-तीसरा लक्षण है शरीर का टूटना।
-अगला लक्षण है शरीर में ऐंठन और अकड़न आना
-पांचवां लक्षण है बाजू, हाथ और गर्दन में गिल्टियां होना।
बचने के उपाय
1. घर के आसपास के इलाके को साफ रखें।
2. शरीर को स्वच्छ रखें और हमेशा साफ तथा पूरे कपड़े पहनें।
3. घास और खरपतवार को घर के आसपास न उगने दें।
5. कीटनाशक दवाओं का छिड़काव घर के आसपास जरूर करें।
6. जंगल के रास्ते और खेतों में काम करते समय अपने हाथ पैरों को अच्छे से ढक कर रखें।
ग्यारह मामले पॉजिटिव : डा कपिला
चिकित्सा अधीक्षक ईएसआई अस्पताल परवाणू डॉ. विनोद कपिला ने कहा कि अस्पताल में करीब 190 मरीजों के स्क्रब टायफस के लक्षण के चलते टेस्ट करवाए गए। इसमें से 11 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। यह जानकारी सीएमओ सोलन को दे दी है। अस्पताल में स्क्रब टायफस के एलाईजा विधि से निशुल्क टेस्ट करवाए जा रहे हैं और सभी पॉजिटिव आए मरीजों पर चिकित्सक अपनी नजर बनाए हुए है।