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श्री रेणुकाजी सीट पर 36 साल में सिर्फ एक बार ही खिला कमल
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नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर की श्रीरेणुकाजी सीट पर पिछले साढ़े तीन दशक से कांग्रेस के एक ही परिवार का दबदबा रहा। 2011 के उपचुनाव में महज एक बार ही भाजपा यहां कमल खिला पाई थी। इससे पहले डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस के टिकट पर 1990 का चुनाव छोड़ छह बार रेणुकाजी से विधायक रहे। जबकि, 2012 के विधानसभा चुनाव के बाद उनके बेटे विनय कुमार दो बार विधायक रह चुके हैं।
इस बार कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार के समक्ष उनके मामा के बेटे नारायण सिंह भाजपा प्रत्याशी हैं। भाजपा ने इस मर्तबा इस सीट से नए चेहरे को मैदान में उतारा है। आपस में मामा-बुआ के लड़के होने के नाते दोनों में भाई का रिश्ता होने से इस सीट पर दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
यह अलग बात है कि रेणुकाजी भाजपा के भीतर पार्टी में बिखराव भी किसी से छिपा नहीं है। यहां से टिकट के दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होने से पार्टी भीतरघात के खतरे से कैसे निपटेगी, ये चुनावी नतीजे तय करेंगे।
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जहां तक कांग्रेस प्रत्याशी की बात है तो हाटी समुदाय की मांग को लेकर अपना पक्ष मजबूती से न रख पाने के चलते विनय कुमार को भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इस सीट से राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी से जगमोहन सिंह और आप से रामकिशन चुनावी मैदान में हैं।
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हिमाचल निर्माता भी दो बार रहे विधायक
बता दें कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र आरक्षित होने के बाद दो बार हिमाचल निर्माता एवं पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार भी श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे।
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2017 में हुआ 77.60 प्रतिशत मतदान
2017 के विस चुनाव में यहां 77.60 फीसदी मतदान हुआ। कांग्रेस के विनय कुमार को 22,028, भाजपा के बलवीर सिंह को 16,868, निर्दलीय प्रत्याशी हृदयाराम को 12,069 और नोटा को 885 मत पड़े थे। इस सीट से विनय कुमार 5,160 मतों से जीत कर विधानसभा पहुंचे थे।
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73,600 मतदाता करेंगे मत का प्रयोग
यहां की 62 पंचायतों में 73,600 मतदाता हैं। इसमें 38,072 पुरुष और 35,528 महिला मतदाता हैं। यहां 124 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
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कब कौन जीता
वर्ष विधायक पार्टी
1952 धर्म सिंह कांग्रेस
1953 वैद्य सूरत सिंह कांग्रेस
1957 गुमान सिंह कांग्रेस
1962 जालम सिंह कांग्रेस
1967 डॉ. वाईएस परमार कांग्रेस
1972 डॉ. वाईएस परमार कांग्रेस
1977 रूप सिंह जनता दल
1982 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
1985 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
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कब कौन जीता
वर्ष विधायक पार्टी
1990 रूप सिंह जनता दल
1993 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
1998 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
2003 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
2007 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
2011 हृदयाराम भाजपा
2012 विनय कुमार कांग्रेस
2017 विनय कुमार कांग्रेस
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इस बार कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार के समक्ष उनके मामा के बेटे नारायण सिंह भाजपा प्रत्याशी हैं। भाजपा ने इस मर्तबा इस सीट से नए चेहरे को मैदान में उतारा है। आपस में मामा-बुआ के लड़के होने के नाते दोनों में भाई का रिश्ता होने से इस सीट पर दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
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यह अलग बात है कि रेणुकाजी भाजपा के भीतर पार्टी में बिखराव भी किसी से छिपा नहीं है। यहां से टिकट के दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होने से पार्टी भीतरघात के खतरे से कैसे निपटेगी, ये चुनावी नतीजे तय करेंगे।
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जहां तक कांग्रेस प्रत्याशी की बात है तो हाटी समुदाय की मांग को लेकर अपना पक्ष मजबूती से न रख पाने के चलते विनय कुमार को भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इस सीट से राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी से जगमोहन सिंह और आप से रामकिशन चुनावी मैदान में हैं।
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हिमाचल निर्माता भी दो बार रहे विधायक
बता दें कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र आरक्षित होने के बाद दो बार हिमाचल निर्माता एवं पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार भी श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे।
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2017 में हुआ 77.60 प्रतिशत मतदान
2017 के विस चुनाव में यहां 77.60 फीसदी मतदान हुआ। कांग्रेस के विनय कुमार को 22,028, भाजपा के बलवीर सिंह को 16,868, निर्दलीय प्रत्याशी हृदयाराम को 12,069 और नोटा को 885 मत पड़े थे। इस सीट से विनय कुमार 5,160 मतों से जीत कर विधानसभा पहुंचे थे।
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73,600 मतदाता करेंगे मत का प्रयोग
यहां की 62 पंचायतों में 73,600 मतदाता हैं। इसमें 38,072 पुरुष और 35,528 महिला मतदाता हैं। यहां 124 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
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कब कौन जीता
वर्ष विधायक पार्टी
1952 धर्म सिंह कांग्रेस
1953 वैद्य सूरत सिंह कांग्रेस
1957 गुमान सिंह कांग्रेस
1962 जालम सिंह कांग्रेस
1967 डॉ. वाईएस परमार कांग्रेस
1972 डॉ. वाईएस परमार कांग्रेस
1977 रूप सिंह जनता दल
1982 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
1985 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
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कब कौन जीता
वर्ष विधायक पार्टी
1990 रूप सिंह जनता दल
1993 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
1998 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
2003 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
2007 डॉ. प्रेम सिंह कांग्रेस
2011 हृदयाराम भाजपा
2012 विनय कुमार कांग्रेस
2017 विनय कुमार कांग्रेस