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अपने हक की आवाज उठाने वालों को सरकार ने डाल दिया जेल में
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नाहन (सिरमौर)। देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं देवभूमि सवर्ण संगठन के सदस्यों का नाहन में चल रहा क्रमिक अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। क्रमिक अनशन पर बैठे मोर्चा के सदस्यों ने प्रदेश सरकार की मानसिकता पर सवाल खड़े किए।
मौके पर मौजूद संजू सिंह, अजय ठाकुर, लवली चौहान, अशोक ठाकुर, संदीप तोमर, अनिल ठाकुर, सुनील पुंडीर, हेमचंद ठाकुर, सीता राम शर्मा, सुरेश पुंडीर, जितेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार ने सवर्ण मोर्चा से जुड़े नेताओं की गलत गिरफ्तारी की है। सरकार ने विधानसभा के बाहर मोर्चा के लोगों को सामान्य आयोग के गठन को लेकर 90 दिन के भीतर एक्ट बनाने का वादा किया था। सरकार ने 90 दिन के बाद एक्ट बनाना तो दूर उसका नाम भी लेना पसंद नहीं किया।
इसके बाद मोर्चा ने जब शिमला घेराव का आह्वान किया तो वहां धारा-144 लगा दी गई। हैरानी तो यह है कि जब मोर्चा के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश से अपने-अपने घरों से शिमला के लिए कूच कर रहे थे उनको रास्ते में ही रोक दिया गया। उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद जो हुआ सबके सामने हैं।
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उन्होंने कहा कि गुड़िया कांड के दरिंदे आज भी खुले में हैं। जबकि सरकार से अपने हक की मांग कर रहे सवर्ण मोर्चा के लोगों को जेल मेें डाल दिया गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि मोर्चा से जुड़े सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि क्रमिक अनशन के बाद वह उपायुक्त के जरिए सरकार को ज्ञापन भेजेंगे। हमें विश्वास है कि सरकार उनकी बात को समझेगी और लोकतंत्र की मर्यादा के अनुरूप कार्य करते हुए गिरफ्तार किए लोगों को रिहा करेगी।
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मौके पर मौजूद संजू सिंह, अजय ठाकुर, लवली चौहान, अशोक ठाकुर, संदीप तोमर, अनिल ठाकुर, सुनील पुंडीर, हेमचंद ठाकुर, सीता राम शर्मा, सुरेश पुंडीर, जितेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार ने सवर्ण मोर्चा से जुड़े नेताओं की गलत गिरफ्तारी की है। सरकार ने विधानसभा के बाहर मोर्चा के लोगों को सामान्य आयोग के गठन को लेकर 90 दिन के भीतर एक्ट बनाने का वादा किया था। सरकार ने 90 दिन के बाद एक्ट बनाना तो दूर उसका नाम भी लेना पसंद नहीं किया।
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इसके बाद मोर्चा ने जब शिमला घेराव का आह्वान किया तो वहां धारा-144 लगा दी गई। हैरानी तो यह है कि जब मोर्चा के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश से अपने-अपने घरों से शिमला के लिए कूच कर रहे थे उनको रास्ते में ही रोक दिया गया। उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद जो हुआ सबके सामने हैं।
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उन्होंने कहा कि गुड़िया कांड के दरिंदे आज भी खुले में हैं। जबकि सरकार से अपने हक की मांग कर रहे सवर्ण मोर्चा के लोगों को जेल मेें डाल दिया गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि मोर्चा से जुड़े सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि क्रमिक अनशन के बाद वह उपायुक्त के जरिए सरकार को ज्ञापन भेजेंगे। हमें विश्वास है कि सरकार उनकी बात को समझेगी और लोकतंत्र की मर्यादा के अनुरूप कार्य करते हुए गिरफ्तार किए लोगों को रिहा करेगी।
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