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संयुक्त किसान मोर्चा का हो रहा गलत इस्तेमाल : भाकियू
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पांवटा में पत्रकारों से बातचीत करते भारतीय किसान यूनियन की हिमाचल इकाई अध्यक्ष अनिंदर सिंह नोटी
- फोटो : NAHAN
पांवटा साहिब (सिरमौर)। भारतीय किसान यूनियन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष अनिंदर सिंह नोटी ने कहा कि पांवटा किसान महापंचायत आयोजन के सबसे सक्रिय पदाधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है। कुछ लोग संयुक्त किसान मोर्चे का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। पांवटा में पत्रकारों से बातचीत में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष अनिंदर सिंह ने कहा कि अप्रैल माह में पांवटा को हरिपुर टोहाना मैदान में किसान महापंचायत हुई।
इसमें खालसा एड ऑर्गेनाइजेशन की केंद्रीय समिति ने पांवटा किसान महा पंचायत में लंगर पर करीब चार लाख रुपये खर्च किये थे। पहले ही तय था कि किसान महासम्मेलन के बाद बची राशि को खालसा एड को दिया जाएगा। अब किसान मोर्चा संयोजक और सह संयोजक अपनी मर्जी कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा का गठन महापंचायत तक ही किया गया था। संयुक्त किसान संगठन और प्रदेश भारतीय किसान यूनियन के सक्रिय पदाधिकारियों को विश्वास में लिए बिना खुद ही बैठक करके और आय व्यय का ब्यौरा जारी किया है।
शेष राशि को पूर्व फैसले अनुसार खालसा एड को देने की जगह बैंक खाता खोलने का भी फैसला कर लिया। बिना पंजीकरण वाली ऐसी किसी संस्था के खाते बैंक में नहीं हो सकता है। भारतीय किसान यूनियन केंद्रीय कमेटी को किसान मोर्चा पांवटा इकाई को रद्द करने का पत्र भेज दिया है।
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इस मौके पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी संयुक्त किसान मोर्चा अनिंदर सिंह नोटी, फाइट फॉर फार्मर राइट कमेटी अध्यक्ष गुरजीत सिंह सैनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाकियू चरणजीत सिंह जैलदार, ब्लॉक अध्यक्ष भाकियू जसविंदर सिंह बिलिंग, खालसा एड ऑर्गेनाइजेशन प्रदीप सिंह बंगा, जिला कार्यालय प्रभारी हरीश चौधरी, अध्यक्ष बहराल किसान मोर्चा जितेंद्र सिंह राजा, संस्थापक सदस्य फाइट परफॉर्मर राइट कमेटी गुरनाम सिंह बंगा और भाकियू पांवटा महासचिव प्रदीप सिंह मौजूद रहे।
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इसमें खालसा एड ऑर्गेनाइजेशन की केंद्रीय समिति ने पांवटा किसान महा पंचायत में लंगर पर करीब चार लाख रुपये खर्च किये थे। पहले ही तय था कि किसान महासम्मेलन के बाद बची राशि को खालसा एड को दिया जाएगा। अब किसान मोर्चा संयोजक और सह संयोजक अपनी मर्जी कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा का गठन महापंचायत तक ही किया गया था। संयुक्त किसान संगठन और प्रदेश भारतीय किसान यूनियन के सक्रिय पदाधिकारियों को विश्वास में लिए बिना खुद ही बैठक करके और आय व्यय का ब्यौरा जारी किया है।
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शेष राशि को पूर्व फैसले अनुसार खालसा एड को देने की जगह बैंक खाता खोलने का भी फैसला कर लिया। बिना पंजीकरण वाली ऐसी किसी संस्था के खाते बैंक में नहीं हो सकता है। भारतीय किसान यूनियन केंद्रीय कमेटी को किसान मोर्चा पांवटा इकाई को रद्द करने का पत्र भेज दिया है।
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इस मौके पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी संयुक्त किसान मोर्चा अनिंदर सिंह नोटी, फाइट फॉर फार्मर राइट कमेटी अध्यक्ष गुरजीत सिंह सैनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाकियू चरणजीत सिंह जैलदार, ब्लॉक अध्यक्ष भाकियू जसविंदर सिंह बिलिंग, खालसा एड ऑर्गेनाइजेशन प्रदीप सिंह बंगा, जिला कार्यालय प्रभारी हरीश चौधरी, अध्यक्ष बहराल किसान मोर्चा जितेंद्र सिंह राजा, संस्थापक सदस्य फाइट परफॉर्मर राइट कमेटी गुरनाम सिंह बंगा और भाकियू पांवटा महासचिव प्रदीप सिंह मौजूद रहे।