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एक वर्ष से सड़कों पर खड़ी स्कूलों की बसों का टैक्स हो माफ: एमएस राठौर
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निजी स्कूल एसोसिएशन की पांवटा में आयोजित बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारी व सदस्य।
- फोटो : NAHAN
पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश निजी स्कूल संघ पांवटा साहिब की बैठक बीकेडी स्कूल पांवटा में आयोजित हुई जिसकी अध्यक्षता इकाई अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौर ने की। इसमें निजी स्कूलों के मौजूदा विषम हालतों समेत विभिन्न मांगों और समस्याओं पर भी मंथन किया गया। स्कूल संचालकों ने बैठक में सरकार से कोरोना महामारी के चलते एक वर्ष से सड़कों पर खड़ी निजी स्कूलों की बसों का टैक्स माफ करने की मांग उठाई गई।
बैठक में मौजूद महासचिव अक्षय शर्मा, ललित शर्मा, यशपाल सैनी, वंदना बंसल, आरती पराशर, विमला जिंदल, नेक राम, रणवीर सिंह, विमला चौहान, पदम सिंह, हरीश चौधरी और भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय निजी शिक्षण संस्थानों को बंद हुए हो चुका है। इसके कारण स्कूलों की आर्थिक स्थिति बहुत ही विषम हो चुकी है। विशेषकर ऐसे स्कूल जो कि ग्रामीण अंचल में बसे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे में प्रदेश सरकार से आग्रह है कि अन्य संस्थाओं की भांति निजी स्कूलों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। सरकार ऐसे निजी विद्यालयों में पढ़ा रहे अध्यापकों के वेतन की भी व्यवस्था करें, अन्यथा ऐसे अध्यापकों का भी रोजगार जाता रहेगा। निजी स्कूलों की एक वर्ष से बसें सड़क पर नहीं चल सकी हैं। इसलिए सरकार निजी स्कूलों के खुलने तक स्कूल बसों का टैक्स माफ करें।
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बैठक में मौजूद महासचिव अक्षय शर्मा, ललित शर्मा, यशपाल सैनी, वंदना बंसल, आरती पराशर, विमला जिंदल, नेक राम, रणवीर सिंह, विमला चौहान, पदम सिंह, हरीश चौधरी और भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय निजी शिक्षण संस्थानों को बंद हुए हो चुका है। इसके कारण स्कूलों की आर्थिक स्थिति बहुत ही विषम हो चुकी है। विशेषकर ऐसे स्कूल जो कि ग्रामीण अंचल में बसे हैं।
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उन्होंने कहा कि ऐसे में प्रदेश सरकार से आग्रह है कि अन्य संस्थाओं की भांति निजी स्कूलों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। सरकार ऐसे निजी विद्यालयों में पढ़ा रहे अध्यापकों के वेतन की भी व्यवस्था करें, अन्यथा ऐसे अध्यापकों का भी रोजगार जाता रहेगा। निजी स्कूलों की एक वर्ष से बसें सड़क पर नहीं चल सकी हैं। इसलिए सरकार निजी स्कूलों के खुलने तक स्कूल बसों का टैक्स माफ करें।
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