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प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहे हरयास और भवाई बलीच स्कूल
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ददाहू (सिरमौर)। शिक्षा खंड ददाहू के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्कूल हरयास और बलीच स्कूल में नियमित अध्यापक नहीं है। ये दोनों स्कूल प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए अध्यापकों के सहारे चल रहे हैं। ऐसे में इन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे करीब 86 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला हरयास में स्वीकृत जेबीटी के दोनों पद वर्ष 2021 से खाली चल रहे हैं। फिलहाल पाठशाला में पढ़ाई का कार्य केंद्र पाठशाला भाटगढ़ के अधीनस्थ स्कूलों के अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा है।
इस स्कूल में 39 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल की एसएमसी ने शिक्षा उपनिदेशक, स्थानीय विधायक, शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर यहां नियमित अध्यापकों की नियुक्ति का आग्रह किया है।
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उधर, राजकीय प्राथमिक पाठशाला भवाई बलीच भी प्रतिनियुक्ति अध्यापक के सहारे चल रही है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों को पढ़ाई करने में आ रही है क्योंकि केंद्रीय पाठशाला के अंतर्गत आने वाले स्कूलों से अध्यापक यहां भेजे जाते हैं। ऐसे में कुछ दिन एक अध्यापक आता है तो कुछ दिन दूसरा। बच्चों को विषय पढ़ने को लेकर भी असमंजस बना रहता है।
स्थानीय निवासी कुलदीप सिंह, सुरेंद्र, संतोष, अनिल द्वारका आदि ने बताया कि 21 अप्रैल, 2021 को यहां तैनात अध्यापक की मृत्यु के बाद पद खाली चल रहा है। इसके बाद स्कूल में किसी नियमित अध्यापक को नहीं भेजा गया है। स्कूल में वर्तमान में 47 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उक्त लोगों ने विभाग और सरकार से पदों को भरने की मांग की है।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी रक्षा गुप्ता ने बताया कि दोनों स्कूलों में रिक्त पदों के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल केंद्रीय पाठशाला के अधीन आने वाले अन्य स्कूलों से प्रतिनियुक्ति पर स्टाफ भेज कर शैक्षणिक कार्य करवाया जा रहा है।
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बेहतर शिक्षा देने के दावे फेल : सुनील
अंतरराष्ट्रीय धावक और आप नेता सुनील शर्मा ने बताया कि प्राथमिक पाठशाला भवाई बलीच में नियमित अध्यापक नहीं है। उन्होंने हाल ही में इस स्कूल का दौरा किया तो पाया कि यहां नियमित अध्यापक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार बेहतर शिक्षा देने के दावे करती है लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य है। क्षेत्र के बहुत सारे ऐसे स्कूल हैं, जो प्रतिनियुक्ति अध्यापकों के सहारे चल रहे हैं।
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राजकीय प्राथमिक पाठशाला हरयास में स्वीकृत जेबीटी के दोनों पद वर्ष 2021 से खाली चल रहे हैं। फिलहाल पाठशाला में पढ़ाई का कार्य केंद्र पाठशाला भाटगढ़ के अधीनस्थ स्कूलों के अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा है।
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इस स्कूल में 39 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल की एसएमसी ने शिक्षा उपनिदेशक, स्थानीय विधायक, शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर यहां नियमित अध्यापकों की नियुक्ति का आग्रह किया है।
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उधर, राजकीय प्राथमिक पाठशाला भवाई बलीच भी प्रतिनियुक्ति अध्यापक के सहारे चल रही है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों को पढ़ाई करने में आ रही है क्योंकि केंद्रीय पाठशाला के अंतर्गत आने वाले स्कूलों से अध्यापक यहां भेजे जाते हैं। ऐसे में कुछ दिन एक अध्यापक आता है तो कुछ दिन दूसरा। बच्चों को विषय पढ़ने को लेकर भी असमंजस बना रहता है।
स्थानीय निवासी कुलदीप सिंह, सुरेंद्र, संतोष, अनिल द्वारका आदि ने बताया कि 21 अप्रैल, 2021 को यहां तैनात अध्यापक की मृत्यु के बाद पद खाली चल रहा है। इसके बाद स्कूल में किसी नियमित अध्यापक को नहीं भेजा गया है। स्कूल में वर्तमान में 47 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उक्त लोगों ने विभाग और सरकार से पदों को भरने की मांग की है।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी रक्षा गुप्ता ने बताया कि दोनों स्कूलों में रिक्त पदों के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल केंद्रीय पाठशाला के अधीन आने वाले अन्य स्कूलों से प्रतिनियुक्ति पर स्टाफ भेज कर शैक्षणिक कार्य करवाया जा रहा है।
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बेहतर शिक्षा देने के दावे फेल : सुनील
अंतरराष्ट्रीय धावक और आप नेता सुनील शर्मा ने बताया कि प्राथमिक पाठशाला भवाई बलीच में नियमित अध्यापक नहीं है। उन्होंने हाल ही में इस स्कूल का दौरा किया तो पाया कि यहां नियमित अध्यापक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार बेहतर शिक्षा देने के दावे करती है लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य है। क्षेत्र के बहुत सारे ऐसे स्कूल हैं, जो प्रतिनियुक्ति अध्यापकों के सहारे चल रहे हैं।