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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में खून जांच की सुविधा नहीं, मरीज परेशान
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सतौन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर के गिरिपार इलाके में खासकर शिलाई विधानसभा क्षेत्र की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामभरोसे चल रहे हैं। ग्रामीणों को खून की जांच तक की सुविधा भी यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों का मर्ज लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र के लोग छोटे-मोटे टेस्ट के लिए शहर के अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं।
हालत यह है कि टेस्ट कराए बगैर ही ज्यादातर रोगी दवाई ले रहे हैं। इससे रोगी की असल मर्ज का पता ही नहीं चल पा रहा। क्षेत्र में मूलभूत सुविधा के अभाव में दर्जनों पंचायतों के हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं।
बता दें कि स्वास्थ्य खंड राजपुर के अंतर्गत सतौन, कमरऊ, कफोटा, जाखना और कांटी मशवा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं लेकिन यहां खून जांच की भी सुविधा नहीं। कमरऊ और कफोटा में छोटी मोटी जांच करने के लिए लैब खोली है लेकिन यहां प्रयोगशाला तकनीशियन नहीं है। गिरिपार में एक जनरल लैब खोलने की सख्त आवश्यकता है।
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बीएमओ डॉ. अजय देयोल ने बताया कि एक जनरल लैब गिरिपार क्षेत्र में खोलने की आवश्यकता है। यदि पंचायत से लैब खोलने की कोई मांग आती है तो उसे स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
.......
क्या कह रहे ग्रामीण
ग्रामीण रामचंद कपूर ने बताया कि पांशी बेल्ट की पांच पंचायतें और कफोटा तक के लोगों के लिए सतौन में जनरल लैब खुलनी चाहिए, जिसमें सभी प्रकार के टेस्ट हों। ग्रामीण जितेंद्र चौहान ने बताया कि लैब की बहुत आवश्यकता है।
कोरोना काल में खून जांच की सुविधा सर्वप्रथम होनी चाहिए। डॉ. जयचंद शर्मा ने बताया कि खून जांच की व्यवस्था हो तो असल बीमारी का पता लग सकता है। सुरेंद्र ने बताया कि सतौन 10 पंचायतों का केंद्र बिंदु है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग और सरकार को एक जनरल लैब खोलनी चाहिए। कुलदीप शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को एक्सरे और खून जांच की मूलभूत सुविधा मुहैया करवानी चाहिए। शमशेर गुप्ता ने कहा कि जहां सरकार पीएचसी और डिस्पेंसरी खोल रही है वहीं खून जांच और एक्सरे जैसी सुविधा मिलनी चाहिए।
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हालत यह है कि टेस्ट कराए बगैर ही ज्यादातर रोगी दवाई ले रहे हैं। इससे रोगी की असल मर्ज का पता ही नहीं चल पा रहा। क्षेत्र में मूलभूत सुविधा के अभाव में दर्जनों पंचायतों के हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं।
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बता दें कि स्वास्थ्य खंड राजपुर के अंतर्गत सतौन, कमरऊ, कफोटा, जाखना और कांटी मशवा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं लेकिन यहां खून जांच की भी सुविधा नहीं। कमरऊ और कफोटा में छोटी मोटी जांच करने के लिए लैब खोली है लेकिन यहां प्रयोगशाला तकनीशियन नहीं है। गिरिपार में एक जनरल लैब खोलने की सख्त आवश्यकता है।
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बीएमओ डॉ. अजय देयोल ने बताया कि एक जनरल लैब गिरिपार क्षेत्र में खोलने की आवश्यकता है। यदि पंचायत से लैब खोलने की कोई मांग आती है तो उसे स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
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क्या कह रहे ग्रामीण
ग्रामीण रामचंद कपूर ने बताया कि पांशी बेल्ट की पांच पंचायतें और कफोटा तक के लोगों के लिए सतौन में जनरल लैब खुलनी चाहिए, जिसमें सभी प्रकार के टेस्ट हों। ग्रामीण जितेंद्र चौहान ने बताया कि लैब की बहुत आवश्यकता है।
कोरोना काल में खून जांच की सुविधा सर्वप्रथम होनी चाहिए। डॉ. जयचंद शर्मा ने बताया कि खून जांच की व्यवस्था हो तो असल बीमारी का पता लग सकता है। सुरेंद्र ने बताया कि सतौन 10 पंचायतों का केंद्र बिंदु है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग और सरकार को एक जनरल लैब खोलनी चाहिए। कुलदीप शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को एक्सरे और खून जांच की मूलभूत सुविधा मुहैया करवानी चाहिए। शमशेर गुप्ता ने कहा कि जहां सरकार पीएचसी और डिस्पेंसरी खोल रही है वहीं खून जांच और एक्सरे जैसी सुविधा मिलनी चाहिए।