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Sirmour News: नाग पंचमी पर सालवाला स्थित नाग देवता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
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- नाग देवता मंदिर में नाग पंचमी पर पूजा अर्चना करने पहुंचे श्रद्वालू: संवाद
नाग पंचमी पर सालवाला स्थित नाग देवता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
भगवान शिव के प्रिय नागदेवता का हुआ पूजन और लगाए गए भंडारे
नाग पंचमी के दिन नाग देवता उपासना करने से मिलता है विशेष फल
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र की डोबरी सालवाला पंचायत में स्थित नाग देवता मंदिर में नाग पंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान हिमाचल के पांवटा क्षेत्र के साथ ही रेणुका, शिलाई, कमरऊ, सतौन, शमाह व उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र से श्रद्धालु पहुंचे। नाग देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। नाग पंचमी के दिए विशेष पूजा व भंडारा आयोजित करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
पुजारी गीता राम शर्मा, मुखराम, गंगा राम, राम स्वरुप, प्रमोद शर्मा, मामराज, प्रकाश शर्मा, सीता राम व संतराम पुजारी ने कहा कि हिंदू धर्म में नाग पंचमी को एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। खास कर सावन माह में पड़ने वाले इस पर्व पर नाग देवता की पूजा हर वर्ष की जाती है। सावन माह में भगवान शिव व उनके प्रिय नागों की पूजा होती है।
शुक्रवार को सुबह से ही काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए जिन्होंने नाग पंचमी के दिन विधिवत नाग देवता का पूजन किया। इस वर्ष नाग पंचमी शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आई है। पुरुवाला निवासी पंडित रमेश कुमार, रामकृष्ण शर्मा व रोबिन ने कहा कि इस पंचमी के दिन विशेषरूप से नागों की पूजा की जाती है। सात नागों की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और सर्प भय से मुक्ति मिलती है।
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प्रमोद कुमार शर्मा व संतराम शर्मा ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग देवता को दूध और धान का लावा चढ़ाने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन नाग देवता की पूजा करने पर जीवन में कई तरह के ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। वहीं जिन जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है उनको नाग पंचमी के दिन नाग देवता की उपासना करने से विशेष फल मिलता है। इस दौरान मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
संवाद
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भगवान शिव के प्रिय नागदेवता का हुआ पूजन और लगाए गए भंडारे
नाग पंचमी के दिन नाग देवता उपासना करने से मिलता है विशेष फल
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र की डोबरी सालवाला पंचायत में स्थित नाग देवता मंदिर में नाग पंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान हिमाचल के पांवटा क्षेत्र के साथ ही रेणुका, शिलाई, कमरऊ, सतौन, शमाह व उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र से श्रद्धालु पहुंचे। नाग देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। नाग पंचमी के दिए विशेष पूजा व भंडारा आयोजित करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
पुजारी गीता राम शर्मा, मुखराम, गंगा राम, राम स्वरुप, प्रमोद शर्मा, मामराज, प्रकाश शर्मा, सीता राम व संतराम पुजारी ने कहा कि हिंदू धर्म में नाग पंचमी को एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। खास कर सावन माह में पड़ने वाले इस पर्व पर नाग देवता की पूजा हर वर्ष की जाती है। सावन माह में भगवान शिव व उनके प्रिय नागों की पूजा होती है।
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शुक्रवार को सुबह से ही काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए जिन्होंने नाग पंचमी के दिन विधिवत नाग देवता का पूजन किया। इस वर्ष नाग पंचमी शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आई है। पुरुवाला निवासी पंडित रमेश कुमार, रामकृष्ण शर्मा व रोबिन ने कहा कि इस पंचमी के दिन विशेषरूप से नागों की पूजा की जाती है। सात नागों की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और सर्प भय से मुक्ति मिलती है।
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प्रमोद कुमार शर्मा व संतराम शर्मा ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग देवता को दूध और धान का लावा चढ़ाने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन नाग देवता की पूजा करने पर जीवन में कई तरह के ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। वहीं जिन जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है उनको नाग पंचमी के दिन नाग देवता की उपासना करने से विशेष फल मिलता है। इस दौरान मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
संवाद

- नाग देवता मंदिर में नाग पंचमी पर पूजा अर्चना करने पहुंचे श्रद्वालू: संवाद